असम में भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने एक बार फिर हिमंता बिस्वा सरमा पर भरोसा जताया है। भाजपा विधायक दल और एनडीए विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया। इसके साथ ही सरमा के दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है।
जानकारी के अनुसार, हिमंता बिस्वा सरमा 12 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह गुवाहाटी में आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे।
शपथ की तैयारियां शुरू
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने मीडिया को बताया कि समारोह की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि यह असम की राजनीति के लिए ऐतिहासिक क्षण होगा। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री के साथ 102 विधायक भी शपथ लेंगे और पूरा कार्यक्रम प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में संपन्न होगा।
सरकार गठन की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा कराने के लिए भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने विशेष जिम्मेदारियां सौंपी थीं। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को पर्यवेक्षक बनाया गया था, जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। दोनों नेताओं ने विधायक दल की बैठक और सरकार गठन की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई।
हिमंता बिस्वा सरमा का जन्म 1 फरवरी 1969 को गुवाहाटी में हुआ था। उन्होंने गौहाटी विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एमए और पीएचडी की डिग्री हासिल की है। इसके अलावा उन्होंने एलएलबी की पढ़ाई भी की है। उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा एक जानी-मानी उद्यमी हैं। परिवार में एक बेटा नंदील और एक बेटी सुकन्या हैं।
असम की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले हिमंता बिस्वा सरमा के दोबारा मुख्यमंत्री बनने को भाजपा के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है। उनके नेतृत्व में राज्य में भाजपा की लगातार मजबूत होती स्थिति को देखते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है।
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समाचार एजेंसी आईएएनएस इनपुट



