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‘हमले नहीं रुके तो आक्रामक रूप देखेगा अमेरिका’, ईरान के सैन्य सलाहकार रेजाई की चेतावनी

पिछले कुछ दिनों में अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के कई इलाकों पर हमले किए हैं। अमेरिका का कहना है कि ये कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट में व्यावसायिक जहाजों के लिए पैदा हुए खतरे को कम करने और ईरान की सैन्य क्षमता को सीमित करने के उद्देश्य से की जा रही है।

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Nighttime cityscape with warm lights along ancient walls, a domed building in the center, and a long diagonal light trail across the dark sky.
Jerusalem: Missile debris falls after Israeli air defense systems launched interceptor missiles over Jerusalem, Feb. 28, 2026. The United States and Israel on Saturday launched "major combat operations" against Iran, claiming that the country's Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei had been killed. Iran retaliated with a series of counterattacks against Israel and U.S. targets across the region. (Xinhua via IANS)

तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार गहराता जा रहा है। शुक्रवार रात ईरान के कई प्रांतों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जबकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमलों का नया दौर शुरू करने की घोषणा की। इसी बीच, ईरान के शीर्ष सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाई ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अगले दो से तीन दिनों तक हमले जारी रहे तो ईरान और अधिक आक्रामक तथा विनाशकारी जवाब देगा।

रेजाई, जो ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार हैं, ने सरकारी टीवी आईआरआईबी को दिए इंटरव्यू में कहा कि अब “युद्ध और बातचीत साथ-साथ” चलाने की नीति समाप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी हमले नहीं रुके तो ईरानी सेना केवल जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी और अमेरिकी सैन्य ठिकाने तथा सैनिक किसी भी राजनीतिक सीमा के भीतर सुरक्षित नहीं रहेंगे।

उन्होंने दावा किया कि ईरान ने अब तक युद्ध को क्षेत्रीय या अंतरराष्ट्रीय संकट में बदलने से रोकने के लिए संयम बरता है, लेकिन यदि अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखता है तो ईरान जमीनी स्तर पर भी अपनी सैन्य क्षमताओं का विस्तार करेगा और संघर्ष का दायरा बढ़ जाएगा। रेजाई ने यह भी कहा कि अमेरिका को और बड़े मिसाइल तथा ड्रोन हमलों के लिए तैयार रहना चाहिए और उसे ईरान के खिलाफ किसी भी जमीनी सैन्य अभियान से बचना चाहिए।

अमेरिकी सेना ने सातवीं रात किए हमले, कई प्रांतों में धमाकों की आवाज

ईरानी मीडिया के मुताबिक शुक्रवार रात तेहरान सहित कई इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। अर्ध-सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी ने बताया कि बुशहर, होर्मोजगान प्रांत के सिरिक और केश्म क्षेत्रों में भी विस्फोटों की खबरें मिलीं। वहीं, सरकारी आईआरएनए के अनुसार मध्य ईरान के यज्द प्रांत में भी पांच धमाकों की आवाज सुनी गई। हालांकि, इन घटनाओं में हुए नुकसान या किसी हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

यूएस सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि उसने लगातार सातवीं रात ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चलाया। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है। इससे पहले भी अमेरिकी सेना ने दर्जनों सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए थे, जिनमें तटीय निगरानी केंद्र, एयर डिफेंस साइटें, सैन्य लॉजिस्टिक्स ढांचा और समुद्री ठिकाने शामिल थे।

अमेरिका के अनुसार, चाह बहार स्थित शाहिद कलंतरी बंदरगाह का निगरानी टावर भी निशाने पर था। उसका आरोप है कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) इस टावर का इस्तेमाल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की निगरानी और उन्हें निशाना बनाने के लिए कर रही थी।

ईरान का दावा, बहरीन में अमेरिकी ठिकाने बनाए निशाना

दूसरी ओर, आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने बहरीन में अमेरिकी ड्रोन डिपो और एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ईरान का कहना है कि इस केंद्र का इस्तेमाल अमेरिकी सेना लक्ष्य पहचानने और सैन्य अभियानों के लिए करती थी तथा उसके जवाबी हमलों में इसे पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। हालांकि, अमेरिका की ओर से इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है।

आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने दक्षिण-पश्चिमी खुजस्तान प्रांत के रामशीर क्षेत्र में अमेरिका के एरोविरोनमेंट आरक्यू-11 रेवेन ड्रोन को मार गिराया।

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होर्मुज स्ट्रेट में भी बढ़ा तनाव

तनाव के बीच ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि ईरानी सुरक्षा बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नियमों का उल्लंघन करने वाले थाईलैंड के झंडे वाले एक जहाज को निशाना बनाया। एजेंसी के मुताबिक जहाज ने आईआरजीसी नौसेना से आवश्यक अनुमति लिए बिना जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश की और चेतावनियों की भी अनदेखी की।

पिछले कुछ दिनों में अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के कई इलाकों पर हमले किए हैं। अमेरिका का कहना है कि ये कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट में व्यावसायिक जहाजों के लिए पैदा हुए खतरे को कम करने और ईरान की सैन्य क्षमता को सीमित करने के उद्देश्य से की जा रही है। वहीं, ईरान लगातार अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा कर रहा है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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