तमिलनाडु में चुनावी माहौल के बीच ‘मक्कल निधि मय्यम’ (एमएनएम) के प्रमुख कमल हासन की एक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। चेन्नई हार्बर निर्वाचन क्षेत्र में डीएमके उम्मीदवार और मंत्री पीके सेकर बाबू के समर्थन में चुनाव प्रचार के दौरान हासन ने उनके कार्यों की तुलना महान चोल सम्राट राजा राजा चोल प्रथम से कर दी, जिस पर भाजपा ने आपत्ति जताई है और माफी की मांग की है।
दरअसल चुनाव प्रचार के दौरान समर्थकों को संबोधित करते हुए कमल हासन ने हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR & CE) मंत्री सेकर बाबू के मंदिर जीर्णोद्धार कार्यों की प्रशंसा कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा कि “मंत्री सेकर बाबू ने राजा राजा चोल से भी अधिक ‘कुंभभिषेकम’ (मंदिर अभिषेक) कराए हैं। उनके द्वारा किए गए कार्यों का पैमाना इतना विशाल है कि वह इतिहास के महानतम मंदिर निर्माताओं की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।”
कमल हासन का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल होते ही भाजपा ने इसे चोल साम्राज्य और तमिल गौरव का अपमान करार दिया।
‘कमल हासन ने राजा चोल की विरासत का अपमान किया‘
तमिलनाडु भाजपा के प्रवक्ता एएनएस प्रसाद ने रविवार को एक विस्तृत बयान जारी कर कमल हासन की टिप्पणी की कड़ी निंदा की। उन्होंने हासन के बयान को बेहद खेदजनक बताते हुए कहा, “कमल हासन ने इतिहास के महानतम तमिल शासकों में से एक की विरासत का अपमान किया है। तमिल सभ्यता, प्रशासन और मंदिर वास्तुकला में राजा राजा चोल प्रथम का योगदान अतुलनीय रहा है। महज राजनीतिक उद्देश्यों और डीएमके के प्रति अपनी निष्ठा साबित करने के लिए उनकी तुलना आज के राजनेताओं से करना पूरी तरह अनुचित और तर्कहीन है।”
प्रसाद ने चोल सम्राट की ऐतिहासिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए आगे कहा, “राजा राजा चोल प्रथम ने तंजावुर में विश्व प्रसिद्ध बृहदीश्वर मंदिर का निर्माण कराया, जो न केवल द्रविड़ वास्तुकला का शिखर है बल्कि यूनेस्को की विश्व धरोहर भी है। उन्होंने चोल साम्राज्य की सीमाओं को श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशिया तक फैलाया। उन्होंने ऐसी प्रशासनिक व्यवस्थाएं और मंदिर अनुदान की परंपराएं शुरू कीं, जिनसे सदियों तक धार्मिक गतिविधियां व्यवस्थित रूप से संचालित होती रहीं। उनकी तुलना मंत्री सेकर बाबू से करना हास्यास्पद है।”
डीएमके सरकार के कुप्रबंधन पर हमला, हासन से माफी की मांग
भाजपा ने इस बहाने डीएमके सरकार के मंदिर प्रबंधन पर भी सवाल उठाए। एएनएस प्रसाद ने आरोप लगाया कि, सेकर बाबू के नेतृत्व में एचआर एंड सीई विभाग में व्यापक कुप्रबंधन व्याप्त है। राज्य के कई प्राचीन मंदिर आज भी बुनियादी पूजा-अर्चना और रखरखाव के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कमल हासन की यह टिप्पणी मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और डीएमके के साथ उनकी बढ़ती नजदीकी का परिणाम है, जिसने उनके विवेक को प्रभावित कर दिया है।
भाजपा ने कमल हासन से अपने शब्द वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। प्रसाद ने हासन को नसीहत देते हुए कहा, “कमल हासन को अपनी टिप्पणियों की गंभीरता को समझना चाहिए और आत्ममंथन करना चाहिए। उन्हें प्रायश्चित के रूप में तंजावुर के बृहदीश्वर मंदिर जाना चाहिए और वहां राजा राजा चोल प्रथम की प्रतिमा को श्रद्धांजलि अर्पित करनी चाहिए। अगर उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, तो चोल विरासत का सम्मान करने वाले करोड़ों तमिल लोगों की जनभावनाएं आहत होंगी, जिसका जवाब वे आने वाले चुनावों में देंगे।”
गौरतलब है कि तमिलनाडु में एक चरण में हो रहे विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव प्रचार 21 अप्रैल को समाप्त होगा। सभी 234 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान 23 अप्रैल को होगा और नतीजे 4 मई को आएंगे।
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