UP Weather: उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में इस साल अप्रैल के महीने में ही जून जैसी तपिश महसूस की जा रही है। एक तरफ जहां पारा तेजी से चढ़ते हुए रिकॉर्ड तोड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ खराब हवा (एक्यूआई) ने लोगों की सेहत के लिए दोहरा संकट पैदा कर दिया है। बता दें कि यूपी के कई जिलों में पारा 44 डिग्री के करीब पहुंच चुका है और शुक्रवार सुबह से ही तेज धूप के साथ चल रही गर्म हवाओं ने लू जैसी स्थिति पैदा कर दी है।
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम समेत पूरे एनसीआर में अब तापमान तेजी से बढ़ने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 24 घंटों में उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहा और तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रयागराज में अधिकतम तापमान 43.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 15.0 डिग्री सेल्सियस नजीबाबाद में दर्ज किया गया।
44.4 डिग्री पारा के साथ ‘आग’ उगल रहा मौसम
उत्तर प्रदेश के 16 से अधिक जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर दर्ज किया गया है। गुरुवार को बांदा में तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले साल के मुकाबले काफी अधिक है। तुलनात्मक रूप से देखें तो पिछले साल प्रयागराज में 22 अप्रैल को पारा 44.3 डिग्री पहुंचा था, लेकिन इस साल यह स्तर 6 दिन पहले ही पार हो गया है।
वाराणसी, प्रयागराज और मेरठ समेत 50 शहरों में भीषण गर्मी पड़ रही है। मेरठ में इस सीजन में पहली बार पारा 40 के पार गया है। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन दिनों में तापमान 2-3 डिग्री और बढ़ सकता है, हालांकि एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बादलों की आवाजाही शुरू होगी, जिससे गर्मी से मामूली राहत की उम्मीद की जा सकती है।
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गर्मी के साथ ‘जहरीली’ हुई हवा
उधर, गर्मी के साथ वायु प्रदूषण ने सितम ढा रखा है। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-V का एक्यूआई 368 दर्ज किया गया है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। नोएडा के सेक्टर-116 में भी स्थिति चिंताजनक है जहां एक्यूआई 312 दर्ज किया गया। सबसे खराब स्थिति गाजियाबाद की है, यहां लोनी का एक्यूआई 387 तक पहुंच गया है, जो पूरे एनसीआर में सबसे अधिक है।
दिल्ली के बवाना और अशोक विहार जैसे इलाकों में भी हवा जहरीली बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, 350 के पार पहुंच चुका एक्यूआई सेहत के लिए बेहद हानिकारक है और लंबे समय तक ऐसी हवा के संपर्क में रहने से सांस संबंधी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
क्यों बढ़ रही है इतनी गर्मी, आने वाला है नौतपा!
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल किसी सक्रिय मौसम प्रणाली के न होने के कारण शुष्क पछुआ हवाएं सीधे मैदानी इलाकों तक पहुंच रही हैं। साथ ही, कर्नाटक और महाराष्ट्र के ऊपर बना एक एंटी-साइक्लोन अब मध्य भारत की ओर खिसक रहा है, जो तापमान में निरंतर वृद्धि का मुख्य कारण है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस साल गर्मी का प्रकोप आगे भी जारी रहने वाला है क्योंकि 25 मई को सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जिससे ‘नौतपा’ की शुरुआत होगी। 25 मई से 2 जून तक नौतपा का प्रभाव रहेगा, जिस दौरान सूर्य की सीधी किरणें पृथ्वी पर पड़ने से भीषण गर्मी पड़ती है। वहीं अल-नीनो और ला-नीना जैसी वैश्विक समुद्री स्थितियां भी आने वाले समय में बारिश और सूखे के पैटर्न को प्रभावित कर सकती हैं।

