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ईरान पर अमेरिका की नाकाबंदी पड़ सकती है उल्टी, सऊदी अरब की ट्रंप को चेतावनी; कहा – तेहरान बंद कर सकता है अन्य मार्ग

सऊदी अरब ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी है कि नाकेबंदी के चलते ईरान अन्य महत्वपूर्ण मार्गों को भी बंद कर सकता है।

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फोटोः समाचार एजेंसी आईएएनएस

रियादः सऊदी अरब ने अमेरिका से ईरान पर होर्मजु जलडमरूमध्य की नाकाबंदी हटाने का आग्रह किया है। सऊदी अरब इसके लिए बातचीत पर वापस आने को तैयार है। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी भी दी है कि ईरानी तेल को रोकने का कदम तेहरान को अन्य महत्वपूर्ण मार्गों को बंद करने के लिए उकसा सकता है।

गौरतलब है कि अमेरिका द्वारा बीते हफ्ते इस्लामाबाद में हुई बैठक और ट्रंप की बमबारी के बाद भी ईरान ने होर्मुज पर नियंत्रण बनाए रखा। हालांकि सोमवार (13 अप्रैल) को अमेरिकी नाकाबंदी लागू हो गई। इस नाकेबंदी का उद्देश्य महीनों से जारी युद्ध से कमजोर ईरान की अर्थव्यवस्था को और झटका देना है।

सऊदी अरब ने अमेरिका को दी चेतावनी

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अरब के अधिकारियों के हवाले से लिखा कि सऊदी अरब ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि ईरान बाब अल-मंडेब को बंद करके जवाबी कार्रवाई कर सकता है। बाल अल-मंडेब लाल महासागर का वह महत्वपूर्ण मार्ग है जो होर्मुज के बंद होने के बाद से सऊदी अरब के तेल निर्यात की जीवनरेखा बन गया है।

ईरान ने पश्चिमी एशिया में युद्ध की शुरुआत में जहाजों पर हमला करके होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था। इससे लगभग 13 मिलियन प्रति बैरल प्रतिदिन तेल निर्यात ठप हो गया। वहीं, कच्चे तेल का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया।

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रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि सऊदी अरब ने रेगिस्तान के पार अपने लाल सागर टर्मिनल यानबू तक कच्चा तेल पंप करके अपने निर्यात को युद्ध-पूर्व स्तर यानी लगभग 7 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक वापस ला दिया है लेकिन बाब अल-मंडेब टर्मिनल के बंद होने पर यह वैकल्पिक उपाय विफल हो जाएगा।

अमेरिकी नाकाबंदी उचितः व्हाइट हाउस

व्हाइट हाउस ने अमेरिकी नाकाबंदी को सही ठहराया है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अना केली ने कहा कि ” राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ऊर्जा के निर्बाध प्रवाह को सुगम बनाने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खुला रखना चाहते हैं। ” उन्होंने आगे कहा कि ” प्रशासन हमारे खाड़ी सहयोगियों के साथ लगातार संपर्क में है जिनकी राष्ट्रपति यह सुनिश्चित करके मदद कर रहे हैं कि ईरान संयुक्त राज्य अमेरिका या किसी अन्य देश से जबरदस्ती वसूली न कर सके। “

अरब के अधिकारियों ने कहा कि ईरान अब यमन में अपने हूती सहयोगियों पर दबाव डाल रहा है जो बाब अल-मंडेब के साथ तटरेखा के एक लंबे हिस्से पर नियंत्रण रखते हैं ताकि गाजा युद्ध के दौरान चलाए गए व्यवधान अभियान को दोहराया जा सके। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की करीबी ईरान की अर्ध-सरकारी तसनीम समाचार एजेंसी ने अमेरिकी कदम के जवाब में लाल सागर को बंद करने का प्रस्ताव रखा है।

वाशिंगटन स्थित पॉलिसी इंस्टीट्यूट न्यू अमेरिका के यमन विशेषज्ञ एडम बैरन ने कहा कि, “अगर ईरान बाब अल-मंडेब को बंद करना चाहता है तो हूती इसके लिए सबसे उपयुक्त सहयोगी हैं और गाजा संघर्ष पर उनकी प्रतिक्रिया से पता चलता है कि उनमें ऐसा करने की क्षमता है।”

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खाड़ी देश हालांकि यह नहीं चाहते हैं कि ईरान के पास होर्मुज का नियंत्रण बना रहे और युद्ध समाप्त हो। लेकिन क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक, अरब समेत कई देश अमेरिका पर बातचीत के जरिए संघर्ष को सुलझाने का दबाव डाल रहे हैं।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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