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सऊदी के एयरबेस पर हुए हमले में अमेरिकी AWACS और ईंधन भरने वाले जेट क्षतिग्रस्त; ईरान का दावा

सऊदी अरब के हवाई अड्डे पर हमले में अमेरिकी AWACS और ईंधन भरने वाले जेट क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ईरान ने ये दावा किए हैं।

iran claim to us awacs aircraft and jet hit at strike on saudi arab air base, ईरान
फोटोः आईएएनएस

रियादः ईरान ने शुक्रवार (27 मार्च) को सऊदी अरब में अमेरिकी हवाई अड्डे पर मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया। इसमें एक निगरानी विमान सहित सैन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचा।

ईरान के प्रेस टीवी के अनुसार हमले में प्रिंस सुल्तान हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया, जहां अमेरिकी सेना तैनात है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बोइंग ई-3 सेंट्री एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) विमान सहित कई ईंधन भरने वाले विमान भी क्षतिग्रस्त हुए।

विमान को दिखाया गया क्षतिग्रस्त

प्रेस टीवी द्वारा जारी की गई तस्वीरों में विमान को स्पष्ट रूप से क्षतिग्रस्त दिखाया गया है। जबकि रिपोर्टों में दावा किया गया है कि धड़ के केवल कुछ हिस्से ही सही सलामत बचे हैं। ईरानी मीडिया ने बताया कि हमले में छह बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 ड्रोन शामिल थे।

एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक इस हमले में कम से कम 10 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। इनमें से दो की हालत गंभीर है। हालांकि अमेरिकी केंद्रीय कमान ने अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

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ईरानी सरकारी प्रेस टीवी ने कहा कि यह अभियान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर्प्स (आईआरजीसी) द्वारा चलाया गया था। इसमें लंबी रेंज और मध्यम रेंज की मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। इसके साथ ही इस हमले में ड्रोन अटैक कराए गए।

ईरानी रिपोर्ट में क्या दावा किया गया?

इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि ईरानी सेनाओं ने अमेरिकी MQ-9 मार गिराया गया। इसके अलावा एफ-16 फाइटर जेट पर भी कब्जा किया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई।

यह हमला ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष के बीच हुआ है। यह विवाद 28 फरवरी को शुरू हुआ था और तब से पूरे क्षेत्र में सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर बार-बार हमले हो रहे हैं।

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सऊदी अड्डे पर हुए नुकसान या हताहतों की संख्या के बारे में अमेरिकी अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई पुष्टि या प्रतिक्रिया नहीं आई है।

अमेरिका ने हमले को स्वीकार किया

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी स्वीकार किया है कि उसका एफ-16 फाइटिंग फाल्कन निशाना बनाया गया था।

अपने आधिकारिक समाचार माध्यम सेपाह न्यूज पर जारी बयान में आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिकी फाइटर जेट और ड्रोन को उसकी नौसेना और एयरोस्पेस डिवीजन द्वारा संयुक्त जवाबी मिसाइल और ड्रोन अभियानों के दौरान निशाना बनाया गया। ये अभियान अमेरिका और इजरायल से संबंधित भारी उद्योगों के खिलाफ चलाए गए थे।

इसके अलावा ईरान ने अमेरिकी विश्वविद्यालयों पर हमला करने की कड़ी चेतावनी जारी की है। दरअसल, ईरानी सरकार ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इजरायल जानबूझकर ईरान के विश्वविद्यालयों और स्कूलों को टारगेट कर रहे हैं। ऐसे में अब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी विश्वविद्यालयों को निशाना बनाने की धमकी दी।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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