हरिद्वारः ऋषिकेश में सोमवार रात उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पटरी से उतर जाने से अफरा-तफरी मच गई। हादसा खांड गांव विस्थापित क्षेत्र के पास स्टेशन यार्ड में उस समय हुआ, जब ट्रेन का ट्रैक बदला जा रहा था। राहत की बात यह रही कि दुर्घटना के वक्त ट्रेन में कोई यात्री सवार नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
घटना रात करीब 9:23 बजे हुई। हादसा इतना भीषण था कि एक कोच पूरी तरह पटरी से उतरकर ट्रैक के बाहर लटक गया। दुर्घटना के बाद इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद जीआरपी जवानों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और लोगों को घटनास्थल से हटाया।
क्रेन की मदद से डिब्बों को पटरी से हटाने का काम जारी
रेल प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त डिब्बों को पटरी से हटाने का काम जारी है। हादसे की तस्वीरों में कोच बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहे हैं। रेलवे ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
हाल के दिनों में रेलवे से जुड़ी कई घटनाएं सामने आई हैं। 17 मई को राजस्थान के कोटा में राजधानी एक्सप्रेस के एक एसी कोच में भीषण आग लग गई थी। उस समय कोच में 68 यात्री सवार थे, लेकिन सभी सुरक्षित बचा लिए गए थे।
कोटा मंडल के अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। 12431 राजधानी एक्सप्रेस केरल के तिरुवनंतपुरम से दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन जा रही थी।
इसके अलावा, नामपल्ली रेलवे स्टेशन पर हैदराबाद-जयपुर स्पेशल एक्सप्रेस की दो एसी बोगियों में आग लगने की घटना भी हाल में सामने आई थी। वहीं सोमवार को बिहार के सासाराम जंक्शन पर पैसेंजर ट्रेन की कई बोगियों में आग लग गई थी। बताया गया कि शॉर्ट सर्किट की वजह से डिब्बों में आग लगी थी।
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आईएएनएस इनपुट के साथ



