कोलकाताः पश्चिम बंगाल पुलिस ने फाल्टा पुलिस थाने पर हमले और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता जहांगीर खान उर्फ ‘पुष्पा’ को हिरासत से छुड़ाने की कथित साजिश के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी पत्नी सरीना बीबी को गिरफ्तार कर लिया है। तीन दिनों से फरार चल रही सरीना को भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित एक ठिकाने से पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, राज्य पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। सरीना बीबी की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), आर्म्स एक्ट और एक्सप्लोसिव्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे दक्षिण 24 परगना की जिला अदालत में पेश किया जाएगा।
सरीना बीबी पर क्या आरोप हैं?
जांच एजेंसियों का आरोप है कि सरीना बीबी ने 17 जून को फाल्टा पुलिस थाने पर धावा बोलकर जहांगीर खान को छुड़ाने की योजना बनाई थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस संबंध में एक गुप्त बैठक आयोजित की गई थी, जिसकी अगुवाई कथित तौर पर सरीना बीबी ने की थी। बैठक में तय किया गया था कि समर्थक पहले फाल्टा के शतोल कोलसा इलाके में जुटेंगे और फिर संगठित तरीके से पुलिस थाने की ओर मार्च करेंगे।
पुलिस के मुताबिक, करीब 400 समर्थक उस दिन प्रदर्शन के लिए एकत्र हुए थे। खुफिया सूचना मिलने के बाद पुलिस और केंद्रीय बलों को पहले ही तैनात कर दिया गया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि भीड़ का एक हिस्सा पुलिस स्टेशन पर हमला कर आरोपी को छुड़ाने की योजना बना रहा है। समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने के कारण किसी भी अप्रिय घटना को टाल दिया गया।
जांचकर्ताओं का कहना है कि प्रदर्शन की आड़ में जहांगीर खान को हिरासत से छुड़ाने और इलाके में अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही थी। इसके बाद सरीना बीबी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और उसे इस पूरी योजना का कथित मास्टरमाइंड बताया गया।
8 जून को जहांगीर की हुई थी गिरफ्तारी
जहांगीर खान, जिसे इलाके में ‘पुष्पा’ के नाम से जाना जाता है, को 8 जून को भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया था। फाल्टा क्षेत्र में कभी टीएमसी के प्रभावशाली नेता रहे खान पर रंगदारी समेत कई आपराधिक मामलों के आरोप हैं। उनकी गिरफ्तारी कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा पांच मामलों में अंतरिम राहत बढ़ाने से इनकार किए जाने के कुछ सप्ताह बाद हुई थी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान भी जहांगीर खान विवादों में रहा था। निर्वाचन क्षेत्र में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद वहां पुनर्मतदान कराना पड़ा था। मतदान से ठीक पहले उसने चुनाव मैदान से हटने की घोषणा कर दी थी, हालांकि उसका नाम मतपत्र पर बना रहा।
‘पुष्पा’ उपनाम उसे तब मिला था जब उसने चुनाव प्रचार के दौरान खुद की तुलना अभिनेता अल्लू अर्जुन की सुपरहिट फिल्म ‘पुष्पा’ के किरदार से की थी। उस समय चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा की तुलना फिल्मी किरदार ‘सिंघम’ से की जा रही थी।
जहांगीर खान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस फाल्टा क्षेत्र में उसके कथित आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में सरीना बीबी की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि 17 जून की घटना की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
इस बीच, पश्चिम बंगाल सरकार ने भी मामले में सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि पुलिस थाने पर हमले और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपियों की संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त किया जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ऐसी संपत्तियों की नीलामी की जाएगी और उससे प्राप्त राशि से सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी।
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