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चक्रवात ‘दित्वाह’ गहरे अवदाब में तब्दील होकर कमजोर हुआ, श्रीलंका में फंसे 104 भारतीयों को देश लाया गया

सोमवार को तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। तिरुवल्लुर जिले के कुछ इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है। चे

चक्रवात दित्वाह अब गहरे अवदाब में तब्दील हो चुका है। राहत की बात यह है कि शुरुआत में जिस भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर तमिलनाडु के उत्तरी जिलों में अलर्ट जारी किया गया था, अब उसका खतरा कम हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक सिस्टम ने ताकत खो दी है और तमिलनाडु–पुडुचेरी तट के समानांतर चलते हुए धीरे-धीरे कमजोर हुआ है। हालांकि मौसम विभाग के अलर्ट के चलते पुडुचेरी में सोमवार भी स्कूलों को बंद रखा गया है।

सोमवार को तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। तिरुवल्लुर जिले के कुछ इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है। चेन्नई और आसपास का आसमान ज्यादातर बादलों से ढका रहेगा और कुछ जगहों पर बिजली कड़कने के साथ मध्यम बारिश हो सकती है। छह दिसंबर तक कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा बने रहने की संभावना जताई गई है।

समुद्री क्षेत्रों में हालात अभी भी चुनौतीपूर्ण हैं। गल्फ ऑफ मन्नार, कुमारी सागर और दक्षिण–पश्चिम बंगाल की खाड़ी के हिस्सों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी है। मछुआरों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे समुद्र में न जाएं।

चेन्नई के मरीना बीच पर तेज हवाओं, ज्वार और तबाही की तस्वीरें सामने आई हैं। इसी बीच एआईएडीएमके के राज्य सचिव अंबाझगन ने बारिश से प्रभावित रेड कार्ड परिवारों को 10,000 रुपये और येलो कार्ड परिवारों को 5,000 रुपये की राहत राशि देने की मांग की है।

रविवार सुबह तक के 24 घंटे के आंकड़ों में सबसे ज्यादा 19 सेंटीमीटर बारिश कराईकल में दर्ज की गई। मायिलादुथुरै जिले के सेंबनारकोविल में 17 सेंटीमीटर, नागपट्टिनम और मायिलादुथुरै शहर में 15-15 सेंटीमीटर, जबकि सिर्काझी और तिरुवारुर में 14 सेंटीमीटर बारिश हुई। नागपट्टिनम के तिरुपोंडी और तंजावुर के कुरुंगुलम में 13 सेंटीमीटर दर्ज हुए। नागपट्टिनम के कोडियाकरै और वेदारण्यम, तिरुवारुर के नन्नीलम और कड्डलोर जिले के सेथियाथोप्पू में 12 सेंटीमीटर वर्षा हुई, जिससे तटीय इलाकों में लगातार बारिश का सिलसिला जारी रहा।

करीब 180 किलोमीटर फैलाव वाला यह सिस्टम इस वक्त पुदुचेरी से 110 किलोमीटर दक्षिण–पूर्व, वेदारण्यम से 140 किलोमीटर उत्तर–पूर्व और चेन्नई से 180 किलोमीटर दक्षिण–दक्षिणपूर्व में स्थित रहा। हालांकि यह समुद्र में ही बना रहा और तट से नहीं टकराया। विशेषज्ञों का कहना है कि कमजोरी जारी रही तो मौसम तंत्र और तट के बीच की दूरी करीब 30 किलोमीटर तक सीमित रह सकती है। इसकी घटती तीव्रता के चलते बड़े पैमाने पर भारी बारिश का खतरा कम हो गया है। कुछ घंटों में यह एक सुव्यवस्थित कम दबाव क्षेत्र में बदल सकता है।

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सैकड़ों गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में शिफ्ट किया गया

आंध्र प्रदेश प्रशासन ने भारी बारिश की आशंका वाले जिलों में करीब 7,900 गर्भवती महिलाओं की पहचान की है, जिनमें से 375 को पहले ही अस्पतालों में शिफ्ट किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बाकी महिलाओं को भी जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा ताकि समय पर इलाज मिल सके। रायालसीमा और दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश में रविवार रात और सोमवार को तेज हवाओं और बारिश से किसानों पर बड़ा असर पड़ सकता है। उत्तरी तटीय आंध्र और यानम के आसपास सोमवार को 35–45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

श्रीलंका में फंसे 104 भारतीयों को देश लाया गया

दूसरी तरफ, श्रीलंका में स्थिति गंभीर बनी हुई है। चक्रवात दित्वाह से तबाह देश में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिए गए हैं। वहां से फंसे भारतीयों की आखिरी खेप को सोमवार सुबह वतन लाया गया। कोलंबो के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 104 भारतीयों को भारतीय वायुसेना के विमान से तिरुवनंतपुरम पहुंचाया गया।

ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ के तहत वायुसेना ने कई हिस्सों में हाइब्रिड रेस्क्यू मिशन चलाया। कोत्माले में प्रतिबंधित इलाके से 24 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया, जिनमें भारतीय, विदेशी और श्रीलंकाई नागरिक शामिल थे। तीन गंभीर मरीजों को तुरंत अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। श्रीलंकाई सेना के 40 जवानों को भी प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए एयरलिफ्ट किया गया।

श्रीलंका में एक परिवार को छत से सीधे आईएनएस विक्रांत के चेतक हेलिकॉप्टर से बचाया गया। एनडीआरएफ टीमें भी स्थानीय एजेंसियों के साथ राहत कार्यों में जुटी हैं। बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के बीच संचार व्यवस्था कई इलाकों में प्रभावित हुई है। इसी को देखते हुए श्रीलंका के राष्ट्रपति ने दूरसंचार कंपनियों से आपातकालीन कॉल को प्राथमिकता देने का आदेश दिया है।

दित्वाह से अब तक 334 लोगों की मौत

स्थानीय मीडिया के अनुसार, श्रीलंका में अब तक 334 लोगों की मौत हो चुकी है और 370 लापता हैं। कंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा जहां 88 मौतें और 150 लोग लापता हैं। बडुल्ला में 71, नुवारा इलिया में 68 और माताले में 23 लोगों की जान गई। देशभर में 3 लाख से अधिक परिवार और 11 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।

राष्ट्रपति अनुर कुमार डिसानायके ने इसे देश का सबसे बड़ा प्राकृतिक संकट बताया है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सरकार आपातकाल से राहत और पुनर्निर्माण की पूरी जिम्मेदारी निभाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी को भी मदद से वंचित नहीं छोड़ा जाएगा और देश को पहले से भी मजबूत स्थिति में लौटाया जाएगा। उन्होंने सेना, नौसेना और वायुसेना के प्रयासों की सराहना करते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अपील की और राजनीतिक दलों से एकजुट होकर काम करने की अपील की।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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