नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा 21 जून को होनी है। लेकिन इसके पहले ही एक बड़ी प्रशासनिक गड़बड़ी सामने आई है। नागपुर के एक छात्र के एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र भारत की बजाय संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी दिखा दिया गया। मामला सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े किए।
जानकारी के अनुसार, छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब 21 जून को होने वाली नीट यूजी री-एग्जाम में शामिल होने वाला है। जब उसने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया तो उसमें परीक्षा केंद्र अबू धाबी दर्ज था। यह देखकर छात्र और उसका परिवार हैरान रह गया।
छात्र के पिता मोहम्मद तालिब ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 4 बजे एडमिट कार्ड डाउनलोड करने पर उन्हें पता चला कि परीक्षा केंद्र अबू धाबी के एक स्कूल में आवंटित किया गया है। उन्होंने कहा, “हमने आवेदन में ऐसा कोई विकल्प नहीं भरा था। एडमिट कार्ड देखते ही हमने एनटीए के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया। वहां से हमें ईमेल भेजने के लिए कहा गया। ईमेल भेजने के बाद एनटीए की ओर से फोन आया और बताया गया कि शनिवार शाम 4 बजे तक नया एडमिट कार्ड जारी कर दिया जाएगा।”
मोहम्मद तालिब के अनुसार, उन्होंने परीक्षा केंद्र के लिए तीन जिलों का विकल्प दिया था। अब परिवार की मांग है कि छात्र को नागपुर में ही परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाए, क्योंकि परीक्षा से ठीक पहले किसी दूसरे जिले में जाना भी मुश्किल होगा।
उन्होंने कहा, “मेरा बेटा इस घटना से बुरी तरह परेशान हो गया। वह पूरी रात रोता रहा और परीक्षा देने तक से मना कर रहा था। उसकी मां ने उसे समझाया और हिम्मत दी। अगर उसका मनोबल संभल गया तो वह परीक्षा में शामिल होगा। उसके पास पासपोर्ट तक नहीं है, ऐसे में विदेश जाकर परीक्षा देना संभव ही नहीं था।”
राहुल गांधी ने एनटीए की कार्यप्रणाली पर खड़े किए सवाल
मामला सामने आने के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि एक छात्र, जो पिछले एक महीने से परीक्षा की तैयारी कर रहा था, उसे अंतिम समय में पता चला कि उसका परीक्षा केंद्र विदेश में है।
राहुल गांधी ने कहा, “न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे और न ही अब कोई समय बचा है। वह रातभर रोता रहा और परीक्षा देने से मना कर रहा है। क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?”
उन्होंने आगे कहा, “जो सिस्टम एक बच्चे को उसके अपने शहर में परीक्षा केंद्र नहीं दे सकता और उल्टा विदेश भेज सकता है, उसे परीक्षा आयोजित करने का कोई अधिकार नहीं है। एनटीए देश के बच्चों और उनके माता-पिता के धैर्य की परीक्षा ले रही है।”
राहुल गांधी ने इसे शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता बताते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि छात्रों को संवेदनशील, जवाबदेह और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली मिले।
कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एनटीए इसे तकनीकी गलती बता सकता है, लेकिन एक छात्र के लिए यह सिर्फ “ग्लिच” नहीं, बल्कि उसके वर्षों की मेहनत, तनाव और करियर का सवाल है। उन्होंने कहा कि देश के छात्र पेशेवर और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली के हकदार हैं। वहीं कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने भी एनटीए पर निशाना साधते हुए परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने की मांग की।
एनटीए ने इस मामले में क्या कहा?
मामले के तूल पकड़ने के बाद एनटीए ने इसे तकनीकी त्रुटि माना है। एजेंसी ने सोशल मीडिया पर कहा कि शिकायत मिलने के बाद जांच की गई है और कुछ घंटों के भीतर छात्र को नागपुर में ही नया परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया जाएगा।
एनटीए ने छात्र के परिवार को ईमेल भेजकर भी आश्वासन दिया है कि संशोधित एडमिट कार्ड जल्द जारी किया जाएगा। एजेंसी का कहना है कि सिस्टम में आई तकनीकी खराबी के कारण यह गलती हुई, जिसे ठीक किया जा रहा है।
गौरतलब है कि नीट यूजी 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। बाद में पेपर लीक के आरोपों और विवादों के चलते परीक्षा रद्द कर दी गई। अब इसका री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जा रहा है।
परीक्षा के मद्देनजर देशभर में मॉकड्रिल
दोबारा परीक्षा को लेकर एनटीए ने सभी परीक्षाकेंद्रों को अपने कब्जे में ले लिया है। री-एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए एजेंसी ने शनिवार को देशव्यापी मॉक ड्रिल शुरू की। यह विशेष अभ्यास रविवार, 21 जून को होने वाली री-एग्जाम से पहले तैयारियों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। सुबह 9 बजे शुरू हुआ यह अभ्यास देर शाम तक चलेगा।
अधिकारियों के मुताबिक, देशभर के परीक्षा केंद्रों पर 2.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी इस मॉक ड्रिल में शामिल हुए। सभी परीक्षा केंद्र पहले ही एनटीए के नियंत्रण में सौंप दिए गए हैं।परीक्षा की सुरक्षा के लिए इस बार तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य नकल, पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों की आशंका को पूरी तरह खत्म करना है।
अर्धसैनिक बलों के जवान प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं के परिवहन, भंडारण और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, देशभर के 5,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी रखी जाएगी।
टेलीग्राम पर प्रतिबंध बरकरार
नीट री-एग्जाम से पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने भी केंद्र सरकार को राहत दी है। अदालत ने देशभर में टेलीग्राम सेवाओं पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को बरकरार रखा है।
न्यायमूर्ति तेजस करिया ने टेलीग्राम की याचिका खारिज करते हुए कहा कि 22 जून तक सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद रखना और 30 जून तक मैसेज एडिट फीचर को निष्क्रिय करना परिस्थितियों के अनुरूप है।
केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि टेलीग्राम का इस्तेमाल बार-बार परीक्षा से जुड़े फर्जीवाड़ों और कथित पेपर लीक नेटवर्क में किया जा रहा था। एनटीए ने ऐसे कई चैनलों की पहचान की थी, जहां नीट के फर्जी प्रश्नपत्र और भ्रामक संदेश प्रसारित किए जा रहे थे।
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