Home भारत मणिपुरः उखरुल में फिर भड़की जातीय हिंसा, 3 की मौत

मणिपुरः उखरुल में फिर भड़की जातीय हिंसा, 3 की मौत

मणिपुर के उखरुल में एक बार फिर से जातीय हिंसा भड़क गई। इसमें 3 लोगों की मौत हो गई है। गोलीबारी की घटना दो अलग-अलग जगहों पर हुई।

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फोटोः समाचार एजेंसी आईएएनएस

इम्फालः मणिपुर के उखरुल जिले में शुक्रवार (24 अप्रैल) को दो अलग-अलग गोलीबारी की घटनाओं में नए सिरे से तनाव भड़क उठा जिसमें कम से कम तीन लोग मारे गए। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार तड़के उखरुल जिले के सिनाकेइथेई गांव के पास तंगखुल नागा और कुकी समुदायों के सशस्त्र लोगों के बीच गोलीबारी हुई।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, कामजोंग जिले के चत्रिक खुल्लेन गांव के निवासी 29 वर्षीय होर्शोकमी जमंग नाम के एक तंगखुल व्यक्ति की गोलीबारी में मौत हो गई। घटनास्थल से मिली जानकारी के अनुसार, सिनाकेइथेई में तीन नागरिक भी घायल हुए।

मणिपुर में हुई हिंसा के बारे में पुलिस ने क्या बताया?

पुलिस ने बताया कि पास ही उखरुल के मुल्लाम गांव में भी एक और गोलीबारी हुई। मुल्लाम कुकी समुदाय का गांव है, और अधिकारियों ने गोलीबारी में मारे गए दो लोगों की पहचान के खोनोम गांव के लेटलाल सिटलहोउ उर्फ ​​जेम्स कुकी और हैजांग गांव के पाओमिनलुन हाओलाओ उर्फ ​​हितलाल कुकी के रूप में की है, दोनों कांगपोकपी जिले के निवासी थे।

समाचार एजेंसी आईएएनएस की खबर के मुताबिक, घायलों में तीन लोग कुकी समुदाय से और तीन नागा समुदाय से हैं। उन्होंने कहा कि घटना के बारे में विस्तृत जानकारी अभी जुटाई जा रही है।

बताया गया कि मुल्लाम गांव जहां कुकी समुदाय के लोग रहते हैं, उखरुल जिले में एक अलग-थलग बस्ती है। यह नागा बहुल गांवों से घिरी हुई है। वहीं सिनाकेथेई गांव लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित है।

मुल्लाम गांव प्राधिकरण ने आरोप लगाया कि गांव पर “तांगखुल उग्रवादियों” द्वारा हमला किया गया। बयान के मुताबिक, शुक्रवार को गांव पर बड़े पैमाने पर सशस्त्र हमला किया गया, जिसे तांगखुल नागा उग्रवादियों ने अंजाम दिया।

15 घरों को नुकसान पहुंचाने का दावा

मानवाधिकारों के लिए कूकी महिला संगठन ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे शांतिपूर्ण कुकी बहुल गांवों मुल्लाम और सोंगफेल पर “क्रूर और बिना उकसावे का हमला” बताया। संगठन के अनुसार, हमलावरों ने पहले हवाई फायरिंग कर लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश की और इसके बाद सुनियोजित तरीके से हमला किया।

संगठन ने दावा किया कि इस हमले में कम से कम 15 घरों को नुकसान पहुंचा, छह नागरिक घायल हुए और दो लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

इस बीच जातीय हिंसा से प्रभावित कुकी-जो समुदाय के आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (IDP) ने चुराचांदपुर जिले में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने तुइबोंग स्थित ‘वॉल ऑफ रिमेंबरेंस’ पर धरना दिया और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां लेकर “डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर 2029 तक बढ़ाओ”, “कैंप और गैर-कैंप आईडीपी के साथ समान व्यवहार हो”, और “हमारी पुकार सुनो” जैसे नारे लगाए।

इस ज्ञापन में कहा गया कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत राहत कार्य सभी प्रभावित लोगों तक बिना भेदभाव के पहुंचने चाहिए। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधियों ने यह ज्ञापन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम चुराचांदपुर के उपायुक्त के माध्यम से सौंपा।

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(समाचार एजेंसी आईएएनएस के साथ)

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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