शहादत युवा कथाकार और अनुवादक हैं। अब तक उनके दो कहानी संग्रह 'आधे सफ़र का हमसफ़र' और 'कर्फ़्यू की रात' प्रकाशित हो चुके हैं। अनुवाद की उनकी तीन पुस्तकों में ज़हीर देहलवी की आत्मकथा 'दास्तान-ए-1857', मकरंद परांजपे की लिखी महात्मा गांधी की जीवनी 'मृत्यु और पुनरुत्थान' और इजराइली लेखक एटगर केरेक्ट का कहानी संग्रह 'ऑटोकरेक्ट' प्रकाशित हो चुकी हैं। उनका पहला उपन्यास 'मुहल्ले का आख़िरी हिंदू घर' प्रकाश्य है।
उनके कहानी संग्रह 'कर्फ़्यू की रात' को 2025 का अमर उजाला का श्रेष्ठ कृति 'शब्द सम्मान' मिल चुका है।
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