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जोसेफ विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, ये 9 लोग बने मंत्री

विजय के साथ ही 9 मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण किया। इनमें एन. आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. केजी अरुणराज, केए सेंगोत्तैयन, पी. वेंकटरमणन, आर. निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टीके प्रभु और सेल्वी एस कीर्तना शामिल हैं।

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Man in a dark suit speaks into a microphone at a podium, holding a folder, with a bright orange backdrop and people behind him.
तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री बने जोसेफ विजय।

तमिलनाडु में आज से ‘विजय’ युग की शुरुआत हो गई। तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख और अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विजय को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। विजय ने तमिल में शपथ ली। इस मौके पर कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल थे।

विजय के साथ ही 9 मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण किया। इनमें एन. आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. केजी अरुणराज, केए सेंगोत्तैयन, पी. वेंकटरमणन, आर. निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टीके प्रभु और सेल्वी एस कीर्तना शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर सी. जोसेफ विजय को बधाई दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने पर थिरु सी. जोसेफ विजय को हार्दिक बधाई। उनके कार्यकाल के सफल और उल्लेखनीय होने की शुभकामनाएं। केंद्र सरकार तमिलनाडु सरकार के साथ साझेदारी में काम करते हुए राज्य के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी।”

इस कैबिनेट में चेन्नई का वर्चस्व नजर आया, जहां से खुद मुख्यमंत्री विजय (पेरम्बूर) और 4 अन्य मंत्री आते हैं। दक्षिणी तमिलनाडु से 3 और पश्चिमी बेल्ट (कोंगु क्षेत्र) से 2 मंत्रियों को जगह दी गई है। कैबिनेट में एक महिला प्रतिनिधि (एस. कीर्तना) और एक अनुसूचित जाति (SC) प्रतिनिधि (ए. राजमोहन) को शामिल कर सामाजिक न्याय का संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।

बता दें कि यह 1967 के बाद पहली बार है, जब राज्य में द्रविड़ राजनीति की दो बड़ी पार्टियों डीएमके और एआईएडीएमके के अलावा किसी अन्य दल ने सत्ता हासिल की है। 1967 में सीएन अन्नादुरई ने तमिलनाडु में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार बनाई थी। इसके दस साल बाद एमजी रामचंद्रन ने एआईएडीएमके की पहली सरकार बनाकर डीएमके को सत्ता से बाहर किया था। अब विजय की जीत को तमिलनाडु की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। टीवीके प्रमुख विजय को बहुमत का आंकड़ा कैसे मिला, यहां पढ़ें

विजय कैबिनेट के 9 चेहरे

तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के साथ शपथ लेने वाले 9 मंत्री पार्टी संगठन, प्रशासनिक अनुभव और युवा नेतृत्व का मिश्रण हैं। इनमें विजय के करीबी सहयोगियों से लेकर अनुभवी राजनीतिक चेहरे तक शामिल हैं।

1. एन. आनंद (बुस्सी आनंद): टीवीके के महासचिव और चेन्नई के थियागरायनगर सीट से विधायक हैं। वह पार्टी के मजबूत संगठनात्मक चेहरों में गिने जाते हैं। इससे पहले पुडुचेरी से भी चुनाव जीत चुके हैं और बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।

2. आधव अर्जुन: टीवीके के चुनाव अभियान प्रबंधन के महासचिव आधव अर्जुन चेन्नई की विल्लीवाक्कम सीट से जीते हैं। 1982 में त्रिची के किसान परिवार में जन्मे अर्जुन विजय के करीबी रणनीतिकार माने जाते हैं। सरकार गठन के लिए सहयोगी दलों का समर्थन जुटाने में उनकी अहम भूमिका रही।

3. डॉ. केजी अरुणराज: पूर्व आईआरएस अधिकारी रहे अरुणराज पार्टी में नीति और प्रचार विभाग के महासचिव हैं। तिरुचेंगोड सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे अरुणराज प्रशासनिक और नौकरशाही हलकों में अपनी साफ-सुथरी छवि के लिए जाने जाते हैं।

4. केए सेंगोत्तैयन: तमिलनाडु की राजनीति का बड़ा और अनुभवी चेहरा। नौ बार विधायक रह चुके सेंगोत्तैयन एआईएडीएमके छोड़कर टीवीके में शामिल हुए थे। फिलहाल वह पार्टी की कार्यकारी समिति के मुख्य समन्वयक हैं। उनकी मौजूदगी विजय सरकार को राजनीतिक अनुभव प्रदान करेगी।

5. पी. वेंकटरमणन: टीवीके के कोषाध्यक्ष और चेन्नई के मायलापुर सीट से विधायक हैं। उन्होंने भाजपा की वरिष्ठ नेता तमिलिसाई सुंदरराजन को हराकर जीत दर्ज की। उन्हें सरकार में अहम प्रशासनिक जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।

6. आर. निर्मलकुमार (सी.टी.आर. निर्मल कुमार): टीवीके के संयुक्त महासचिव निर्मलकुमार तिरुपरनकुंद्रम सीट से विधायक बने हैं। वह पहले भाजपा और एआईएडीएमके से जुड़े रहे हैं। विजय के सोशल मीडिया और डिजिटल आउटरीच अभियान को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही।

7. राजमोहन अरुमुगम: पार्टी के प्रचार सचिव और चेन्नई की एग्मोर सीट से विधायक हैं। उन्होंने डीएमके के तमिलन प्रसन्ना को हराया। टीवी और फिल्म जगत से जुड़े राजमोहन अपनी प्रभावशाली वक्तृत्व शैली के लिए पहचाने जाते हैं।

8. डॉ. टीके प्रभु: दंत चिकित्सक से राजनेता बने डॉ. प्रभु टीवीके के शिवगंगा पूर्व जिला सचिव हैं। उन्होंने कराईकुडी सीट से जीत हासिल की। पार्टी के जमीनी विस्तार में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

9. सेल्वी एस. कीर्तना: विरुधुनगर जिले से विधायक चुनी गईं कीर्तना विजय कैबिनेट का सबसे युवा चेहरा हैं। उन्हें नई पीढ़ी के प्रतिनिधि के तौर पर देखा जा रहा है और वे तमिलनाडु की सबसे युवा मंत्रियों में शामिल हो सकती हैं।

विजय के माता-पिता ने क्या कहा?

शपथ ग्रहण समारोह में सबसे आगे की पंक्ति में विजय के माता-पिता और फिल्म जगत की चर्चित हस्तियां मौजूद रहीं। उनके पिता और जाने-माने फिल्म निर्माता एसए चंद्रशेखर तथा मां शोभा चंद्रशेखर के लिए विशेष सीटें आरक्षित की गई थीं। अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन और उनकी मां को भी इसी कतार में जगह दी गई थी।

शपध ग्रहण से पहले मीडिया से बात करते हुए विजय की मां शोभा ने बेटे के मुख्यमंत्री बनने पर खुशी जताते हुए कहा, “आज मदर्स डे है और मैं बेहद खुश हूं।” वहीं, विजय के पिता और फिल्म निर्देशक एसए चंद्रशेखर ने कहा कि वह अपने बेटे को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते देख गर्व महसूस करेंगे। उन्होंने कहा, “हम समारोह में शामिल होंगे और इस खास पल का आनंद लेंगे।”

गौरतलब है कि 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में टीवीके नीत गठबंधन को 120 विधायकों का समर्थन मिलने के बाद विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश किया। हालिया विधानसभा चुनाव में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, हालांकि वह अपने दम पर बहुमत के आंकड़े से कुछ सीटें पीछे रह गई। इसके बाद कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) समेत सहयोगी दलों ने सरकार गठन के लिए विजय को समर्थन दिया।

समर्थन मिलने के बाद विजय ने शनिवार रात चेन्नई स्थित राजभवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की और पांचों सहयोगी दलों के समर्थन पत्र सौंपे। राज्यपाल ने उन्हें सरकार गठन के लिए आमंत्रित करते हुए 13 मई या उससे पहले विधानसभा में बहुमत साबित करने का निर्देश दिया है।

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने कहा कि उन्होंने अपने अलायंस पार्टनर्स की इस घोषणा का स्वागत किया कि, “मौजूदा संकट से बचने के लिए, भले ही हम तमिलनाडु विक्ट्री फेडरेशन को सरकार बनाने के लिए सपोर्ट करें, हम पॉलिसी के आधार पर DMK के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस में बने रहेंगे”। उन्होंने दोहराया कि हम नई सरकार बनने में रुकावट नहीं डालेंगे और DMK एक कंस्ट्रक्टिव अपोज़िशन पार्टी के तौर पर काम करेगी।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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