कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हिंसा का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हुई हिंसक घटनाओं में भाजपा के दो और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई। कई जिलों में आगजनी, तोड़फोड़ और झड़पों की घटनाएं भी सामने आई हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राज्य प्रशासन को तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की कथित तौर पर टीएमसी समर्थकों द्वारा पिटाई के बाद मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार शाम भाजपा की विजय रैली के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद मधु मंडल पर हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल मंडल को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। भाजपा समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम किया और कुछ स्थानों पर टीएमसी कार्यकर्ताओं के घरों पर हमला करने की कोशिश की। हालात काबू में करने के लिए पुलिस के साथ केंद्रीय बलों की तैनाती करनी पड़ी।
बीरभूम में टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या
बीरभूम जिले के नानूर थाना क्षेत्र के संतोषपुर गांव में टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, स्थानीय विवाद के दौरान उन पर हमला किया गया, जिसमें एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ है।
नानूर से टीएमसी विधायक विधान माझी ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने इस हत्या को अंजाम दिया है। वहीं भाजपा नेता श्यामापद मंडल ने आरोपों को खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हावड़ा में भाजपा कार्यकर्ता की मौत
हावड़ा जिले के उदयनारायणपुर क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ता यादव बर की मौत की घटना भी सामने आई है। मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया कि विजय उत्सव के दौरान ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाने और गुलाल खेलने को लेकर उन पर हमला किया गया, जिससे उनकी जान चली गई।
कई जिलों में आगजनी और तोड़फोड़
राज्य के कई हिस्सों से हिंसा और तोड़फोड़ की खबरें आई हैं। कोलकाता के टालीगंज स्थित बिजयगढ़-नेताजी नगर इलाके में पूर्व मंत्री अरूप विश्वास के चुनाव कार्यालय में तोड़फोड़ की गई। कस्बा के रूबी क्रॉसिंग स्थित टीएमसी पार्षद कार्यालय पर भी हमला हुआ।
इसके अलावा बारुईपुर, कमरहाटी, बारानगर, बहारामपुर, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, मुर्शिदाबाद और अन्य जिलों में पार्टी कार्यालयों में आगजनी और हमले की घटनाएं सामने आई हैं। कुछ जगहों पर भीड़ भाजपा के झंडे लिए हुए देखी गई, हालांकि सभी घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। हावड़ा जिले में एक पूर्व टीएमसी पार्षद के साथ मारपीट की भी सूचना है।
चुनाव आयोग का सख्त रुख
बढ़ती हिंसा के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी, कोलकाता पुलिस आयुक्त और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के वरिष्ठ अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और स्थानीय पुलिस अधिकारियों को लगातार गश्त करने और हिंसा में शामिल लोगों की तुरंत गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा गया है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव बाद किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर सुनियोजित हिंसा फैलाने का आरोप लगाया है। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह टीएमसी के अंदरूनी संघर्ष का नतीजा हो सकता है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने कहा, “बंगाल की राजनीतिक संस्कृति बदलनी होगी। हमने अपने कार्यकर्ताओं को साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह भाजपा का ही कार्यकर्ता क्यों न हो।”

