नई दिल्ली: देश की राजधानी में सत्ता गंवाने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने इस बार भी दिल्ली नगर निगम में मेयर और डिफ्टी मेयर चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया है। यह लगातार दूसरा साल है, जब ‘आप’ इन दोनों पदों के लिए अपनी दावेदारी पेश नहीं करेगी। ये चुनाव 29 अप्रैल को होने हैं। चुनाव नहीं लड़ने का यह फैसला बुधवार को हुई पार्टी बैठक में लिया गया।
इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को दिल्ली नगर निगम के मेयर पद के चुनाव के लिए पार्षद प्रवेश वाही को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं, डिप्टी मेयर पद के लिए पार्टी ने मोनिका पंत को उम्मीदवार बनाया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक ‘आप’ के पार्षद और नेता विपक्ष अंकुश नारंग ने बताया, ‘अगर गंभीर प्रयास किए जाते तो हम संख्या जुटा सकते थे। कुछ पार्षद मौजूदा व्यवस्था से नाखुश हैं। लेकिन अन्य पार्टियों की तरह खरीद-फरोख्त (हॉर्स-ट्रेडिंग) में पड़ने का कोई मतलब नहीं है।’
AAP ने स्टैंडिंग कमेटी की तीन खाली सीटों में से केवल एक पर नामांकन दाखिल किया है। पार्टी का मानना है कि इस पर उसके जीतने की संभावना है। नारंग ने कहा, ‘हमने एक बार फिर बीजेपी को खुला प्रस्ताव दिया है कि वह अपने उम्मीदवार न सिर्फ मेयर बना ले बल्कि स्टैंडिंग कमेटी का चेयरमैन भी बना ले, क्योंकि पार्टी को कमेटी में भी बहुमत मिल जाएगा।’
AAP ने शालीमार बाग के पार्षद जलज चौधरी को कमेटी के लिए उम्मीदवार बनाया है। नारंग के मुताबिक, ‘चौधरी लंबे समय से इलाके की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाते रहे हैं और उनका अनुभव MCD के कामकाज को और मजबूत करेगा।’
स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों के लिए भी चुनाव
स्टैंडिंग कमेटी के तीन सदस्यों के चुनाव भी 29 अप्रैल को होंगे। 31 मार्च को 18 सदस्यीय इस कमेटी में भारतीय जनता पार्टी के 6 और आप के 3 सदस्य रिटायर हो गए थे। छह सीटों के चुनाव संबंधित जोन में होंगे, जबकि बाकी तीन का चुनाव निर्वाचित सदन करेगा। अन्य नौ सदस्यों में भाजपा के पास 5 और आप के पास 4 सदस्य हैं।
दूसरी ओर कांग्रेस ने साफ किया है कि वह मेयर और डिप्टी मेयर दोनों पदों के लिए उम्मीदवार उतारेगी। कांग्रेस पार्षद नाजिया दानिश ने कहा कि पार्षद लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुने जाते हैं, इसलिए चुनाव में भाग नहीं लेने का सवाल ही नहीं उठता।
क्या है वोटों का समीकरण?
250 सदस्यीय सदन में भाजपा के 123 और आप के 100 पार्षद हैं। अन्य में इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के 15, कांग्रेस के 9, फॉरवर्ड ब्लॉक का 1, एक निर्दलीय और एक सीट खाली है। मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव में पार्षदों के साथ सांसद और विधायक भी वोट देते हैं। इस हिसाब से बाजपा के पास 141 वोट (123 पार्षद, 7 लोकसभा सांसद, 11 विधायक) हैं, जबकि आप के पास 106 वोट (100 पार्षद, 3 राज्यसभा सांसद, 3 विधायक) हैं।
पिछले साल भी AAP ने मेयर चुनाव नहीं लड़ा था, जिससे BJP को बिना मशक्कत जीत मिली थी। 2022 के नगर निगम चुनाव के बाद शुरुआती तीन कार्यकाल, जिनमें महिलाओं और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कार्यकाल भी शामिल थे, इनमें आप के पास मेयर और डिप्टी मेयर दोनों पद थे। चौथे कार्यकाल में भाजपा के राजा इकबाल सिंह मेयर बने और पार्टी ने दो साल बाद फिर से निगम पर नियंत्रण हासिल किया। आप ने 2022 के चुनाव में 250 में से 134 सीटें जीती थीं, लेकिन बाद में दल-बदल और इस्तीफों के कारण संख्या घटकर 100 रह गई।
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