नई दिल्ली: फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के समर्थन में बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रहते भारत पर कोई हमला होता है, तो अमेरिका उसकी मदद के लिए साथ खड़ा रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने प्रधानमंत्री के साथ अपनी बातचीत को ‘बहुत अच्छा’ बताया और वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच रणनीतिक सहयोग जारी रहने का संकेत दिया। इसी दौरान ट्रंप ने कहा, ‘अगर मोदी नेता रहते हैं और भारत पर हमला होता है तो हम वहां मदद के लिए मौजूद होंगे।’
इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीधे तौर पर पीएम मोदी का जिक्र करते हुए कहा, ‘अगर कोई उस व्यक्ति पर हमला करता है, तो हम वहां मौजूद रहेंगे।’ फिर हल्के-फुल्के अंदाज में ट्रंप ने कहा, ‘अब, अगर कोई नया नेता आता है, तो मुझे पक्का नहीं पता…।’
ट्रंप का ये बयान पत्रकारों द्वारा भारत और अमेरिका के बीच डिफेंस डील की संभावना को लेकर पूछे गए सवाल पर आया। ट्रंप ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह एक बहुत अच्छा रिश्ता है। मैं आपको यह बता सकता हूं, बिना किसी कॉन्ट्रैक्ट के भी- हमारे पास कोई औपचारिक (आपसी रक्षा) कॉन्ट्रैक्ट नहीं है; सही कॉन्ट्रैक्ट होना जरूरी है, लेकिन अगर उन पर हमला हुआ, तो हम मदद के लिए वहां मौजूद रहेंगे।’
‘पीएम मोदी टफ ट्रेडर हैं…’
ट्रंप की ओर से भारत के समर्थन की बातें दोनों नेताओं के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान कहीं गईं। इस बैठक में व्यापार, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा हुई।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी की बातचीत और मोलभाव की क्षमता की भी तारीफ की और उन्हें दोनों देशों के बीच चल रही व्यापार वार्ता में एक मजबूत साथी बताया। ट्रंप ने कहा, ‘वह एक टफ ट्रेडर हैं।’ साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वॉशिंगटन और नई दिल्ली व्यापार समझौतों पर काम कर रहे हैं।
वहीं, पीएम मोदी ने कहा, ‘पिछली बार हम वॉशिंगटन में मिले थे। उसके बाद से हमारे रिश्तों में नई गति और नई ऊर्जा आई है। कई मामलों में हम साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं। हमारे लिए यह खुशी की बात है कि हम साथ काम कर रहे हैं और हमारी दोनों टीमें तय किए गए लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश कर रही हैं। हम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।’
गौरतलब है कि दोनों देशों के रिश्तों में व्यापार हमेशा से एक अहम मुद्दा रहा है। दोनों देश टैरिफ, मार्केट तक पहुँच और सप्लाई चेन से जुड़े मतभेदों को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही टेक्नोलॉजी, डिफेंस और एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की कोशिशें हो रही हैं। हालांकि, ट्रंप का रवैया बहुत ढुलमुल और हमेशा बदलने वाला रहा है।
बहरहाल, फ्रांस के एवियन में हुई यह बैठक पिछले साल फरवरी में हुई शिखर वार्ता के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली आमने-सामने की मुलाकात थी। इन 16 महीनों के बीच में ट्रंप के भारत को लेकर अलग-अलग बयान, टैरिफ और ऑपरेशन सिंदूर पर दावे से दोनों देशों के बीच रिश्तों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। साथ ही यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब एक संभावित व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है और साथ ही पश्चिम एशिया के संकट को सुलझाने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं।
समुद्री जहाजों की सुरक्षा का भी मुद्दा उठा
इस बैठक के दौरान पीएम मोदी ने ईरान के साथ शांति समझौते के प्रयासों के लिए ट्रंप की सराहना की। साथ ही, समझौते के तहत समुद्री जहाजों और उनमें सवार लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की। पीएम ने ट्रंप से कहा कि पश्चिम एशिया में शांति के प्रयास में जो प्रगति हुई है, उसके लिए मैं आपका अभिनंनद करता हूं। हम आशा करते हैं कि ये शांति बनी रहेगी।
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने भारतीय जहाजों और उनमें सवार लोगों का भी जिक्र किया। पीएम ने कहा कि मैरीटाइम ट्रेड की दनिया में भारत के लाखों सी-फेरर विश्व के अलग-अलग हिस्सों में सेवाएं दे रहे हैं। विश्व की प्रगति में बहुत बड़ा योगदान दे रहे हैं। उनकी सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
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