पश्चिम बंगाल में 15 मतदान केंद्रों शनिवार को दोबारा वोटिंग के बीच दक्षिण 24 परगना में हिंसा की खबरें आई हैं। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण 24 परगना में पुनर्मतदान के दौरान तृणमूल कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प हुई। सामने आई कुछ तस्वीरों में दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे से भिड़ते और अराजक स्थिति में नजर आ रहे हैं।
जिन 15 मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान हो रहा है, वे दक्षिण 24 परगना की दो विधानसभा सीटों में स्थित हैं। मगराहट पश्चिम विधानसभा सीट के 11 मतदान केंद्रों और डायमंड हार्बर के चार मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से पुनर्मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई थी। शाम 6 बजे तक मतदान जारी रहेगा।
क्यों हो रहे हैं इन जगहों पर फिर से मतदान?
निर्वाचन आयोग ने चुनाव में धांधली के आरोपों के कारण इन केंद्रों पर पुनर्मतदान का आदेश दिया था। दरअसल, भारतीय जनता पार्टी ने इन मतदान केंद्रों पर ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने जांच के बाद इन बूथों पर दोबारा मतदान कराने का फैसला किया।
बहरहाल, ये झड़पें जिले के फाल्टा में लोगों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुईं, जिसमें उन्होंने सोमवार को होने वाली मतगणना से पहले तृणमूल कार्यकर्ताओं द्वारा धमकियों और डराने-धमकाने का आरोप लगाया।
एक महिला ने बताया, ‘तृणमूल के इसराफिल चौकीदार ने हमें धमकी दी है कि अगर ये लोग जीत गए तो वे हमारे घर जला देंगे और खून-खराबा करेंगे।’ एक अन्य महिला, जिसने तृणमूल को वोट देने का दावा किया, उसने इस बात पर हैरानी जताई कि उसी पार्टी के एक नेता ने उसे निशाना बनाया। उन्होंने कहा, ‘हमने तृणमूल को वोट दिया, फिर भी उन्होंने हम पर हमला किया। हम चाहते हैं कि उसे गिरफ्तार किया जाए। हम महिलाओं की सुरक्षा चाहिए।’
चुनाव आयोग के दोपहर 2 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, मगराहट पश्चिम में 56.33 प्रतिशत और डायमंड हार्बर में 54.9 प्रतिशत मतदान हुआ, जिससे कुल मतदान प्रतिशत 55.57 प्रतिशत पहुंच चुका है।
स्ट्रॉन्ग रूम से जुड़ा एक और विवाद
इससे पहले पश्चिम बंगाल चुनाव में एक और विवाद तब सामने आया जब तृणमूल ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को रखने वाले स्ट्रांग रूम में अनियमितताओं के आरोप लगाए। पार्टी ने खुदीराम अनुशीलन केंद्र के एक रिटर्निंग ऑफिसर के खिलाफ डाक मतपत्रों की अनधिकृत छँटाई का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। तृणमूल कांग्रेस ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक औपचारिक शिकायत भेजी है।
टीएमसी की ओर से राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने यह शिकायत दर्ज कराई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि 30 अप्रैल 2026 को खुदीराम अनुशीलन केंद्र, जो एक स्ट्रॉन्ग रूम के रूप में इस्तेमाल हो रहा है, वहां पोस्टल बैलेट के कवर की छंटाई की गई। आरोप है कि यह प्रक्रिया चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार नहीं हुई।
पार्टी का कहना है कि इस दौरान उम्मीदवारों, उनके चुनाव एजेंटों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को न तो बुलाया गया और न ही कोई पूर्व सूचना दी गई। टीएमसी ने इसे चुनावी पारदर्शिता के नियमों का उल्लंघन बताया है।
भाजपा ने भी आरोप लगाया कि एक स्ट्रांग रूम को बिना अनुमति के खोला गया, जिसके बाद जांच शुरू की गई है। फिलहाल विवादों के बीच अब नजरें 4 मई पर टिकी है, जब वोटों की गिनती की जाएगी और पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजे सामने आएंगे।
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