अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट की ओर बढ़ रहे ईरान के चार हमलावर ड्रोन मार गिराए हैं। इसके साथ ही अमेरिकी बलों ने ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित निगरानी और रडार ठिकानों पर भी हमले किए हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को किसी न किसी तरह खत्म कर दिया जाएगा और इस मुद्दे का अंत या तो समझौते से होगा या फिर “कठिन तरीके” से।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने एक बयान में कहा कि क्षेत्र में मौजूद जहाजों के लिए तत्काल खतरा महसूस होने के बाद कार्रवाई की गई। सेंटकॉम के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट की ओर बढ़ रहे चार वन-वे अटैक ड्रोन को मार गिराया गया, जो क्षेत्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।
सेंटकॉम ने बताया कि इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित गोरुक और केशम द्वीप के तटीय निगरानी रडार ठिकानों पर जवाबी हमले किए। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई भविष्य में संभावित हमलों को रोकने और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई।
हालांकि अमेरिकी सेना ने इस ऑपरेशन में हुए नुकसान, संभावित हताहतों या इस्तेमाल किए गए हथियारों और विमानों के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि जिन ड्रोन को मार गिराया गया, उनका सीधा निशाना कोई वाणिज्यिक जहाज था या नहीं।
ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी
इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विस्कॉन्सिन के चिप्पेवा फॉल्स में आयोजित एक कार्यक्रम में ईरान को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार संपन्न देश नहीं बनने देगा और इस दिशा में उसका लक्ष्य काफी हद तक पूरा हो चुका है।
ट्रंप ने कहा, “हमें परमाणु हथियार के खतरे को खत्म करना था। हम ऐसा नहीं होने देने वाले थे। हमने इसे काफी हद तक पूरा कर लिया है। आप देखेंगे, किसी न किसी तरह यह काम पूरा हो जाएगा।”
उन्होंने कहा कि ईरान के साथ मौजूदा टकराव अपने अंतिम चरण में पहुंच रहा है और इसका समाधान या तो किसी समझौते के जरिए होगा या फिर “मुश्किल तरीके” से।
हालांकि ट्रंप ने न तो किसी संभावित सैन्य कार्रवाई का खुलासा किया और न ही चल रही बातचीत के बारे में कोई विशेष जानकारी दी। उन्होंने केवल इतना संकेत दिया कि आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।
ऊर्जा बाजार और किसानों से जोड़ा मुद्दा
अपने संबोधन में ट्रंप ने ईरान से जुड़े घटनाक्रम को अमेरिकी अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार और किसानों से भी जोड़ा। उन्होंने दावा किया कि स्थिति सामान्य होने पर ऊर्जा और उर्वरक की कीमतों में कमी आएगी।
ट्रंप ने कहा कि खाद की कीमतें काफी कम होने वाली हैं। ऊर्जा सस्ती होगी और तेल तथा गैस की कीमतें भी नीचे आएंगी। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन ईरान से जुड़े “अधूरे कामों” को पूरा करने में जुटा है और जल्द ही इस मुद्दे पर मजबूत स्थिति हासिल कर लेगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान के खिलाफ हालिया सैन्य अभियानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि ईरानी नौसैनिक क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया गया है।
ट्रंप ने कहा, “ईरान के पास अब कोई नौसेना नहीं है। चार दिनों में 159 जहाजों को निशाना बनाया गया।” हालांकि उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई अतिरिक्त विवरण या आधिकारिक आंकड़े पेश नहीं किए।
क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के तेल और गैस व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है। इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य गतिविधि का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि उसके बल क्षेत्र में सतर्क हैं और आत्मरक्षा तथा समुद्री सुरक्षा के लिए आवश्यक होने पर आगे भी कार्रवाई करने को तैयार हैं।
समाचार एजेंसी आईएएनएस इनपुट



