मुंबई: भारत के टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव की कप्तानी को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। लगातार खराब बल्लेबाजी प्रदर्शन के बीच अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या वह आगामी आयरलैंड टी20 सीरीज में भी टीम की कमान संभालेंगे या चयनकर्ता नेतृत्व परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई के एक वरिष्ठ सूत्र ने संकेत दिया कि सूर्यकुमार यादव की टी20 कप्तानी की समीक्षा की जा रही है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा को भविष्य के संभावित कप्तानी विकल्पों के तौर पर देखा जा रहा है। कुछ रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि बीसीसीआई ने लगभग सूर्यकुमार यादव को संदेश दे दिया है कि टीम चयन की मीटिंग में उनके नाम पर विचार नहीं किया जाएगा। हालांकि आधिकारिक तौर पर कुछ भी स्पष्ट नहीं है और सारी कहानियां मीडिया और सूत्रों के हवाले से अब तक आई हैं।
सूर्यकुमार को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा तब शुरू हुई जब एशियन गेम्स के लिए भारतीय ओलंपिक संघ को भेजी गई 30 संभावित खिलाड़ियों की सूची में उनका नाम नहीं था। इसे कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने नेतृत्व परिवर्तन के संकेत के रूप में देखा है।
सूर्यकुमार यादव पिछले करीब दो साल से खराब फॉर्म से गुजर रहे हैं। ताजा मिसाल टी20 मुंबई लीग के चौथे सीजन के उद्घाटन मुकाबले में देखने को मिली। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में ट्रायम्फ नाइट्स की कप्तानी कर रहे सूर्यकुमार शुरुआत में अच्छी लय में नजर आए, लेकिन फिर केवल 11 गेंदों में 19 रन बनाकर आउट हो गए। उन्होंने युवा बल्लेबाज नूतन गोयल के साथ 37 रन की साझेदारी की, लेकिन स्पिनर राहुल सावंत की गेंद पर डीप स्क्वायर लेग पर कैच थमा बैठे। टीम को भी इस मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।
विश्व कप विजेता लेकिन खराब बल्लेबाजी बनी मुसीबत
इस साल भारत सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टी20 विश्व कप खिताब बचाने में कामयाब रहा। यह ऐतिहासिक सफलता रही। हर खिलाड़ी की इच्छा अपनी कप्तानी में वर्ल्ड कप जीतने की होती है। सूर्यकुमार यादव इस मामले में अव्वल भी रहे। हालांकि टीम की सफलता के बावजूद सूर्यकुमार व्यक्तिगत रूप से बल्ले से वैसा प्रभाव नहीं छोड़ पाए, जिसकी उनसे उम्मीद की जाती है।
35 वर्षीय बल्लेबाज ने टूर्नामेंट के नौ मैचों में 242 रन बनाए। उनका औसत 30.25 रहा। टूर्नामेंट में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर कमजोर टीम अमेरिका के खिलाफ नाबाद 84 रन था, लेकिन इसके अलावा वह लगातार असफल होते रहे। विश्व कप जीत ने उस समय आलोचनाओं को दबा दिया था, लेकिन उनकी बल्लेबाजी फॉर्म को लेकर सवाल खत्म नहीं हुए। कप्तान के रूप में सूर्या का जीत प्रतिशत (76.92) काफी अच्छा है। समस्या उनके अपने प्रदर्शन को लेकर है।
जुलाई-2024 में टी20 टीम का कप्तान बनने के बाद से सूर्यकुमार यादव 45 मैचों की 42 पारियों में 25.88 की औसत से 932 रन ही बना सके हैं। वैसे यादव के टी20 करियर की बात करें को कुल 113 मैचों की 107 पारियों में उनके नाम 3272 नाम हैं। इन मैचों में 52 उन्होंने बतौर कप्तान खेले हैं और इनमें 1232 रन बनाए हैं।
यादव के बिना कप्तानी और बतौर कप्तान मैचों की तुलना भी देखें तो प्रदर्शन में अंतर साफ नजर आता है। जुलाई-2024 से पहले उनका बल्लेबाजी औसत 43.60 था। यह अब 25.88 है। इसके अलावा कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने से पहले यादव का स्ट्राइक रेट 168.75 था। कप्तान बनने के बाद यह 152.03 का रह गया है। यादव के नाम टी20 में 4 शतक भी हैं, ये सभी कप्तान बनने से पहले के हैं। बतौर कप्तान शतक के मामले में वे जीरो हैं। ऐसे ही कप्तानी से पहले उनके बल्ले से 20 अर्धशतक निकले थे। जबकि पिछले करीब दो साल में यह संख्या 6 रह गई है।
आईपीएल 2026 भी रहा फीका
सूर्यकुमार की मुश्किलें आईपीएल 2026 में भी जारी रहीं। मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए उन्होंने 13 मैचों में सिर्फ 260 रन बनाए। उनका औसत 20.76 रहा, जबकि स्ट्राइक रेट 147.54 का था। पूरे सीजन में उनके बल्ले से केवल दो अर्धशतक निकले। मुंबई इंडियंस लीग चरण से ही बाहर हो गई और टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के कारणों में सूर्यकुमार की खराब फॉर्म को भी गिना गया।
माना जा रहा है कि यादव को टीम इंडिया के आयरलैंड दौरे से पहले ही कप्तानी छोड़नी होगी। साथ ही टीम से भी पत्ता कट सकता है। आने वाले दिनों में जब टीम का चयन होगा तो स्थिति ज्यादा साफ होगी। भारतीय टीम इस महीने के आखिर में आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 मैचों की सीरीज खेलने वाली है। दोनों मुकाबले बेलफास्ट में खेले जाएंगे। पहला मैच 26 जून और दूसरा मैच 28 जून को होगा। सीरीज के लिए टीम चयन की घोषणा जल्द होने की संभावना है। ऐसे में क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों की नजर इस बात पर रहेगी कि चयनकर्ता सूर्यकुमार यादव पर भरोसा कायम रखते हैं या फिर किसी और चेहरे को कप्तानी सौंपी जाएगी।
आगे की राह आसान नहीं
इस बात में कोई संदेह नहीं है कि सूर्यकुमार यादव पिछले कुछ वर्षों में भारतीय टी20 क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, 360 डिग्री शॉट्स और नेतृत्व क्षमता के दम पर उन्होंने टीम को कई यादगार जीत दिलाई हैं। लेकिन क्रिकेट में प्रदर्शन ही सबसे बड़ा पैमाना होता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लेकर आईपीएल और घरेलू टी20 प्रतियोगिताओं तक लगातार साधारण स्कोरों ने उनके ऊपर दबाव बढ़ा दिया है।
आने वाले हफ्ते सूर्यकुमार यादव के करियर के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। यदि वह बल्ले से वापसी करते हैं तो उन्हें लेकर उठ रहे सवाल शांत हो सकते हैं। हालांकि, फिर से खुद को साबित करने के लिए उन्हें मौका टीम इंडिया में अभी मिलेगा या नहीं, इस पर भी संशय है। सूर्यकुमार यादव अगर वापसी करना चाहते हैं, तो घरेलू क्रिकेट उनके लिए एक रास्ता हो सकता है। फिलहाल इतना तय है कि सूर्यकुमार यादव के सामने चुनौती बहुत बड़ी है और आज के तेजी से बदलते क्रिकेट और नए आ रहे चेहरों के बीच समय बहुत कम।
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