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काशी में एक अप्रैल 1933 को जन्मे वरिष्ठ साहित्यकार विष्णुचंद्र शर्मा की मृत्यु कोरोना के दौरान हुई। जिसमें गिरकर पैर की हड्डी टूटना भी एक प्रमुख कारण था। वे राजनीतिज्ञ व साहित्यकार के साथ ही घुमक्कड़ प्रवृत्ति के थे। विष्णुचंद्र को कवि, कहानीकार व आलोचक के रूप में जाना जाता है। उन्होंने दिल्ली आकर सर्वनाम का संपादन भी किया। बंगाल के विद्रोही कवि काजी नजरुल इस्लाम, मुक्तिबोध व राहुल सांकृत्यायन की जीवनी भी उन्होंने लिखी। उन्होंने कविता, उपन्यास, कहानी, जीवनी, संस्मरण व आलोचना की कुल मिलाकर कुछ करीब 50 पुस्तकें लिखी हैं।