Home खेलकूद Budget 2026: खेल सामग्री क्षेत्र को मिला बढ़ावा, 500 करोड़ रुपये का...

Budget 2026: खेल सामग्री क्षेत्र को मिला बढ़ावा, 500 करोड़ रुपये का हुआ आवंटन

Budget 2026 में खेल सामग्री क्षेत्र को बढ़ावा देते हुए 500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसके साथ ही खेल मंत्रालय के लिए भी बढ़ोतरी की गई है।

budget 2026 sports commodity sector to get 500 crore rupees khelo india high allocation
Budget 2026, Photo: ians

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी) को लगातार नौवीं बार बजट पेश किया। इस साल पेश किए गए बजट में युवा मामलों और खेल मंत्रालय के बजट में 1,000 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई। वहीं, खेल सामग्री निर्माण क्षेत्र को भी 500 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ।

खेल मंत्रालय को कुल 4,479.88 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ है। बीते साल के बजट की तुलना में 2025-26 बजट में इस क्षेत्र में 1,133.34 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के लिए भी बढ़ाई राशि

राष्ट्रीय शिविरों के आयोजन और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए रसद व्यवस्था की नोडल संस्था, भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) के लिए आवंटित धनराशि 880 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 917.38 करोड़ रुपये कर दी गई है।

भारतीय खेल प्राधिकरण पूरे देश के स्टेडियम के रखरखाव और उपयोग के लिए भी जिम्मेदार है। हालांकि, राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी का बजट 2025-26 में 28.55 करोड़ रुपये से घटकर 23 करोड़ रुपये और 24.30 करोड़ रुपये से घटकर 20.30 करोड़ रुपये हो गया है।

यह भी पढ़ें – बजट 2026 के किस ऐलान से शेयर बाजार में हाहाकार? सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट

सीतारामन ने अपने भाषण में उच्च गुणवत्ता वाले और किफायती खेल सामानों के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की उभरने की क्षमता पर जोर दिया, और खेल मंत्री मनसुख मांडविया द्वारा पदभार ग्रहण करने के बाद से व्यक्त किए गए दृष्टिकोण का समर्थन किया।

उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा, “मैं खेल सामग्री के लिए एक समर्पित पहल का प्रस्ताव करती हूं जो उपकरण डिजाइन और सामग्री विज्ञान में विनिर्माण, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देगी।”

पिछले बजट में खेल सामग्री क्षेत्र से संबंधित नहीं था कोई प्रावधान

पिछले बजटों में खेल सामग्री क्षेत्र से संबंधित कोई प्रावधान नहीं था। खेल मंत्रालय ने इस आवंटन का स्वागत किया और कहा कि उद्योग को समर्थन सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत योजना बनाई जाएगी।

इस पहल से देश में खेल सामग्री विनिर्माण स्टार्टअप को बढ़ावा मिलने की संभावना है। सरकार के प्रमुख खेलो इंडिया कार्यक्रम को 924.35 करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ है। पिछले वर्ष आवंटित राशि 1000 करोड़ रुपये थी लेकिन अंतिम व्यय 700 करोड़ रुपये रहा।

कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए सहायता राशि इस वर्ष 28.05 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये कर दी गई है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 78 प्रतिशत की वृद्धि है। कॉमनवेल्थ गेम्स इस वर्ष जुलाई-अगस्त में ग्लासगो में आयोजित होने वाले हैं।

यह भी पढ़ें – Budget 2026: नए बजट के बाद क्या महंगा हुआ और क्या सस्ता? पूरी लिस्ट

बजट भाषण के दौरान निर्मला सीतारामन ने अगले दशक में प्रशिक्षण केंद्रों और प्रशिक्षकों के व्यवस्थित विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए ‘खेलो इंडिया मिशन’ शुरू करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि यह मिशन परस्पर जुड़े मार्गों के माध्यम से एक एकीकृत प्रतिभा विकास कार्यक्रम को सुगम बनाएगा।

खेलो इंडिया कार्यक्रम 2017 में शुरू किया गया था और इसका प्राथमिक उद्देश्य प्रतिभा पहचान के लिए सभी आयु वर्गों में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन करना था।

author avatar
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version