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बजट में नहीं है बंगाल का जिक्र, सरकार हमें ‘बांग्लादेशियों’ की तरह देखती हैः अभिषेक बनर्जी

टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बजट को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इसमें बंगाल का कोई जिक्र नहीं है।

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फोटोः आईएएनएस

कोलकाताः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट पेश करने के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल के लोगों को ‘बांग्लादेशी’ बताकर बदनाम करने का आरोप लगाया। वहीं, निर्मला सीतारमण द्वारा बजट भाषण में बंगाल का जिक्र न करने को लेकर भी कड़ी आलोचना की।

बजट के बारे में सवाल पूछे जाने पर बनर्जी ने कहा कि इसमें किसी भी समुदाय के लिए कोई समाधान नहीं है। बनर्जी ने बजट को ‘चेहराविहीन, आधारहीन और दूरदृष्टिहीन बजट’ बताया।

अभिषेक बनर्जी ने क्या कहा?

अभिषेक बनर्जी ने बजट पर बोलते हुए कहा “बजट भाषण 85 मिनट लंबा था — 5,100 सेकंड– बंगाल का जिक्र नहीं था। बंगाल को भूल जाइए, किसान, युवा…किसी के लिए कुछ खास नहीं था।”

बनर्जी ने आगे कहा कि “वे एआई, स्किल इंडिया, तकनीकी दक्षता (टेक्निकल एडवांसमेंट) की बात करते हैं, युवा रोजगार कैसे पाएंगे, रोजगार सृजन कैसे होगा, इसके बारे में कुछ नहीं है। किसानों की आय कैसे बढ़ेगी, इसके बारे में कुछ नहीं है, किसी भी समुदाय के लिए कुछ नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा कि “यह सरकार और उसके मंत्री हैं जिन्होंने बजट पेश किया है, वे हमें बांग्लादेशी कहते हैं। बंगाल का जिक्र तक नहीं था। जल जीवन मिशन का पैसा रोक दिया गया है, यहां तक कि उन्होंने पुराने वादे भी नहीं पूरे किए हैं।”

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अभिषेक बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर बंगाल के 10 करोड़ लोगों को ‘बांग्लादेशी’ करार देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा “राज्य के लोगों – श्रमिकों, किसानों, मछुआरों और युवाओं – के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं है। युवाओं के लिए कोई रोडमैप नहीं है।”

केंद्र की भाजपा सरकार से नहीं कोई आशा

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार से कोई आशा नहीं है। बनर्जी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण को “स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट” करार दिया।

उन्होंने कहा, “सरकार अपने बजट का बचाव करेगी; मेरे हिसाब से तो यह उसके अपने जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार की गई स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट जैसी है। इसमें किसी को भी कोई ठोस समाधान नहीं दिया गया है।”

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वहीं, वरिष्ठ टीएमसी नेता सौगत रॉय ने भी कहा कि बजट में कोई नई घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने निर्मला सीतारमण के बजट भाषण में बंगाल का जिक्र न होने से केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी) को नौवीं बार बजट पेश किया। इसी के साथ वह सर्वाधिक बार बजट पेश करने वाली लिस्ट में दूसरे स्थान पर आ गई हैं। उनसे पहले यह स्थान मोरारजी देसाई के नाम है जिन्होंने लगातार 10 बार केंद्रीय बजट पेश किया था।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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