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‘ये युद्ध का अंत नहीं है’, युद्धविराम पर सहमति के बाद बोले मोजतबा

ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम पर सहमति बनने के बाद मोजतबा खामेनेई ने कहा कि यह युद्ध का अंत नहीं है।

ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम पर सहमति बनने के बाद मोजतबा खामेनेई ने कहा कि यह युद्ध का अंत नहीं है।

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फोटोः आईएएनएस

तेहरानः ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने युद्धविराम के बाद प्रतिक्रिया दी है। मोजतबा ने सभी सैन्य टुकड़ियों को दो हफ्ते तक युद्धविराम के लिए सहमति दी है। हालांकि, इस दौरान उन्होंने यह भी संकेत दिया कि शत्रुता फिर से शुरू हो सकती है।

ईरान के सरकारी न्यूज एजेंसी इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) पर प्रसारित एक बयान में, खामेनेई ने कहा कि “यह युद्ध का अंत नहीं है, लेकिन सभी सैन्य शाखाओं को सर्वोच्च नेता के आदेश का पालन करना चाहिए और गोलीबारी बंद कर देनी चाहिए।”

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि “ यह स्पष्ट किया जाता है कि इसका अर्थ युद्ध की समाप्ति नहीं है। ” इसमें आगे कहा गया “ हमारी मुट्ठी अभी भी तैयार है, और दुश्मन द्वारा जरा सी भी गलती होने पर उसका पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा। ”

इजराइल ने युद्धविराम पर दी सहमति

इजराइल ने अमेरिका के युद्धविराम समझौते पर सहमति जताई है। इजराइल ने कहा कि वह इस कदम का समर्थन करता है बशर्ते ईरान तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दे और अमेरिका, इजराइल और क्षेत्र के अन्य देशों पर सभी हमले रोक दे। उसने ईरान द्वारा परमाणु या मिसाइल खतरे को खत्म करने के अमेरिकी प्रयासों का भी समर्थन किया।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने एक बयान में कहा, “इजरायल, राष्ट्रपति ट्रंप के उस फैसले का समर्थन करता है, जिसके तहत ईरान के खिलाफ हमलों को दो हफ्तों के लिए रोक दिया गया है। यह समर्थन इस शर्त पर है कि ईरान तुरंत जलडमरूमध्य (स्ट्रेट्स) को खोल दे और अमेरिका, इजरायल व इस क्षेत्र के अन्य देशों पर होने वाले सभी हमलों को रोक दे।”

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बयान में कहा गया, “इजरायल, अमेरिका के उन प्रयासों का भी समर्थन करता है जिनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान अब अमेरिका, इजरायल, अरब पड़ोसी देशों और पूरी दुनिया के लिए कोई परमाणु, मिसाइल या आतंकवादी खतरा न बना रहे। अमेरिका ने इजरायल को बताया है कि वह आने वाली बातचीत में उन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जो अमेरिका, इजरायल और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के साझा लक्ष्य हैं।

युद्धविराम के बाद भी बनी हुई है अनिश्चितता

शहबाज शरीफ के मुताबिक, युद्धविराम के ढांचे में इजरायल और हिजबुल्लाह से लेबनान में लड़ाई रोकने का भी आह्वान किया गया है। पाकिस्तान सरकार की मध्यस्थता में ही वार्ता हो रही है।

हालांकि, तेहरान द्वारा प्रस्तावित 10 सूत्री वार्ता योजना के अलग-अलग संस्करणों को प्रसारित करने के बाद अनिश्चितता बनी हुई है। इन मांगों में परमाणु कार्यक्रम के संबंध में “संवर्धन की स्वीकृति” भी शामिल है। वहीं, ईरानी राजनियकों द्वारा पत्रकारों के साथ साझा किए गए अंग्रेजी संस्करण में यह वाक्यांश नहीं था।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले की धमकियों पर पीछे हट रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि इसमें कई पुल, बिजली संयंत्र और अन्य नागरिक ठिकाने शामिल हैं। बशर्ते ईरान दो सप्ताह के लिए युद्धविराम के लिए तैयार हो और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दे।

(समाचार एजेंसी आईएएनएस से एजेंसी के साथ)

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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