लंदनः इंग्लैंड क्रिकेट में रविवार (12 जुलाई) को बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने ब्रेंडन मैकुलम को टेस्ट कोच के पद से हटाने का फैसला किया है। ईसीबी का यह फैसला पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के कुछ दिनों बाद आया है।
मैकुलम के जाने से बैजबॉल क्रिकेट का अंत हो गया है। इसकी चर्चाएं होना स्वाभाविक है क्योंकि मैकुलम ने बीते कुछ वर्षों में टेस्ट क्रिकेट खेलने के तरीके को बदला था।
ईसीबी का यह फैसला टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड के लगातार खराब प्रदर्शन के बाद आया है। बता दें कि मैकुलम एरा में स्टोक्स इंग्लैंड टीम के कप्तान थे। मैकुलम और स्टोक्स के इस्तीफे के बाद इंग्लैंड को अब टेस्ट फॉर्मेट में स्थायी कोच और कप्तान की तलाश होगी।
ब्रेंडन मैकुलम ने क्या कहा?
मैकुलम ने अपने बयान में कहा कि टेस्ट टीम को छोड़ना उनके लिए भावनात्मक फैसला है लेकिन वह इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के निर्णय का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें टेस्ट टीम के साथ काम करना बेहद पसंद रहा और इस दौरान मिली उपलब्धियों पर उन्हें गर्व है।
उन्होंने कहा कि ” मुझे टेस्ट टीम को कोचिंग देना बहुत पसंद था। हमने साथ मिलकर कई शानदार पल देखे और कुछ मुश्किल दौर भी आए। यह मेरे लिए सम्मान की बात रही कि मुझे इंग्लैंड जैसी टीम के साथ काम करने का मौका मिला। खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और प्रशंसकों ने इस सफर में जो समर्थन दिया, उसके लिए मैं आभारी हूं। “
मैकुलम ने यह भी स्पष्ट किया कि अब उनका पूरा ध्यान इंग्लैंड की व्हाइट-बॉल टीमों को आगे ले जाने पर रहेगा। उन्होंने कहा कि टेस्ट टीम में काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और उन्हें उम्मीद है कि टीम भविष्य में बड़ी सफलताएं हासिल करेगी।
इंग्लैंड के साथ बतौर कोच 2022 में शुरू हुआ था सफर
गौरतलब है कि ब्रेंडन मैकुलम का टेस्ट कोच के रूप में कार्यकाल 2022 में शुरू हुआ था। उनके आने के बाद इंग्लैंड ने आक्रामक और निडर क्रिकेट की नई शैली अपनाई जिसे ‘बैजबॉल’ नाम दिया गया। इस रणनीति ने शुरुआत में शानदार परिणाम दिए और इंग्लैंड ने कई यादगार जीत दर्ज कीं। टीम के बल्लेबाजों ने जोखिम लेने वाली शैली अपनाई और टेस्ट क्रिकेट को तेज गति से खेलने की कोशिश की।
हालांकि, पिछले कुछ समय में टीम के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली। इंग्लैंड ने अपने पिछले नौ टेस्ट मुकाबलों में से सात गंवाए। इसमें ऑस्ट्रेलिया में खेली गई एशेज सीरीज में 4-1 की हार और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर 2-1 से मिली हार शामिल है। न्यूजीलैंड के खिलाफ यह हार इंग्लैंड की 14 वर्षों में तीन या उससे अधिक टेस्ट मैचों की पहली घरेलू सीरीज हार थी।
इसके अलावा मैदान के बाहर की घटनाओं ने भी टीम की छवि को प्रभावित किया। खिलाड़ियों से जुड़े अनुशासनात्मक मामलों और विवादों के कारण ईसीबी को टीम के भविष्य और नेतृत्व को लेकर नए सिरे से विचार करना पड़ा।
ECB के अधिकारी ने मैकुलम की तारीफ की
ईसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड गोल्ड ने मैकुलम के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इंग्लैंड टेस्ट टीम में नई ऊर्जा भरी और कई यादगार जीत दिलाईं। उन्होंने कहा कि अब एशेज सीरीज की तैयारी को देखते हुए टीम में बदलाव करने का सही समय है।
इंग्लैंड पुरुष टीम के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने भी मैकुलम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मैकुलम के नेतृत्व में टीम की मानसिकता बदली और उन्होंने खिलाड़ियों की नई पीढ़ी को विकसित करने में अहम भूमिका निभाई।
बता दें कि मैकुलम के कोच रहते इंग्लैंड ने 49 मैचों में 27 जीत हासिल की जबकि 20 मैचों में हार का सामना करना पड़ा। दो मैच ड्रॉ रहे।
ईसीबी ने पुष्टि की है कि नए टेस्ट हेड कोच की तलाश तुरंत शुरू की जाएगी। वहीं, मैकुलम का व्हाइट-बॉल टीम के साथ अनुबंध अगले साल होने वाले 50 ओवर के विश्व कप तक जारी रहेगा। अब इंग्लैंड की नजर नए नेतृत्व के साथ टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने और आगामी एशेज अभियान को मजबूत बनाने पर होगी।
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(समाचार एजेंसी आईएएनएस से इनपुट्स के साथ)



