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‘रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वालों को आस्था पर बोलने का अधिकार नहीं’, कांग्रेस-सपा पर बरसे सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के पास जनता के सामने रखने के लिए केवल दो मुद्दे बचे हैं, एक जाति के नाम पर समाज को बांटना और दूसरा सनातन आस्था पर हमला करना।

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Speaker in orange robes addresses a crowd from a flower-decorated podium, gesturing with his right hand near two microphones.
राम मंदिर दान घोटाले पर सीएम योगी ने दी प्रतिक्रिया। IANS

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि दोनों दल जाति और आस्था के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी भगवान राम और भगवान कृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे, जबकि समाजवादी पार्टी ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं। ऐसे दलों को आस्था पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को प्रतापगढ़ के विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र में 384 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 111 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के पास जनता के सामने रखने के लिए केवल दो मुद्दे बचे हैं, एक जाति के नाम पर समाज को बांटना और दूसरा सनातन आस्था पर हमला करना। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने हमेशा “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र पर काम किया है और आज बिना किसी भेदभाव के गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

‘राम-कृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले आस्था की बात कर रहे’

योगी आदित्यनाथ ने कहा, “जो कांग्रेस कभी कहती थी कि भगवान राम और भगवान कृष्ण का अस्तित्व ही नहीं था, वही आज अयोध्या और आस्था की बात कर रही है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने बाबरी ढांचे के पक्ष में खड़े होकर उस पर घड़ियाली आंसू बहाए। अब ये गिरगिट की तरह रंग बदलकर आस्था की राजनीति कर रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी मानसिकता हमेशा “माफिया राज” पर विश्वास करने की रही, इसलिए उन्होंने माफियाओं को संरक्षण दिया। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, उसे आस्था की बात करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि, रामभक्तों का भगवान राम और अयोध्या की आस्था की बात करना स्वाभाविक है, लेकिन जिन्होंने भगवान राम के अस्तित्व को नकारा या रामभक्तों का दमन किया, वे अब केवल राजनीतिक लाभ के लिए आस्था का सहारा ले रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर धार्मिक स्थलों की उपेक्षा का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, “जो हिंदू विरासत से जुड़े धार्मिक स्थलों के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए मिलने वाले धन को कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल बनाने में खर्च कर देते थे, वे आखिर किस आस्था की बात कर रहे हैं?” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से इस मुद्दे पर सवाल पूछें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कि देश और प्रदेश की जनता अब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की राजनीति को भलीभांति समझ चुकी है और उनके बहकावे में आने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार विकास और विरासत, दोनों को समान प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ रही है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस इनपुट

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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