गुरूवार, अप्रैल 16, 2026
होमभारत'चाणक्य अगर आज जिंदा होते… राजनीतिक कुटिलता पर मुस्कुराते', प्रियंका गांधी ने...

‘चाणक्य अगर आज जिंदा होते… राजनीतिक कुटिलता पर मुस्कुराते’, प्रियंका गांधी ने अमित शाह पर कसा तंज तो ठहाकों से गूंजा सदन

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सदन में भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने अमित शाह की चुटकी लेते हुए कहा कि अगर चाणक्य जिंदा होते तो…

नई दिल्लीः कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने गुरुवार (16 अप्रैल) को लोकसभा में केंद्र सरकार के प्रस्तावित महिला आरक्षण विधेयक का जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने दार्शनिक और राजनीतिक रणनीतिकार चाणक्य का हवाला दिया। इस पर गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य सदस्य भी हंस पडे़।

वायनाड सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि हालांकि कांग्रेस महिला सांसदों के लिए आरक्षण का समर्थन करती है लेकिन बहस इस बात पर नहीं बल्कि इस तथ्य पर है कि विधेयक में राजनीति की बू आ रही है।

प्रियंका गांधी के बयान पर ठहाकों से गूंजा सदन

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का कदम वास्तव में एनडीए शासित केंद्र का चुनावी लाभ बरकरार रखने का राजनीतिक तुरुप का पत्ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले के संबोधन का जिक्र करते हुए जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा महिलाओं के अधिकारों की हिमायती रही है, उन्होंने कहा कि भारत के संविधान को नुकसान पहुंचाकर भाजपा अपनी पार्टी की नींव मजबूत कर रही है।

अपने भाषण के दौरान अमित शाह और अन्य सांसदों को हंसते हुए देख प्रियंका ने कहा “हंस रहे हैं, गृह मंत्री जी हंस रहे हैं… पूरी योजना बना रखी है… चाणक्य अगर आज जिंदा होते तो वो भी चौंक जाते आपकी राजनीतिक कुटिलता पे।”

प्रियंका की इस टिप्पणी पर सदन ठहाकों से गूंज उठा। प्रधानमंत्री के संबोधन का फिर से जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए क्योंकि महिलाएं झूठ बोलने वालों को पहचानने में माहिर होती हैं।

मौजूदा सीटों पर क्यों नहीं दिया जा सकता आरक्षण

उन्होंने कहा “आज प्रधानमंत्री के बयान से यह संकेत मिलता है कि भाजपा महिला आरक्षण की अगुआ, समर्थक और सबसे बड़ी हिमायती रही है। उनके पूरे भाषण में यही मुख्य विषय रहा भले ही उन्होंने इसका श्रेय लेने से इनकार किया हो… 2023 में राहुल गांधी का पत्र पढ़ने के कुछ वर्षों बाद अंततः जब माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 2023 में सर्वसम्मति से इस अधिनियम को पारित किया तो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपनी विचारधारा के अनुरूप इसका पूर्ण समर्थन किया। “

प्रियंका ने इस दौरान यह भी सवाल उठाया कि लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों में 33 प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा, “अगर यह संविधान संशोधन विधेयक पारित हो गया तो इस देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा।”

उन्होंने पीएम मोदी के भाषण की ओर भी इशारा किया जिसमें उन्होंने कांग्रेस पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए उल्लेख किया कि महिला आरक्षण के कदम का हमेशा से विरोध होता रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि पंचायतों और नगर निकायों में 33 फीसदी आरक्षण कांग्रेस सरकार द्वारा राजीव गांधी के कार्यकाल के दौरान लाया गया था।

ज्ञात हो कि केंद्र सरकार ने संविधान के 131वें संशोधन विधेयक के तहत लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का लक्ष्य रखा है। इनमें से 815 राज्यों और 35 केंद्रशासित प्रदेशों के लिए हैं। इससे परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक को पारित करने का मार्ग प्रशस्त होगा जिससे महिलाओं के लिए आरक्षित आरक्षण कानून लागू हो सकेगा। हालांकि दक्षिणी राज्यों ने इसका कड़ा विरोध किया है। उनका तर्क है कि परिसीमन से हिंदी भाषी क्षेत्रों को काफी लाभ होगा। हिंदी भाषी क्षेत्रों में भाजपा मजबूत मानी जाती है।

यह भी पढ़ें – बंगाल SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, ट्रिब्यूनल में जिनकी अपील मंजूर…दे सकेंगे वोट

अमरेन्द्र यादव
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

Recent Comments

राकेश मूथा फेस बुक पर Rakesh Kamla Mutha पर कहानीः गैंगरीन
डॉ उर्वशी पर शबनम शेख़ की कहानी