नई दिल्ली: ईरान ने कहा है कि उसे जारी संघर्ष को खत्म करने को लेकर अमेरिका के साथ प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (MoU) का शुरुआती अनौपचारिक मसौदा मिला है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार ईरान के सरकारी टेलीविजन की ओर से इस बारे में जानकारी दी गई।
रिपोर्ट के मुताबिक इसमें कहा गया है कि ईरान एक महीने के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली कमर्शियल शिपिंग को पहले की तरह बहाल कर देगा, जबकि अमेरिका ईरानी इलाके के आसपास से सैन्य बलों को बुला लेगा और नौसैनिक नाकाबंदी हटा लेगा।
सरकारी टीवी के अनुसार कि इसमें सैन्य जहाजों को शामिल नहीं किया गया है। साथ ही इसमें ईरान द्वारा ओमान के सहयोग से होर्मुज के माध्यम से जहाज यातायात का प्रबंधन करने की परिकल्पना की गई है। रिपोर्ट के अनुसार हालांकि, अभी तक इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है और तेहरान बिना ठोस सत्यापन के कोई कदम नहीं उठाएगा।
समझौते में यह भी कहा गया है कि यदि तेहरान और वाशिंगटन के बीच 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौता हो जाता है, तो इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) द्वारा बाध्यकारी प्रस्ताव के रूप में अनुमोदित किया जा सकता है।
शांति समझौते के करीब ईरान-अमेरिका?
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौता युद्ध शुरू होने के बाद कई स्तरों की बातचीत का परिणाम बताया जा रहा है। 28 फरवरी को जंग के शुरू होने के बाद बैक चैनल के जरिए कई अप्रत्यक्ष बातें हुई हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन बातचीतों में पाकिस्तान ने प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभाई और दोनों पक्षों के बीच संवाद आगे बढ़ा।
यह संघर्ष फरवरी में ईरान और इजराइल के बीच तनाव बढ़ने के बाद शुरू हुआ था। इसके कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाला व्यापार प्रभावित हुआ। बाद में अमेरिकी सेना ने भी इसके आसपास घेराबंदी कर दी। बिगड़ते हालात के बीच हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम की घोषणा की और कुछ दिनों के लिए इससे इलाके में शांति है।
संघर्षविराम के बीच अमेरिकी कार्रवाई
इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसी हफ्ते बताया कि उसने मंगलवार तड़के दक्षिणी ईरान में ‘आत्मरक्षा के तहत हमले’ किए। अमेरिका का दावा था कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों को ईरानी बलों से संभावित खतरे से बचाने के लिए की गई। ईरानी मीडिया ने बताया कि होर्मुज के पास बांदर अब्बास में विस्फोट हुए। ये अमेरिकी हमले 8 अप्रैल को वाशिंगटन और तेहरान के बीच युद्धविराम के बावजूद हुए। दक्षिणी क्षेत्र में अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी थी। इससे हालात एक बार फिर बिगड़ने की संभावना बन गई थी।
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