बेंगलुरु: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बेंगलुरु में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। तमिलनाडु में बदले राजनीतिक समीकरणों का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के लालच में कांग्रेस ने अपने दशकों पुराने सहयोगी डीएमके की पीठ में छुरा घोंप दिया। गौरतलब है कि तमिलनाडु में रविवार नई सरकार का गठन हो गया। टीवीके प्रमुख जोसेफ विजय ने राज्य के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
प्रधानमंत्री ने कहा, “आज कांग्रेस की छवि एक परजीवी पार्टी की बन चुकी है। सत्ता के लिए वह अपने सहयोगियों को भी धोखा देने से नहीं हिचकती। तमिलनाडु इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। 25-30 वर्षों तक डीएमके ने कांग्रेस का साथ दिया, मुश्किल वक्त में उसे संभाला। 2014 से पहले 10 साल तक चलने वाली यूपीए सरकार भी डीएमके के समर्थन से ही टिक पाई थी। लेकिन जैसे ही राजनीतिक समीकरण बदले, सत्ता के भूखी कांग्रेस ने पहली ही मौके पर डीएमके की पीठ में छुरा घोंप दिया।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन्होंने छत्तीसगढ़ में वही किया, राजस्थान में वही किया, कर्नाटक में अभी वही खेल चल रहा है, अब करेल की बारी है। उन्होंने कांग्रेस पर सुशासन देने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी राजनीति में शासन का कोई अध्याय ही नहीं बचा है।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस की सत्ता की किताब में गवर्नेंस नाम का कोई चैप्टर नहीं है। कर्नाटक में पिछले तीन साल से यही देखने को मिल रहा है। जनता की समस्याएं सुलझाने के बजाय वहां की सरकार का ज्यादातर समय आपसी झगड़े सुलझाने में बीत रहा है।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस आज तक यह तय नहीं कर पा रही कि मुख्यमंत्री कितने दिन तक पद पर रहेंगे। यह तय नहीं हो पाता कि दूसरे को मौका मिलेगा या नहीं।
प्रधानमंत्री ने कहा, “तमिलनाडु में सरकार गठन की प्रक्रिया चल रही थी और दिल्ली में बैठे कांग्रेस के नेता देश को गुमराह कर रहे थे- नतीजे आए 7 दिन हो गए, आठ दिन हो गए, तमिलनाडु में सरकार नहीं बन रही है। पीएम मोदी ने कहा कि केरल में तो पूर्ण बहुमत वहां तो सरकार बना लो। यह इकोसिस्टम केरल के लिए चुप है।
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‘केरल के लिए कांग्रेस का इकोसिस्टम चुप क्यों‘
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि नेता नहीं तय कर पा रहे हैं। यह भी कि ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला तय करें, कि एक-एक साल के लिए 5 मुख्यमंत्री का फॉर्मूला तय करें। अभी तक नतीजा हाथ नहीं लगा है। उन्होंने कांग्रेस पर अपने पार्टी के नेताओं को वादे करना और बीच-बीच में पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाया।
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने ही नेताओं से किए वादों को निभाने के बजाय लगातार उन्हें धोखा देती रही है। उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ में यही हुआ, राजस्थान में यही हुआ, कर्नाटक में वही खेल जारी है और अब केरल की बारी है।”
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस को केवल विश्वासघात करना आता है। वे खुद भी झूठे हैं और उनकी गारंटियां भी झूठी हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की हालत ऐसी हो गई है कि वहां सरकार कर्मचारियों को उनकी सैलरी तक नहीं दे पा रही है।
उन्होंने कहा, तेलंगाना में किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। कांग्रेस जहां भी सत्ता में है, वहां या तो शाही दरबार की खातिरदारी के लिए सरकारी खजाने की लूट हो रही है या फिर उसी लूट के बंटवारे को लेकर आपसी संघर्ष चल रहा है।”
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने डीएमके से अलग होकर अभिनेता विजय की अगुवाई वाली तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) को समर्थन दिया है। इस समर्थन के बाद राज्य में नया राजनीतिक गठबंधन बना और विजय सरकार का गठन संभव हो सका।
राजनीतिक गलियारों में इसे तमिलनाडु की राजनीति का बड़ा पुनर्संयोजन माना जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, डीएमके सांसद कनिमोझी ने लोकसभा में कांग्रेस से अलग बैठने की मांग की है, जिसे दोनों दलों के रिश्तों में आई दरार का संकेत माना जा रहा है।
कांग्रेस को बताया महिलाओं के खिलाफ
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि दशकों तक कांग्रेस ने महिलाओं को सिर्फ वादों में उलझाए रखा।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने वर्षों तक महिला आरक्षण का वादा किया, लेकिन हर बार अपने सहयोगी दलों के विरोध का बहाना बनाकर इसे टालती रही। भाजपा ने इस राजनीति को खत्म किया और 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का कानून बनाया। कांग्रेस नारी विरोधी पार्टी है। संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर उसने महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ अपना असली चेहरा दिखाया।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर कांग्रेस ने इस कानून को रोकने की कोशिश न की होती तो देशभर, खासकर कर्नाटक की अधिक महिलाएं संसद और विधानसभाओं में पहुंचतीं।
‘भाजपा का मॉडल गुड गवर्नेंस का’
प्रधानमंत्री ने भाजपा की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पार्टी का मंत्र “सबका साथ, सबका विकास” है और यही वजह है कि जनता बार-बार भाजपा को सत्ता में लौटाती है।
उन्होंने कहा कि हमारा मॉडल गुड गवर्नेंस का है। इसलिए हर राज्य में जनता भाजपा को दूसरी और तीसरी बार सेवा का अवसर देती है। लेकिन कांग्रेस की कोई भी राज्य सरकार लगातार दूसरी बार सत्ता में नहीं लौटी। उन्होंने कहा, पिछले 12 वर्षों से केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार है और देश के 21 से अधिक राज्यों में भाजपा-एनडीए की सरकारें विकास के एजेंडे पर काम कर रही हैं।
चुनाव नतीजों को बताया ‘स्थिरता का संदेश’
प्रधानमंत्री मोदी ने हालिया चुनावी नतीजों का जिक्र करते हुए कहा कि ये परिणाम देश की राजनीतिक दिशा तय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुडुचेरी में लगातार दूसरी बार एनडीए की सरकार बनना, असम में तीसरी बार सत्ता में वापसी, पश्चिम बंगाल में भाजपा को अभूतपूर्व समर्थन और गुजरात निकाय चुनावों में रिकॉर्ड जीत इस बात का संकेत है कि देश की जनता स्थिरता और विकास चाहती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की जनता साफ संदेश दे रही है कि उसे स्पीड चाहिए, स्कैम नहीं; समाधान चाहिए, बहाने नहीं। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने 10 मई की ऐतिहासिक अहमियत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 1857 में इसी दिन स्वतंत्रता संग्राम की पहली चिंगारी फूटी थी, जिसने आगे चलकर देश को आजादी दिलाई।
उन्होंने कहा कि साहस और शक्ति की यही विरासत देश की सबसे बड़ी ताकत है। इसी भावना से प्रेरित होकर हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ मनाई गई।



