नई दिल्लीः समाजवादी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) से नाता तोड़ लिया है। सपा का यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब हाल ही में पश्चिम बंगाल के नतीजों में सत्तारूढ़ टीएमसी को करारा झटका लगा है। पार्टी मात्र 80 सीटों पर जीत दर्ज कर पाई है।
बंगाल में टीएमसी के लिए आई-पैक चुनावी प्रबंधन का काम देख रही थी। चुनाव के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आई-पैक के डायरेक्टर विनेश चंदेल को कथित तौर पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी बंगाल के कोयला तस्करी मामले में की गई थी। हालांकि 30 अप्रैल को चंदेल को दिल्ली की पटियाला कोर्ट ने जमानत दी थी।
सपा, I-PAC का नहीं हो सका समझौता
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से लिखा उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सपा और आई-पैक के बीच समझौता लगभग अंतिर दौर में था। कंपनी ने पार्टी को अपना खाका भी पेश कर दिया था। हालांकि, इस पर अभी कोई समझौता नहीं हो सका है। हालांकि, फर्म के साथ किसी समझौते को लेकर न तो पहले सपा की तरफ से कोई आधिकारिक टिप्पणी आई थी न ही अब जब समझौता नहीं हो सका है।
पार्टी के नेताओं ने बताया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव आई-पैक के साथ काम करने के इच्छुक नहीं थे। हालांकि टीएमसी के कहने पर ही उन्होंने आई-पैक पर विचार किया था। अभी जब फर्म कई चुनौतियों का सामना कर रही है तो सपा आगे बातचीत करने की इच्छुक नहीं है।

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आई-पैक 2019 से पश्चिम बंगाल में टीएमसी का चुनाव प्रचार देख रही थी। फर्म ने उत्तर प्रदेश में आगामी चुनाव में सपा के लिए सेवाएं देने का प्रस्ताव दिया था। वहीं, दूसरी तरफ अन्य सूत्रों ने दावा किया कि कई मोर्चों पर चुनौतियों से जूझ रही आई-पैक फिलहाल नए कार्यभार लेने की स्थिति में नहीं है।
ईडी ने चुनाव प्रचार के दौरान मारा था छापा
पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के बीच ईडी ने फर्म के कोलकाता स्थित कार्यालय पर छापा मारा था। इसको लेकर भी आई-पैक और टीएमसी के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
गौरतलब है कि प्रशांत किशोर के आई-पैक छोड़ने के बाद अब कार्यभार प्रतीक जैन संभाल रहे हैं। कंपनी ने कई बड़े नेताओं के लिए काम किया जिसमें 2014 में भाजपा, 2015 में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और कांग्रेस के लिए 2017 में काम किया। इसके साथ ही टीएमसी के लिए भी चुनाव प्रबंध का काम किया। हाल ही में 5 राज्यों के चुनाव में फर्म पश्चिम बंगाल में टीएमसी और तमिलनाडु में डीएमके के लिए चुनावी प्रबंधन का जिम्मा संभाल रही थी।
उम्मीद थी कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए फर्म उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी सपा के लिए चुनावी प्रबंधन का जिम्मा देखती है लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में ऐसा संभव नहीं है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ममता की हार के बाद बुधवार (6 मई) को पश्चिम बंगाल पहुंच रहे हैं।

