तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के शुरुआती रुझानों में दिलचस्प तस्वीर सामने आ रही है। सुबह 11 बजे तक सामने आए रुझानों में अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) ने चौंकाने वाली बढ़त हासिल की है। वहीं, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की अगुवाई वाली डीएमके शुरुआती मुकाबले में पिछड़ती नजर आ रही है और एआईएडीएमके भी उससे आगे निकलती दिख रही है।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 11 बजे तक टीवीके 104 विधानसभा सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी। एआईएडीएमके 66 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि डीएमके महज 39 सीटों पर आगे चल रही थी। इन शुरुआती रुझानों ने राज्य की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
गौरतलब है कि तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं और यहां पर बहुमत का आंकड़ा 118 है। एग्जिट पोल में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके गठबंधन की वापसी के संकेत दिए गए थे, लेकिन मतगणना के शुरुआती रुझानों ने पूरी तस्वीर उलट दी है। अभिनेता-राजनेता विजय की टीवीके अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है।

शाइनिंग इंडिया सर्वे के एग्जिट पोल में डीएमके नीत गठबंधन को करीब 124 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था। एआईएडीएमके गठबंधन को 103 सीटें मिलने की संभावना बताई गई थी, जबकि विजय की टीवीके को महज 7 सीटें मिलने का अनुमान था।
वोट शेयर के लिहाज से भी सर्वे में डीएमके गठबंधन को 38.6 प्रतिशत, एआईएडीएमके को 37.3 प्रतिशत और टीवीके को 16.2 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान जताया गया था। अन्य दलों को 3.9 प्रतिशत और ‘साइलेंट वोट’ को 4 प्रतिशत बताया गया था।
टीवीके को शुरुआती बढ़त मिलने के बाद पार्टी के चुनाव प्रचार प्रबंधन महासचिव आधव अर्जुन चेन्नई के लोयोला कॉलेज स्थित मतगणना केंद्र पहुंचे। उन्होंने समर्थकों का अभिवादन करते हुए जीत का संकेत दिया और फिर केंद्र के भीतर चले गए। मतगणना के बीच डीएमके की पूर्व सांसद कनिमोझी एनवीएन सोमू ने कहा कि हम अंतिम नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। तभी स्पष्ट होगा कि राज्य की जनता ने क्या फैसला सुनाया है।
23 अप्रैल को हुआ था मतदान
तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 23 अप्रैल को एक ही चरण में हुआ था। निर्वाचन आयोग के मुताबिक, राज्य में कुल 4.8 करोड़ वोट पड़े और मतदान प्रतिशत 85.1 दर्ज किया गया, जो हाल के वर्षों में सबसे अधिक है। खास बात यह रही कि पिछले चार विधानसभा चुनावों में पहली बार महिला मतदाताओं की भागीदारी 80 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई।
राज्यभर के 75,064 मतदान केंद्रों के मतों की गिनती 62 निर्धारित मतगणना केंद्रों पर की जा रही है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और लगभग 1.25 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। मतगणना केंद्रों और हॉल में प्रवेश के लिए सभी अधिकृत अधिकारियों और पर्यवेक्षकों के लिए क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र अनिवार्य किया गया है।

