मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) में बढ़ती अंदरूनी बगावत के बीच पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी कार्यकर्ताओं को लगता है कि अब वह नेतृत्व के लिए उपयुक्त नहीं हैं, तो वह शिवसेना प्रमुख का पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि पार्टी की विचारधारा की लड़ाई से वह पीछे नहीं हटेंगे।
शिवसेना स्थापना दिवस के मौके पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘मैं हार मानने वाला नहीं हूं। लेकिन जिस दिन आपको लगे कि मैं इस पद के लिए योग्य नहीं हूं, मैं खुद यह जिम्मेदारी छोड़ दूंगा। अगर किसी कार्यकर्ता पर आपको भरोसा है तो मैं उसे भी पार्टी प्रमुख बनाने को तैयार हूं।’
‘कुछ लोग सोच रहे हैं कि हम टूट जाएंगे’
उद्धव ठाकरे ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि शिवसेना (यूबीटी) निराश होकर लड़ाई छोड़ देगी, लेकिन ऐसा नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा, ‘कुछ लोग सोच रहे होंगे कि हम उम्मीद छोड़ देंगे, लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे। कुछ लोग मुझसे आदेश देने की बात कह रहे हैं। बालासाहेब ठाकरे ने पहले ही आदेश दिया था कि जो गद्दारी करे, उसका जवाब दिया जाए।’
यह बयान ऐसे समय आया है, जब पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह सांसद नेतृत्व के खिलाफ बगावत करते नजर आ रहे हैं। हाल ही में दिल्ली में बुलाई गई संसदीय दल की बैठक में भी वे शामिल नहीं हुए।
सांसदों के जाने पर मतदाताओं से मांगी माफी
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पार्टी छोड़कर जाने वाले सांसदों के मुद्दे पर मतदाताओं से माफी भी मांगी। उन्होंने कहा, ‘आज मैं मतदाताओं से माफी मांगता हूं। उन्होंने हमें वोट दिया, लेकिन हमारे सांसद हमें छोड़कर चले गए।’
पार्टी छोड़कर जाने वालों पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा कि शिवसेना ने ही कई नेताओं को आज इस मुकाम तक पहुँचाया है। उद्धव ने अपने ऊपर आसानी से उपलब्ध न होने के आरोपों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर वे उपलब्ध नहीं थे, तो ये नेता चुनाव कैसे जीत पाए।
ठाकरे ने कांग्रेस के साथ शिवसेना (यूबीटी) के गठबंधन का भी बचाव किया और विलय की कुछ उठी खबरों का भी खंडन किया। उन्होंने पूछा, ‘अगर हम 30 साल तक बीजेपी के साथ रहे और उसमें विलय नहीं किया, तो हम कांग्रेस में विलय कैसे करेंगे?’
उन्होंने कहा कि भले ही अतीत में कांग्रेस के साथ सेना (शिवसेना) के राजनीतिक मतभेद रहे हों, लेकिन पार्टी ने ‘कभी मातोश्री का अपमान नहीं किया’ और अपने वादे निभाए। बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस, ‘भाजपा के हिंदुत्व से बेहतर’ है।
एकनाथ शिंदे का पलटवार
उधर, शिवसेना स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोला। शिंदे ने कहा, ‘जिन लोगों की कभी बालासाहेब ठाकरे ने आलोचना की थी, आज आप उन्हीं की पूजा कर रहे हैं। एनसीपी और कांग्रेस ने शिवसेना को तोड़ा और आज आप उन्हीं की गोद में बैठे हैं।’
उन्होंने महाविकास आघाड़ी गठबंधन का जिक्र करते हुए दावा किया कि बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम उनके गुट ने किया है। शिंदे ने कहा, ‘मैंने बालासाहेब ठाकरे का सपना पूरा किया है। हमने ऐसा काम किया है, जिससे बालासाहेब को गर्व होता।’
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