नई दिल्ली: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने मीडिया में आई उन रिपोर्टों को खारिज किया है, जिसमें दावा किया गया था कि अभी चल रहे विधानसभा चुनावों के बाद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ी वृद्धि की जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया था कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25-28 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ऐसी रिपोर्टों को फर्जी खबर बताते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, ‘कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की बात कही जा रही है। यह स्पष्ट किया जाता है कि सरकार ऐसे किसी प्रस्ताव पर अभी विचार नहीं कर रही है।’
पोस्ट में आगे कहा गया है, ‘इस तरह की खबरें नागरिकों में भय और दहशत पैदा करने के उद्देश्य से फैलाई जाती हैं और ये शरारतपूर्ण और भ्रामक होती हैं। भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां पिछले चार साल में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि नहीं हुई है। भारत सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने भारतीय नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों में होने वाली तीव्र वृद्धि से बचाने के लिए लगातार कदम उठाए हैं।’
बता दें कि बुधवार को आई घरेलू ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25 से 28 रुपये तक की बढ़ोतरी की जा सकती है। तमिलनाडु में आज सभी सीटों के लिए बंगाल में पहले चरण का मतदान हो रहा है। 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के साथ पांच राज्यों में वोटिंग की प्रक्रिया खत्म हो जाएगी।
सरकार ने कहा- पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य
इससे पहले प्रेस ब्रीफिंग में बुधवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया था कि देश में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और लोगों से अपील की है कि पेट्रोल-डीजल या गैस की जल्दबादी में खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। सरकार के मुताबिक, देश भर में घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की 100 प्रतिशत सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।
23 मार्च 2026 से अब तक 20 लाख से ज्यादा 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर (एफटीएल) बेचे जा चुके हैं, जो खासकर प्रवासी मजदूरों के लिए राहत का काम कर रहे हैं। सरकार ने इन सिलेंडरों की सप्लाई भी दोगुनी कर दी है ताकि जरूरतमंदों तक आसानी से गैस पहुंच सके।
पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) के विस्तार पर भी तेजी से काम हो रहा है। मार्च 2026 से अब तक करीब 5.10 लाख नए कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं और 2.56 लाख अतिरिक्त कनेक्शन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो चुका है। इसके अलावा, 5.77 लाख लोग नए कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं।
गौरतलब है कि ईरान जंग की वजह से पूरी दुनिया में तेल संकट गहराया है। इसे अब तक का सबसे बड़ा ईंधन संकट माना जा रहा है। आंकड़े बताते हैं कि जंग शुरू होने के बाद से करीब 600 मिलियन बैरल से अधिक की सप्लाई बाधित हुई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बड़ी संख्या में तेल और गैस की शिपिंग दक्षिण एशिया के देशों और दुनिया के दूसरे हिस्सों में पहुंचती है, हालांकि ये कई दिनों तक बंद रहा और अब भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
(समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)
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