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बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन में AI का नहीं हुआ इस्तेमाल, रिजल्ट के बाद उपजे विवाद पर CBSE की सफाई

13 मई को सीबीएसई 12वीं कक्षा के नतीजे जारी किये गए थे। इनमें 85.20 फीसदी ने परीक्षा उत्तीर्ण की थी।

cbse board clarification after result row said ai not used in evaluation
photo - IANS

नई दिल्लीः सीबीएसई कक्षा 12 की मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच बोर्ड ने सफाई दी है। स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने बोर्ड की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली का बचाव करते हुए कहा कि इसे पारदर्शिता और मानकीकरण में सुधार के लिए लागू किया गया था। गौरतलब है कि 13 मई को सीबीएसई ने इंटरमीडिएट का रिजल्ट जारी किया था। इसके बाद मूल्यांकन में एआई के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठने लगे थे।

कुमार ने कहा कि “छात्रों की चिंताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। 2014 में यह तकनीक तैयार नहीं थी, लेकिन अब इसे पुनः लागू कर दिया गया है। आईसीएआई, आईबी और कैम्ब्रिज भी इसी तरह की प्रणालियों का पालन करते हैं।”

CBSE ने स्पष्टीकरण में क्या कहा?

बोर्ड की तरफ से यह स्पष्टीकरण तब आया है जब कई छात्रों ने सीबीएसई कक्षा 12, 2026 के बोर्ड परिणामों में कम अंक, बिना जांचे उत्तर और अनियमितताओं का आरोप लगाया। इससे डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया की आलोचना शुरू हो गई।

सीबीएसई ने उन छात्रों के लिए एक बहुस्तरीय समीक्षा तंत्र की घोषणा की है जो अंकों में सुधार चाहते हैं। 19 से 22 मई के बीच छात्र सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन का अनुरोध करने से पहले मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इसके लिए शुल्क घटाकर 100 रुपये प्रति प्रति और 25 रुपये प्रति प्रश्न कर दिया गया है। बोर्ड ने कहा कि समीक्षा के बाद अंक बढ़ने पर शुल्क वापस कर दिया जाएगा। इंडिया टुडे ने अधिकारियों के हवाले से लिखा कि इस वर्ष लगभग 98.6 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया। इनमें से लगभग 13,000 त्रुटियां पाई गईं और बाद में उनकी मैन्युअल रूप से पुनः जांच की गई।

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OSM प्रणाली का किया बचाव, आगे भी जारी रहेगा सिस्टम

सीबीएसई ने बताया कि ओएसएम के तहत प्रत्येक उत्तर का मूल्यांकन व्यक्तिगत रूप से किया जाता है और मूल्यांकनकर्ताओं को पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों और अंकन योजनाओं का उपयोग करके प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के बाद लगभग 77,000 शिक्षकों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में भाग लिया।

बोर्ड ने शुरुआत में कुछ तकनीकी खराबी स्वीकार की लेकिन कहा कि सिस्टम बाद में स्थिर हो गया। अधिकारियों ने यह भी बताया कि मूल्यांकन प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग नहीं किया गया।

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फोटोः एक्सआईएएनएस

अधिकारियों ने कहा कि मूल्यांकन में कोई बदलाव नहीं किया गया है बल्कि केवल मानकीकरण लागू किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में भी यह प्रणाली लागू रहेगी। लाखों छात्र कॉलेज में दाखिले के लिए कक्षा 12 के अंकों पर निर्भर हैं। ऐसे में सीबीएसई द्वारा मूल्यांकन संबंधी चिंताओं से निपटने के तरीके पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

बताते चलें कि 13 मई को जारी नतीजों में 85.20 फीसदी छात्रों ने परीक्षा उत्तीर्ण की। इस साल 17,68,482 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि 17,04,367 परीक्षा में शामिल हुए। इसमें 15,40,934 स्टूडेंट ने 12वीं बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण की है। लड़कियों ने एक बार फिर लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया है। उनका पास प्रतिशत 88.86% रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 82.13% है। वहीं, ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों का पास प्रतिशत 100% है।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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