Homeभारततमिलनाडुः स्टालिन नहीं बचा पाए अपनी सीट, पुराने सहयोगी ने दी मात

तमिलनाडुः स्टालिन नहीं बचा पाए अपनी सीट, पुराने सहयोगी ने दी मात

 तमिलनाडु में एक्टर विजय की पार्टी टीवीके ने बंपर जीत दर्ज की है। स्टालिन अपनी सीट हार गए हैं।

चेन्नईः तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को बड़ा झटका लगा है। उनकी पार्टी डीएमके तो पीछे ही थी, वह भी अपनी सीट नहीं बचा पाए। अभिनेता से राजनेता बने विजय की तमिलगा वेट्टरी कझगम (टीवीके) पार्टी द्वारा कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतारे गए उम्मीदवार वीएस बाबू से हार गए हैं। यह परिणाम ऐसे समय आया है जब नवोदित टीवीके पार्टी ने तमिलनाडु में सबसे बड़ी पार्टी बनकर पूरे देश को चौंका दिया है। वीएस बाबू स्टालिन के ही पुराने सहयोगी रहे हैं।

चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, कोलाथुर विधानसभा सीट पर 22 राउंड की गिनती होने के बाद स्टालिन 8,795 वोटों से हार गए हैं। टीवीके के वीएस बाबू को 82,997 वोट मिले हैं, वहीं स्टालिन को 74,202 वोट मिले हैं।

विजय की पार्टी टीवीके ने दर्ज की बंपर जीत

गौरतलब है कि एक्टर विजय की पार्टी टीवीके ने राज्य में बंपर जीत की ओर अग्रसर हैं। राज्य की 234 विधानसभा सीटों में से टीवीके ने शाम छह बजे तक 26 पर जीत दर्ज कर ली है जबकि 83 पर बढ़त हासिल है। वहीं, डीएमके ने 9 सीटें जीती हैं और उसे 52 सीटों पर बढ़त हासिल है। इसी तरह एआईएडीएमके को 6 सीटों पर जीत मिली है और 38 पर बढ़त मिली है।

टीवीके के शानदार प्रदर्शन का श्रेय युवा मतदाताओं के मजबूत समर्थन, सत्ता विरोधी भावना के लाभ और सुनियोजित जमीनी स्तर के प्रचार को दिया जा रहा है। यह परिणाम तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में एक निर्णायक बदलाव का संकेत देता है।

सोमवार (4 मई) को शुरुआती रुझानों में ही चेन्नई क्षेत्र में टीवीके ने शानदार बढ़त हासिल की। यहां वह 37 विधानसभा सीटों में से 31 पर आगे चल रही है। इसके अलावा 65 शहरी निर्वाचन क्षेत्रों में से 49 पर भी उसके उम्मीदवार आगे हैं, और ऐसा प्रतीत होता है कि यह बढ़त डीएमके के लिए भारी नुकसान के कारण मिली है।

मतगणना के दिन अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए भारी बढ़त हासिल करने के बाद विजय के नेतृत्व वाली पार्टी ने शुरू में कहा था कि वह तमिलनाडु में “बिना किसी समर्थन के” सरकार बनाने की संभावनाओं को लेकर आश्वस्त है।

बहुमत के आंकड़ों से पीछे

हालांकि अभी तक के आंकड़ों के मुताबिक, टीवीके बहुमत के जादुई आंकड़े से करीब 10 सीट पीछे है। पार्टी को अपने दम पर सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों की जरूरत है। वहीं, अभी पार्टी को 107 सीटों पर बढ़त हासिल है। ऐसे में बहुमत तक पहुंचने के लिए पार्टी को किसी पार्टी की तरफ झुकना पड़ सकता है।

दिन ढलने तक साथ ही रुझान स्थिर होने लगे और यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी अकेले दम पर बहुमत का आंकड़ा पार नहीं कर पाएगी। टीवीके कार्यकर्ताओं के बीच जश्न के माहौल के बीच विजय के पिता ने डीएमके की प्रमुख सहयोगी कांग्रेस को चुनाव के बाद गठबंधन के लिए खुले तौर पर आमंत्रित किया।

दोनों पार्टियों के बीच संभावित गठबंधन की अटकलों के सामने आने के लगभग तीन महीने बाद यह प्रस्ताव आया है। विजय के पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने कांग्रेस पार्टी की मौजूदा स्थिति को सत्ता में गिरावट और गठबंधन में बदलाव से जोड़ा। उन्होंने कहा, “ कांग्रेस का एक समृद्ध इतिहास और परंपरा है। ऐसी कांग्रेस का पतन क्यों हो रहा है? सत्ता की कमी के कारण। ”

गौरतलब है कि तमिलनाडु विधानसभा की सभी 234 सीटों के लिए चुनाव 23 अप्रैल को एक ही चरण में हुए थे। चुनावी नतीजों में एमके स्टालिन को हार मिली है। वहीं, उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन ने चेपॉक सीट से जीत दर्ज की है।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
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