Home भारत तमिलनाडुः विजय ने राज्यपाल को 120 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा, आज...

तमिलनाडुः विजय ने राज्यपाल को 120 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा, आज लेंगे शपथ

टीवीके को यह बढ़त उस समय मिली जब इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की। इससे पहले विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) भी विजय के नेतृत्व वाली पार्टी को समर्थन देने का ऐलान कर चुकी थी। कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और माकपा (CPI-M) पहले ही टीवीके के समर्थन में आ चुके हैं।

0
Two men in white shirts exchange documents in an official setting with a government emblem behind them.
तमिलनाडु में टीवीके ने सरकार बनाने का दावा किया पेश।

तमिलनाडु में तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख सी. जोसेफ विजय के सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया है। शनिवार शाम विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर तमिलनाडु में सरकार बनाने का दावा पेश किया। खास बात यह रही कि लगातार चार दिनों में यह उनकी राज्यपाल से चौथी मुलाकात रही। राजभवन पहुंचने के बाद विजय ने राज्यपाल को शॉल ओढ़ाया उसके बाद उन्हें समर्थन पत्र सौंपा। सूत्रों के मुताबिक, चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आज सुबह 10 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा।

गौरतलब है कि तमिलनाडु चुनाव में बहुमत के आंकड़े 118 से कम सीटें (108) जीतने वाली टीवीके चार दिनों से सरकार बनाने के लिए जद्दोजहद कर रही थी। टीवीके को यह बढ़त उस समय मिली जब इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की। इससे पहले विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) भी विजय के नेतृत्व वाली पार्टी को समर्थन देने का ऐलान कर चुकी थी। कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और माकपा (CPI-M) पहले ही टीवीके के समर्थन में आ चुके हैं।

शनिवार का हाई-वोल्टेज ड्रामा!

सरकार बनाने को लेकर शनिवार दिनभर सियासी कवायद जारी रही। दिन खत्म होते-होते टीवीके बहुमत के आंकड़े को पार करती नजर आई। हालांकि इस दौरान काफी नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिले। विजय पहले अपने फोरशोर एस्टेट स्थित आवास से राज्यपाल से मिलने निकले, लेकिन बीच रास्ते से लौटना पड़ा क्योंकि उन्हें बताया गया कि मुलाकात का समय तय नहीं हुआ है। बाद में राजभवन ने कहा कि मुलाकात का समय दे दिया गया है और राज्यपाल ने अपना निर्धारित केरल दौरा भी रद्द कर दिया। इसके बाद विजय दोबारा राजभवन के लिए रवाना हुए।

चुनाव में 108 सीटें जीतने वाली टीवीके की प्रभावी संख्या 107 है, क्योंकि विजय ने दो सीटों पर जीत दर्ज की थी और उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ी। कांग्रेस के 5, सीपीआई के 2, सीपीएम के 2, वीसीके के 2 और आईयूएमएल के 2 विधायकों के समर्थन के साथ टीवीके खेमे ने 120 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया है। 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है।

टीवीके के लिए निर्णायक मोड़ तब आया जब शनिवार शाम वीसीके अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन और आईयूएमएल के राष्ट्रीय अध्यक्ष केएम कादर मोहिदीन ने समर्थन पत्र जारी किए। इससे पहले शुक्रवार शाम वामदलों ने भी समर्थन का ऐलान किया था।

थिरुमावलवन ने कहा कि वीसीके ने यह फैसला इसलिए लिया ताकि विजय के सरकार गठन में बाधा न आए और तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन जैसी स्थिति पैदा न हो। हालांकि उन्होंने साफ किया कि उनकी पार्टी डीएमके नीत सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस का हिस्सा बनी रहेगी और इस फैसले का डीएमके से रिश्तों पर असर नहीं पड़ेगा।

वहीं, आईयूएमएल का समर्थन पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा। दिन में पार्टी ने कहा था कि वह डीएमके गठबंधन के साथ मजबूती से खड़ी है और टीवीके को कोई समर्थन पत्र नहीं दिया गया है। बाद में आईयूएमएल नेताओं ने कार्यवाहक मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मुलाकात की और उसके बाद टीवीके को समर्थन दिया। सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने संकेत दिया था कि डीएमके नेतृत्व की सहमति के बिना वह कोई कदम नहीं उठाएगी।

क्या हुआ था शुक्रवार?

यह सियासी घटनाक्रम शुक्रवार रात पैदा हुए भ्रम के बाद विजय के लिए बड़ी राहत लेकर आया। शुक्रवार शाम टीवीके को सत्ता के करीब माना जा रहा था, जब सीपीआई और सीपीएम ने समर्थन दिया था। लेकिन रात होते-होते तस्वीर धुंधली हो गई क्योंकि वीसीके का समर्थन पत्र नहीं आया और एएमएमके के समर्थन को लेकर विवाद खड़ा हो गया।

टीवीके सूत्रों के मुताबिक पार्टी नेताओं को भरोसा था कि एएमएमके के अकेले विधायक एस. कामराज ने समर्थन दे दिया है। बताया गया कि वह पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में एआईएडीएमके विधायकों के साथ ठहरे हुए थे और उन्हें कुछ देर के लिए बाहर बुलाकर कथित तौर पर कार में समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए। टीवीके नेताओं ने उसकी तस्वीर चेन्नई भेज दी, लेकिन मूल पत्र विधायक के पास ही रहा।

जब राजभवन ने औपचारिक सत्यापन मांगा और एएमएमके के लेटरहेड पर समर्थन पत्र की मांग की, तो पार्टी प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने टीवीके को समर्थन देने से इनकार कर दिया और एआईएडीएमके नेता एडप्पडी के. पलानीस्वामी के प्रति समर्थन दोहराया। दिनाकरन ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई कि टीवीके ने फर्जी पत्र का इस्तेमाल किया है। हालांकि शनिवार शाम तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी।

इस विवाद ने टीवीके के भीतर भी हलचल पैदा कर दी। पार्टी के कुछ नेताओं ने निजी तौर पर माना कि इससे उनकी राजनीतिक बढ़त को झटका लगा और इसके लिए चुनाव अभियान प्रबंधक आधव अर्जुन की रणनीति पर सवाल उठे।

शनिवार दोपहर बाद हालात बदलने लगे जब एआईएडीएमके नेता एडप्पडी के. पलानीस्वामी ने बयान जारी कर सरकार बनाने वाली पार्टी को बधाई दी। इसे एआईएडीएमके की ओर से वैकल्पिक सरकार बनाने की अटकलों को शांत करने की कोशिश माना गया। टीवीके को अन्य दलों के समर्थन के बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं और विजय के फैंस काफी खुश नजर आए।

सरकार समर्थन में डीएमके नेतृत्व की सहमति!

उधर, एमके स्टालिन पहले ही कह चुके हैं डीएमके रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी। उन्होंने सहयोगी दलों के उस फैसले का स्वागत किया जिसमें उन्होंने राजनीतिक संकट टालने के लिए टीवीके का समर्थन किया, हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि वे नीतिगत तौर पर डीएमके गठबंधन का हिस्सा बने रहेंगे।

राज्यपाल की भूमिका को लेकर कानूनी विवाद भी गहराया है। दो याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट पहुंची हैं, जिनमें राज्यपाल द्वारा पहले सबसे बड़ी पार्टी के नेता विजय को सरकार बनाने का न्योता न देने को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि बहुमत की परीक्षा विधानसभा पटल पर होनी चाहिए, न कि राजभवन के आकलन से।

शाम होते-होते चेन्नई का सियासी ट्रैफिक फिर राजभवन की ओर मुड़ गया। महाबलीपुरम रिसॉर्ट के बाहर सुरक्षा कड़ी रही, जहां टीवीके विधायक ठहरे हुए थे। कांग्रेस विधायकों को हैदराबाद भेजा गया, जबकि एआईएडीएमके विधायक पुडुचेरी से लौटकर चेन्नई में पलानीस्वामी से मिले।

ये भी पढ़ेंः पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा गिरफ्तार, ईडी ने किस मामले में की कार्रवाई?

author avatar
अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version