पटना: चुनाव रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से चुनावी मैदान में उतरेंगे। रविवार (5 जुलाई) को उन्होंने बीजेपी के पारंपरिक गढ़ों में से एक, इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले के लिए खुद को ‘जन सुराज पार्टी’ का उम्मीदवार घोषित किया। बांकीपुर उपचुनाव के लिए मतदान 30 जुलाई को होगा।
जन सुराज प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने पार्टी की कोर कमिटी की बैठक के बाद इस फैसले की औपचारिक घोषणा की। भारती ने पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। इस दौरान पीके भी उनके साथ मंच पर मौजूद रहे। बता दें कि उपचुनाव के लिए वोटिंग 30 जुलाई को होगी और वोटों की गिनती 3 अगस्त को की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 13 जुलाई है।
जनसुराज संस्थापक प्रशांत किशोर बांकीपुर विधानसभा से उतरेंगे चुनावी मैदान में
प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी की घोषणा के साथ ही लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लग गया। जन सुराज की ओर से यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब बांकीपुर उपचुनाव को लेकर सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रशांत किशोर के चुनाव मैदान में उतरने से इस सीट का मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद प्रशांत किशोर ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा, “मैं पार्टी को धन्यवाद देता हूं और इस जिम्मेदारी को स्वीकार करता हूं। हम मजबूती के साथ बांकीपुर से चुनाव लड़ेंगे। जनता का आशीर्वाद मिला तो जीतेंगे और उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे। यदि जनता ने मौका दिया तो विधानसभा में उनकी आवाज मजबूती से उठाऊंगा।”
उन्होंने आगे कहा , “मैं उन्हें आश्वस्त करता हूं कि पिछले चार वर्षों से जन सुराज ही मेरा जीवन रहा है और अगले दस वर्षों तक, जब तक बिहार में परिवर्तन का सपना साकार नहीं हो जाता, मेरा कोई और उद्देश्य नहीं है। मैं बांकीपुर उपचुनाव लड़ने की जिम्मेदारी को उस लक्ष्य की ओर एक कदम मानता हूं।”
उन्होंने कहा कि नवंबर 2025 में हजारों-लाखों लोग जन सुराज के विचारों और प्रयासों से जुड़े थे। नतीजों के बाद कई लोग निराश या हतोत्साहित हुए। उनमें से अधिकांश का मानना है कि अगर जनसुराज बांकीपुर उपचुनाव जीतता है, तो इससे न केवल आंदोलन मजबूत होगा बल्कि बिहार में परिवर्तन के सपने को पुनर्जीवित करने में भी मदद मिलेगी।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने से खाली हुई सीट
गौरतलब है कि प्रशांत किशोर पिछले कई सप्ताह से बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। वह जनसभाएं, नुक्कड़ बैठकें और स्थानीय लोगों के साथ संवाद कार्यक्रम कर रहे हैं। ऐसे में उनकी उम्मीदवारी को पहले से तय रणनीति का हिस्सा माना जा रहा था। बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद रिक्त हुई है। लगातार इस सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले नितिन नवीन के उच्च सदन में जाने के बाद निर्वाचन आयोग ने यहां उपचुनाव की घोषणा की है।
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा। इस सीट पर जन सुराज की ओर से प्रशांत किशोर के मैदान में उतरने के बाद चुनावी मुकाबला और रोचक होने की संभावना जताई जा रही है। अब सभी की नजरें भाजपा और अन्य विपक्षी दलों के उम्मीदवारों पर टिकी हैं, जिनकी घोषणा के बाद चुनावी तस्वीर और स्पष्ट होगी।
पटना जिले के अंतर्गत आने वाली बांकीपुर विधानसभा में 2025 के चुनाव में नितिन नवीन ने बंपर जीत दर्ज की थी। नवीन को 98,299 मत मिले थे। वहीं, आरजेडी की रेखा कुमारी दूसरे स्थान पर रहीं। कुमारी को 46,363 वोट मिले थे। यह सीट भाजपा की पारंपरिक सीट मानी जाती है। नवीन ने 2010, 2015, 2020, 2025 में लगातार जीत दर्ज की है। 2006 उपचुनाव में इसी सीट से नवीन ने जीत हासिल की थी।
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(समाचार एजेंसी आईएएनएस से इनपुट्स के साथ)



