वाशिंगटन: ईरान के हमले में पहली बार दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। अमेरिकी सेना ने शनिवार देर रात ईरान के कई ठिकानों पर नए हवाई हमले किए। इनमें रणनीतिक रूप से अहम बंदर अब्बास और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित केशम द्वीप को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने एक्स पर कहा कि इन हमलों का मकसद होर्मुज स्ट्रेट में व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना और जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमले का तत्काल जवाब देना है। सेंटकॉम के मुताबिक, ईरानी हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है, जबकि एक अन्य सैनिक अब भी लापता है।
सेंटकॉम ने एक अलग बयान में कहा कि राष्ट्रपति और कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान का नया दौर शुरू किया है।
अमेरिकी हमलों में 12 लोगों की मौत का ईरान ने किया दावा
उधर, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले दिन हुए अमेरिकी हवाई हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही इस नए संघर्ष में मरने वालों की संख्या बढ़कर 50 हो गई है। मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमानपुर ने बताया कि 27 जून से अब तक अमेरिकी हमलों में कम से कम 500 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में पांच महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल हैं।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि रविवार तड़के बंदर अब्बास और केशम द्वीप पर कई जोरदार विस्फोट सुने गए। वहीं, तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, केशम द्वीप के कई हिस्सों में धमाके हुए और हाल के दिनों में अमेरिकी हवाई हमलों से वहां के कुछ बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
बंदर अब्बास बंदरगाह शहर में भी कई विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। अमेरिका और ईरान के बीच फिर तेज हुई सैन्य कार्रवाई के बीच ये दोनों रणनीतिक ठिकाने अमेरिकी हमलों का प्रमुख निशाना बने हुए हैं।
समाचार एजेंसी आईएएनएस इनपुट के साथ
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