वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अपने पास मौजूद एनरिच्ड यूरेनियम को सौंपने पर सहमत हो गया है। साथ ही ट्रंप ने दावा किया कि दोनों देश शांति समझौते के करीब हैं। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘वे हमें न्यूक्लियर डस्ट लौटाने पर सहमत हो गए हैं।’ ट्रंप ने आगे कहा, ‘समझौते पर पहुंचने की बहुत अच्छी संभावना है।’
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान बहुत सफल बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर समझौता हो जाता है, तो मुफ्त तेल होगा, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला रहेगा और सब कुछ अच्छा हो जाएगा। रिपब्लिकन नेता ने कहा कि अगर इस्लामाबाद में समझौते पर हस्ताक्षर होते हैं तो वे पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं।
यूरेनियम पर अटकी थी पिछले हफ्ते बात
इससे पहले पिछले सप्ताह में इस्लामाबाद में 21 घंटे तक चली शांति वार्ता में अमेरिका और ईरान किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके थे। अमेरिका का कहना था कि ईरान ने परमाणु ईंधन संवर्धन के अपने अधिकार को छोड़ने से इनकार कर दिया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा था कि अगर ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर अमेरिका की ‘रेड लाइन’ मान ली जाती है, तो यह दोनों देशों के लिए बहुत अच्छा समझौता हो सकता है।
वाशिंगटन ने अपने प्रस्ताव में ईरान के यूरेनियम संवर्धन पर 20 साल के लिए रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्टों के अनुसार तेहरान ने कहा है कि वह केवल पांच साल के लिए ही इस पर सहमत हो सकता है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दो वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों और एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया गया था कि तेहरान ने पांच साल तक यूरेनियम संवर्धन को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा था, जिसे ट्रंप प्रशासन ने 20 साल की अवधि पर जोर देते हुए खारिज कर दिया था। ट्रंप प्रशासन की पहले की मांग यह थी कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की क्षमता हासिल करने के रास्ते के रूप में घरेलू संवर्धन को स्थायी रूप से बंद कर दे।
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दूसरी ओर ईरान हमेशा से इस बात पर जोर देता रहा है कि वह परमाणु हथियार हासिल करने का प्रयास नहीं कर रहा है। ईरान का कहना रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
सीजफायर आगे बढ़ने की उम्मीद
ट्रंप ने अच्छी बातचीत का हवाला देते हुए यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो संघर्ष विराम को आगे बढ़ाया जा सकता है। ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘ईरान समझौता करना चाहता है और हम उनसे बहुत अच्छे तरीके से बातचीत कर रहे हैं।’
उन्होंने साफ किया कि मुख्य उद्देश्य वही है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘अगर ईरान के पास परमाणु हथियार हुआ तो दुनिया के लिए बड़ा खतरा होगा।’ उन्होंने कहा कि किसी भी समझौते में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सके।
ट्रंप ने कहा कि बातचीत तेजी से आगे बढ़ सकती है और अगली आमने-सामने की बैठक शायद वीकेंड में हो सकती है। सीजफायर को लेकर उन्होंने कहा कि इसे बढ़ाया जा सकता है, लेकिन यह तय नहीं है। उन्होंने कहा, ‘अगर हम समझौते के करीब होंगे तो मैं इसे बढ़ा सकता हूं, लेकिन हम पहले ही काफी करीब हैं।’

