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राम मंदिर चंदा विवाद मामले में चंपत राय-अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, गोविंद देव गिरी ने कहा – ‘हमें बांटने की कोशिश’

रामजन्मभूमि परिसर में यह बैठक करीब 3 घंटे तक चली। इस बैठक में ट्रस्टियों ने कथित चोरी की चल रही जांच की समीक्षा की और विवाद के बाद प्रशासनिक उपायों पर चर्चा की।

RAM MANDIR TEMPLE ANIL MISHRA CHAMPAT RAI RESIGNATION ACCEPTED, राम मंदिर
फोटो- समाचार एजेंसी आईएएनएस

अयोध्या: राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार (6 जुलाई) को महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर कर लिए हैं। अयोध्या में लंबी चली मीटिंग में यह फैसला लिया गया। मंदिर ट्रस्ट ने यह कदम कथित तौर पर चंदे में हेराफेरी के मामले से हुए नुकसान को कम करने के मकसद से उठाया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने कहा कि इस मामले के जरिए हमें बांटने की कोशिश की जा रही है।

रामजन्मभूमि परिसर में यह बैठक करीब 3 घंटे तक चली। इस बैठक में ट्रस्टियों ने कथित चोरी की चल रही जांच की समीक्षा की और विवाद के बाद प्रशासनिक उपायों पर चर्चा की।

चंपत राय-अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के नियमों के अनुसार किसी सदस्य द्वारा इस्तीफा देने पर उसे स्वीकृत माना जाता है। ऐसे में दोनों के इस्तीफे प्रभावी हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा लंबे समय से ट्रस्ट के कार्यों से जुड़े रहे हैं लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने स्वयं को ट्रस्ट के कामकाज से अलग करने का निर्णय लिया है। ट्रस्ट ने चंपत राय की जिम्मेदारियां कृष्ण मोहन को सौंपने का फैसला किया है। अब वह अपनी टीम के साथ मंदिर ट्रस्ट के कार्यों का संचालन करेंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोविंद देव गिरी ने कहा कि मामले को लेकर कई तरह की बातें कही जा रही हैं और समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोप लगाए जा रहे हैं कि केवल दानपात्रों से ही नहीं, बल्कि कई कीमती वस्तुएं भी चोरी हुई हैं। इन आरोपों के बीच ट्रस्ट ने कुछ महत्वपूर्ण वस्तुएं मीडिया के सामने प्रस्तुत कीं।

उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के पास 2,800 से अधिक वस्तुओं का विस्तृत रजिस्टर मौजूद है। इनमें दर्ज कई वस्तुओं में से कुछ को प्रमाण के तौर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाया गया। उन्होंने भरोसा जताया कि ट्रस्ट भविष्य में और अधिक सतर्कता तथा पारदर्शिता के साथ कार्य करेगा।

गोविंद देव गिरी ने कहा कि कुछ अधिकारियों की नियुक्ति के लिए एक समिति का गठन किया गया है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को आयोजित होगी। तब तक विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट भी आने की उम्मीद है।

एसआईटी की रिपोर्ट के बात ट्रस्ट करेगा समीक्षा: गोविंद देव गिरी

उन्होंने कहा कि एसआईटी रिपोर्ट मिलने के बाद ट्रस्ट उसकी समीक्षा करेगा और कुछ नए न्यासियों की नियुक्ति की घोषणा भी की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि जो भी अपराधी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें उचित सजा मिलनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना को आधार बनाकर देशभर में अनावश्यक राजनीतिक माहौल बनाया जा रहा है।

गोविंद देव गिरी ने कहा, “आज वे लोग हमें उपदेश दे रहे हैं जिन्होंने कभी कारसेवकों पर गोलियां चलवाई थीं। राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले लोग अचानक रामभक्ति की बात कर रहे हैं। इसके पीछे कई कारण हैं, लेकिन सबसे बड़ा उद्देश्य समाज को बांटना है।”

उन्होंने कहा कि अगर आपको लगता है कि आपका कोई सामान गायब है तो आप ट्रस्ट से समय लीजिए, आकर मिलिए और पूरी जानकारी रखिए। आप सभी धैर्य रखें, अपराधियों को दंड मिलेगा। रामराज्य आएगा, हम सभी रुकने वाले नहीं है। उन्होंने अपील की कि धैर्य रखें, शांत रहें, आपके हर सवालों का जवाब दिया जाएगा।

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(समाचार एजेंसी आईएएनएस से इनपुट्स के साथ)

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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