दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 9 संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। इनके बारे में आरोप है कि इनका संबंध पाकिस्तान स्थित एक नेटवर्क से है। इसमें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और मुंबई अंडरवर्ल्ड के कुछ तत्व शामिल हो सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, ये आरोपी दिल्ली, मुंबई और अन्य प्रमुख शहरों में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों तथा सुरक्षा बलों पर हमलों की साजिश रच रहे थे।
जांच एजेंसियों के मुताबिक यह समूह सीमा पार बैठे अपने आकाओं के निर्देश पर काम कर रहा था। इन्हें दहशत फैलाने और सुरक्षा व्यवस्था को बाधित करने के उद्देश्य से चुनिंदा हमले करने का जिम्मा सौंपा गया था। स्पेशल सेल ने खुफिया एजेंसियों से मिली सूचनाओं के आधार पर एक साथ अभियान चलाकर इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के अनिल शुक्ला ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों से ग्लॉक पिस्तौल, 25 कारतूस और पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री में बने चार ग्रेनेड भी बरामद किए गए हैं। बाद में एनएसजी की मदद से मेहरौली के एक सुनसान इलाके में इन ग्रेनेडों को नष्ट कर दिया गया।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि ये हथियार सीमा पार नेटवर्क का उपयोग करके ड्रोन के जरिए भारत में गिराए गए थे। जांच में पता चला है कि आरोपी कथित तौर पर शहजाद भट्टी नेटवर्क के माध्यम से आईएसआई के संपर्क में थे और संभावित टार्गेट के बारे में निर्देश प्राप्त कर रहे थे। अधिकारियों को संदेह है कि यह मॉड्यूल महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और सुरक्षा बलों के सदस्यों पर हमले की योजना बना रहा था।
मुंबई दिल्ली जैसे कई शहरों को दहलाने की साजिश!
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने मुंबई और दिल्ली में व्यापक रेकी की थी। इसमें मुंबई के कई पुलों की रेकी शामिल है। जबकि दिल्ली में कई सरकारी इमारतों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और सुरक्षाकर्मियों वाले स्थानों पर रेकी की गई थी। पुलिस ने आरोपियों से दिल्ली और मुंबई के कई रणनीतिक स्थानों के जासूसी वीडियो भी बरामद किए हैं। फुटेज में कथित तौर पर मुंबई का दादर रेलवे स्टेशन, प्रमुख पुल और पार्क जैसी जगहें शामिल हैं। दिल्ली में वे रक्षा या सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमले की तैयारी कर रहे थे। सुरक्षा एजेंसियां बरामद सामग्री की जांच कर रही हैं और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी दिल्ली, महाराष्ट्र और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों से हैं। शुक्ला ने बताया कि पुणे में विजय शूटर नाम के डॉन को गिरफ्तार किया गया है। नीतीश पासवान को साहिबगंज से गिरफ्तार किया गया, जबकि तौकीर और अरबाज को मुंबई से पकड़ा गया। हरविंदर और मनजीत को भी दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। दिल्ली में चंदा जुटाने आए 66 वर्षीय एक नेपाली व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया।
अंडरवर्ल्ड कनेक्शन की भी जांच
जांचकर्ता आरोपियों और मुंबई अंडरवर्ल्ड के बीच कथित संबंधों की भी जांच कर रहे हैं, क्योंकि दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील का करीबी सहयोगी मुन्ना झिंगरा इस मामले में एक अहम कड़ी के रूप में सामने आया है। शुक्ला के अनुसार, झिंगरा पाकिस्तान से आतंकी गतिविधियों को चला रहा है।
जांचकर्ताओं के मुताबिक माना जा रहा है कि वह सैयद मुद्दसर हुसैन हो सकता है। वह फिलहाल पाकिस्तान में रह रहा है और खबरों के मुताबिक, वह 2000 में छोटा राजन पर हुए हमले में शामिल था।
वह मूल रूप से भारत का रहने वाला है, लेकिन जब वह बैंकॉक में था, तब दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील ने आईएसआई के साथ मिलकर बैंकॉक की एक अदालत में कई वकीलों को तैनात किया और उसे पाकिस्तानी नागरिक साबित करने में कामयाबी हासिल की। इसके चलते उसे पाकिस्तान प्रत्यर्पित कर दिया गया था।
इस बीच स्पेशल सेल अब इस पूरे मॉड्यूल से जुड़े वित्तीय लेन-देन, संचार रिकॉर्ड और व्यापक नेटवर्क की जांच कर रही है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या देश के अन्य हिस्सों में अतिरिक्त ऑपरेटिव सक्रिय हैं।
ये गिरफ्तारियां बढ़ी हुई सुरक्षा चिंताओं के बीच हुई हैं। अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को संभावित आतंकी साजिश को रोकने में एक महत्वपूर्ण सफलता बताया है। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, जबकि खुफिया एजेंसियां नेटवर्क के पैमाने और इसके कथित सीमा पार संबंधों का आकलन अभी और विस्तृत तरीके से करने में जुटी हैं।
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