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तमिलनाडु: विवाद के बाद झुकी विजय सरकार, ज्योतिषी वेट्रिवेल को OSD पद से हटाया

रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल को मुख्यमंत्री के ‘ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (पॉलिटिकल)’ के तौर पर नियुक्त किया गया था। माना जाता है कि विजय के राजनीतिक सफर में वेट्रिवेल की अहम भूमिका रही है और दोनों के बीच लंबे समय से करीबी संबंध हैं।

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Vijay and Radhan Pandit Vetrivel
रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल को मुख्यमंत्री के ‘ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (पॉलिटिकल)’ के तौर पर नियुक्त किया गया था।

चेन्नईः तमिलनाडु सरकार ने बुधवार को मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) के रूप में ज्योतिषी रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल की नियुक्ति वापस ले ली। खास बात यह है कि उनकी नियुक्ति के महज एक दिन बाद ही सरकार को यह फैसला लेना पड़ा।

रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल को मुख्यमंत्री के ‘ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (पॉलिटिकल)’ के तौर पर नियुक्त किया गया था। माना जाता है कि विजय के राजनीतिक सफर में वेट्रिवेल की अहम भूमिका रही है और दोनों के बीच लंबे समय से करीबी संबंध हैं।

हालांकि, इतनी महत्वपूर्ण सरकारी जिम्मेदारी एक ज्योतिषी को दिए जाने पर विपक्ष ने तीखी आपत्ति जताई थी। खासकर उदयनिधि स्टालिन की पार्टी डीएमके ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया।

डीएमके प्रवक्ता टीकेएस इलंगोवन ने तंज कसते हुए कहा था, “एक ज्योतिषी क्या कर सकता है? वह सिर्फ भविष्यवाणी ही कर सकता है।” डीएमके के सहयोगी दलों मणिथनेया जननायगा काची (एमजेके) और देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके) ने भी इस नियुक्ति की आलोचना की थी।

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कौन हैं वेट्रिवेल?

रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल तमिलनाडु के राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से चर्चित नाम रहे हैं। बताया जाता है कि राज्य के कई बड़े नेता पिछले करीब चार दशकों से उनके ज्योतिषीय परामर्श लेते रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का दावा है कि पूर्व मुख्यमंत्री जे, जयललिता भी महत्वपूर्ण फैसलों को लेकर उनसे सलाह लेती थीं।

वेट्रिवेल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी ज्योतिष संबंधी सलाह साझा करते रहे हैं। ज्योतिषी होने के अलावा वह टीवीके के प्रवक्ता भी हैं और मुख्यमंत्री विजय के करीबी माने जाते हैं।

सरकार की ओर से नियुक्ति वापस लेने के फैसले पर अभी आधिकारिक तौर पर कुछ कहा नहीं गया है लेकिन माना जा रहा है कि विपक्षी दलों के बढ़ते राजनीतिक दबाव और विवाद के कारण यह कदम उठाया गया।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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