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लश्कर के संस्थापक सदस्य आमिर हमजा को लाहौर में अज्ञात हमलावरों ने मारी गोली

आमिर हमजा ने 1985 और 1986 के बीच आतंकवादी हाफिज सईद के साथ मिलकर लश्कर-ए-तैयबा की स्थापना की थी। यह संगठन भारत और दुनिया भर में कई आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा हुआ है।

इस्लामाबाद: पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक सदस्य और हाफिज सईद का करीबी माने जाने वाले आमिर हमजा पर हमला हुआ है। उसे लाहौर में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारी है। हमजा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लाहौर में एक न्यूज चैनल के कार्यालय के बाहर अज्ञात हमलावरों ने हमजा पर गोलियां चलाईं।

हमजा ने आतंकी हाफिज सईद के साथ मिलकर 1985-1986 के बीच लश्कर की स्थापना की थी। भारत और दुनिया भर में कई आतंकी गतिविधियों से हमजा का संबंध रहा है। सईद के बाद उसे लश्कर में दूसरा सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। अमेरिका ने उसे आतंकवादी भी घोषित कर रखा है।

पिछले एक साल से भी कम समय में यह दूसरी बार है जब हमजा पर हमला हुआ है। पिछले साल मई में लाहौर में उसके घर के बाहर अज्ञात लोगों ने उस पर गोली चलाई थी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया था। बाद में, पाकिस्तानी अधिकारियों ने कथित तौर पर हमजा की सुरक्षा बढ़ा दी थी। हालांकि हमजा की ओर से इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं आई थी।

आमिर हमजा कौन है?

1959 में जन्मा हमजा एक अफगान मुजाहिदीन हैं। आतंकी संगठन लश्कर में योजनाओं को बनाने से लेकर अपने जोशीले भाषण और लेखन के लिए उसे जाना जाता रहा है। वह इस आतंकी संगठन के आधिकारिक प्रकाशन का संपादक भी रह चुका हैं। उसने कुछ किताबें भी लिखी है, जिनमें 2022 में प्रकाशित ‘काफ़िला दावत और शहादत’ शामिल है।

साल 2018 में पाकिस्तानी सरकार द्वारा जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन जैसी चैरिटी संस्थाओं के माध्यम से लश्कर-ए-तैयबा की फंडिंग चैनलों पर की गई कुछ कार्रवाईयों के बाद हमजा ने कथित तौर पर लश्कर से खुद को अलग कर लिया था।

यह भी पढ़ें- असीम मुनीर पहुंचे तेहरान, अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध रोकने में सफल होगा पाकिस्तान?

साल 2012 में अमेरिकी वित्त विभाग ने एक बयान जारी कर कहा था कि हमजा लश्कर-ए-तैयबा की केंद्रीय सलाहकार समिति का हिस्सा था और हाफिज सईद की सीधी देखरेख में समूह के बाहरी संबंधों के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। 2010 तक, हमजा लश्कर-ए-तैबा से संबद्ध एक चैरिटेबल ऑर्गनाइजेशन से भी जुड़ा थे। वह हाफिज सईद द्वारा संचालित लश्कर-ए-तैयबा विश्वविद्यालय ट्रस्ट में भी एक बड़े पद पर रहा है।

बताया जाता है कि बाद में उसने जैश-ए-मनकाफा नाम से एक अलग गुट की स्थापना की और लश्कर-ए-तैयबा के लिए धन जुटाना जारी रखा। इन पैसों का इस्तेमाल जम्मू और कश्मीर सहित आतंकी अभियानों को वित्त पोषित करने के लिए किया गया।

(ये खबर अभी अपडेट की जा रही है)

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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