नई दिल्ली: अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि के प्रबंधन और उसमें कथित हेरफेर के आरोपों की जांच के लिए यूपी सरकार का तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) अपनी पड़ताल में जुटा हुआ है। इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पहली बार इस विवाद पर एक जनसभा में अपनी बात रखी। उन्होंने इस दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए उन पर भगवान राम और राम भक्तों के मुद्दे को लेकर ‘दोहरा रवैया’ अपनाने का आरोप लगाया।
अयोध्या के रुदौली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘इनका दोहरा चरित्र देखिए। वही कांग्रेस पार्टी, जिसने अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बनने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया, आज अयोध्या को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित होने का दिखावा कर रही है। उन्होंने अपनी पूरी ताकत मंदिर निर्माण के खिलाफ झोंक दी थी और बड़ी बेशर्मी के साथ सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा तक दायर किया था कि भगवान राम का कोई अस्तित्व ही नहीं था। आज वही कांग्रेस यह कह रही है कि राम भक्तों का अपमान हुआ है और अयोध्या को लेकर बेचैन नजर आ रही है।’
मुख्यमंत्री योगी ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि आज जो लोग राम भक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं, वही अतीत में उनके खिलाफ कार्रवाई कर चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘समाजवादी पार्टी का भी दोहरा चरित्र देखिए। आज वे कह रहे हैं कि राम भक्तों का अपमान हुआ है, लेकिन यही वे लोग हैं जिन्होंने कारसेवकों पर गोली चलवाई थी और ‘जय श्रीराम’ कहने वालों पर लाठियां बरसाई थीं। अब वही लोग दूसरों को उपदेश देने के लिए आगे आ रहे हैं।’
राम भक्तों से संयम बरतने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि एसआईटी जांच में पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘मैं सभी राम भक्तों से अपील करना चाहता हूं कि अयोध्या से जुड़ी जो भी खबरें सामने आई हैं, ट्रस्ट के अनुरोध पर हमने एसआईटी जांच गठित की है। मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि यह जांच बिना किसी संदेह के पूरे सच को सामने लाएगी। साथ ही, मैं सभी पक्षों से आग्रह करता हूं कि वे ऐसी भड़काऊ टिप्पणियां या बयानबाजी न करें, जिससे राम भक्तों की भावनाएं आहत हों। यदि किसी के पास कोई दस्तावेजी साक्ष्य है, तो वह उसे एसआईटी को सौंपे।’
दान राशि के कथित दुरुपयोग की जांच जारी
अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर उठे सवालों के बाद तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। जांच एजेंसी पूरे मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपों की पड़ताल कर रही है। अगले साल यूपी में चुनाव है तो इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी भी खूब हो रही है। विपक्ष लगातार सरकार तथा राम मंदिर ट्रस्ट पर निशाना साधते हुए उनसे जवाब मांग रहा है।
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