Home विश्व ‘मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए…’, मेलोनी ने इजराइल के साथ रक्षा समझौता...

‘मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए…’, मेलोनी ने इजराइल के साथ रक्षा समझौता किया खत्म; पोप लियो का किया समर्थन

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इजराइल को झटका देते हुए रक्षा समझौते के ऑटो रिन्यू को रोकने का ऐलान किया है।

itlay pm giorgia meloni suspend auto renewal defence pact with israel amid middle east tensions, जॉर्जिया मेलोनी, ईरान, अमेरिका, इजराइल
फोटोः समाचार एजेंसी आईएएनएस

रोमः इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने मंगलवार (14 अप्रैल) को इजराइल के साथ रक्षा समझौते के को निलंबित करने की बात कही। मेलोनी का यह कदम मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच आया है। उन्होंने कहा कि इटली, इजराइल के साथ रक्षा समझौते के स्वतः नवीनीकरण (ऑटो रिन्यू ) को निलंबित कर देगा। एक अन्य घटनाक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना के बाद उन्होंने पोप लियो का भी समर्थन किया है।

वेरोना में आयोजित एक कार्यक्रम में मेलोनी ने कहा कि निर्णय “मौजूदा परिस्थिति के मद्देनजर” लिया गया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, उन्होंने अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष का हवाला दिया।

इस दौरान हालांकि उन्होंने रक्षा समझौते के बारे में जानकारी नहीं दी है। लेकिन मेलोनी का यह कदम क्षेत्रीय संकट के विस्तार को लेकर यूरोप में बढ़ती बेचैनी का संकेत देता है। समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, इस रक्षा समझौते में सैन्य उपकरणों और तकनीकी अनुसंधान का आदान-प्रदान शामिल है। ऑटो रिन्यू का मतलब किसी समझौते या सर्विस का अपने आप दोबारा चालू या आगे बढ़ जाना होता है।

मेलोनी ने अमेरिका-ईरान के बीच संघर्ष को कम करने पर दिया जोर

न्यूज एजेंसी एएनएसए ने बताया कि पिछले हफ्ते ही इजरायल ने इटली के राजदूत को तलब किया था। इजरायली सेना द्वारा लेबनान में इतालवी यूएन शांति सैनिकों के काफिले पर चेतावनी के तौर पर गोलियों को लेकर विरोध जताया था। इस हमले में एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन किसी को चोट नहीं आई थी।

वहीं, विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने भी बेरूत यात्रा के दौरान लेबनान में नागरिकों पर इजरायली हमलों को अस्वीकार्य करार दिया था।

मेलोनी ने इजराइल के साथ रक्षा समझौते को खत्म करने के साथ-साथ अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को कम करने के लिए तत्काल राजनयिक प्रयासों की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने स्थिरता बहाल करने और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के महत्व को रेखांकित किया।

मेलोनी ने कहा कि “शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए काम जारी रखना आवश्यक है, स्थिति को स्थिर करने और जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।” उन्होंने ईंधन आपूर्ति के साथ-साथ उर्वरक व्यापार और व्यापक आर्थिक स्थिरता के लिए भी इसके महत्व पर प्रकाश डाला।

गौरतलब है कि पश्चिमी एशिया में जारी संकट के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बाधित है। इसके चलते वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। तेल और गैस के आवागमन के लिए यह एक महत्वपूर्ण मार्ग है।

पोप लियो का किया समर्थन

डोनाल्ड ट्रम्प की आलोचना के बाद मेलोनी ने पोप लियो के प्रति भी पुरजोर समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने धार्मिक संस्थानों की स्वतंत्रता का बचाव करते हुए इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक सत्ता को धार्मिक नेतृत्व को निर्देशित नहीं करना चाहिए।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ” मैं पोप लियो के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करती हूं। मैं ऐसे समाज में सहज महसूस नहीं करूंगी जहां धार्मिक नेता राजनीतिक नेताओं के कहे अनुसार काम करते हैं। “

यह भी पढ़ें – ईरान पर अमेरिका की नाकाबंदी पड़ सकती है उल्टी, सऊदी अरब की ट्रंप को चेतावनी; कहा – तेहरान बंद कर सकता है अन्य मार्ग

author avatar
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version