नई दिल्ली: राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब पुलिस ने राज्य के अलग-अलग जिलों में गैर-जमानती धाराओं के तहत दो एफआईआर दर्ज की हैं। यह घटनाक्रम उनके आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है। यह एफआईआर किन मामलों को लेकर हुई है, इसका विवरण अभी सामने नहीं आ सका है।
राघव चड्ढा के साथ संदीप पाठक उन 7 राज्य सभा सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने पिछले महीने भाजपा में विलय का ऐलान किया था। राज्य सभा चेयरमैन से भी इसकी मंजूरी मिल चुकी है।
बहरहाल, पंजाब पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने की टाइमिंग को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा और शिरोमणि अकाली दल ने इस एफआईआर को लेकर ‘राजनीतिक बदले की भावना’ का आरोप लगाया है। पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने आम आदमी पार्टी सरकार पर विरोधियों को निशाना बनाने के लिए राज्य की पुलिस का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।
‘पंजाब में कोई कानून नहीं…’
एक्स पर एक पोस्ट में अश्विनी शर्मा ने कहा, ‘पंजाब में कोई कानून नहीं है, अब राजनीतिक प्रतिशोध हावी है। भगवंत मान और केजरीवाल का डर बेनकाब हो गया है। राज्यसभा सांसद संदीप पाठक जी के आप छोड़कर भाजपा में शामिल होते ही पंजाब में उनके खिलाफ गैर-जमानती FIR दर्ज होना स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि केजरीवाल और भगवंत मान पुलिस को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।’
उन्होंने आगे कहा, ‘यह सिर्फ एक मामला नहीं है – यह डर, दहशत और प्रतिशोध की राजनीति है। पहले भी पुलिस का इस्तेमाल विपक्षी आवाजों को दबाने के लिए किया जाता था। वही आज दोहराया जा रहा है। गैर-जमानती धाराएं, तत्काल कार्रवाई की धमकियां कानून की आड़ में राजनीतिक एजेंडा लागू करने का शर्मनाक कृत्य है।’
शर्मा ने आगे आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाब को ‘पुलिसिया राज्य’ में बदल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘भगवंत मान की सरकार धीरे-धीरे पंजाब को ‘पुलिस राज्य’ में बदल रही है, जहां असहमति मतलब केस और सच्चाई और सजा है। भाजपा पंजाब इस दादागिरी और तानाशाही को बर्दाश्त नहीं करेगी। कानून को विरोधियों के खिलाफ हथियार बनाने वालों से कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से निपटा जाएगा। हम डरेंगे नहीं, हम झुकेंगे नहीं।’
इस बीच, भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, ‘…आज पंजाब पुलिस ने राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के आवास पर छापा मारने का प्रयास किया।’ इस बीच एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो संदीप पाठक का है। पंजाब पुलिस के दिल्ली में उनके आवास पर पहुंचने से पहले ही वे पिछले दरवाजे से वहां से निकल गए।
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, ‘आज पंजाब पुलिस ने राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के आवास पर छापा मारने की कोशिश की। हम पंजाब के बारे में सवाल उठाना चाहते हैं, जहां कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं… हरमंदिर साहिब जैसी घटनाओं और सरकारी कार्यालयों पर हमलों पर नियंत्रण बनाए रखने के बजाय, पंजाब पुलिस ने आज संदीप पाठक के आवास पर छापा मारा, जिससे गंभीर सवाल उठते हैं…।’
वहीं, संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, ‘…कल उन (भगवंत मान) पर आरोप लगे कि वे शराब पीकर विधानसभा आए थे। कांग्रेस नेताओं ने ये आरोप लगाए और कहा कि उनकी जांच होनी चाहिए… लोगों का ध्यान इस मुद्दे से हटाने के लिए ऐसा किया गया है…।’
अकाली दल ने उठाए सवाल
वहीं, शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने आम आदमी पार्टी पर पूर्व सहयोगियों को चुनिंदा रूप से निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी से मतभेद रखने वालों को चुनिंदा रूप से निशाना बनाया जा रहा है।
मजीठिया ने एक्स पर लिखा, ‘संदीप पाठक कभी भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के भरोसेमंद सहयोगी थे, जो सत्ता के प्रमुख केंद्र हैं। अगर वह गलत थे, तो वे अपने आकाओं, अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान का अनुसरण कर रहे थे। फिर, उनके साथ कौन मिलीभगत कर रहा था, और उन्हें अब क्यों नहीं पकड़ा जा रहा है? वफादारी बदलने के बाद, गैर-जमानती धाराओं के तहत दर्ज FIR प्रतिशोध की राजनीति की ओर इशारा करती हैं। प्रभाव से लेकर जांच तक, यह बदलाव गंभीर सवाल खड़े करता है।’

