Home विश्व अमेरिका का नाइजीरिया में ISIS पर बड़ा हमला, बोले ट्रंप- ईसाइयों की...

अमेरिका का नाइजीरिया में ISIS पर बड़ा हमला, बोले ट्रंप- ईसाइयों की हत्याएं नहीं रुकी तो..

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि कमांडर-इन-चीफ के तौर पर उनके निर्देश पर अमेरिकी सेना ने यह हमला किया। उन्होंने दावा किया कि आईएसआईएस आतंकी निर्दोष ईसाइयों की बर्बर हत्या कर रहे थे और यह हिंसा कई दशकों, बल्कि सदियों में न देखे गए स्तर तक पहुंच गई थी।

0
US struck Islamic State terrorists in Nigeria

वाशिंगटनः अमेरिका ने गुरुवार को क्रिसमस के मौके पर आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। अमेरिकी सेना ने उत्तर-पश्चिमी नाइजीरिया में आईएसआईएस (ISIS) आतंकियों के ठिकानों पर भीषण एयरस्ट्राइक की जिसमें कई आतंवादियों के मारे गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक यह कार्रवाई उन आतंकियों के खिलाफ की गई, जो लंबे समय से ईसाई समुदाय को निशाना बनाकर हिंसक हत्याएं कर रहे थे।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि कमांडर-इन-चीफ के तौर पर उनके निर्देश पर अमेरिकी सेना ने यह हमला किया। उन्होंने दावा किया कि आईएसआईएस आतंकी निर्दोष ईसाइयों की बर्बर हत्या कर रहे थे और यह हिंसा कई दशकों, बल्कि सदियों में न देखे गए स्तर तक पहुंच गई थी। ट्रंप ने इन हमलों को अमेरिका के तथाकथित डिपार्टमेंट ऑफ वॉर द्वारा अंजाम दी गई सटीक सैन्य कार्रवाई बताया।

ट्रंप ने लिखा कि उनके निर्देश पर अमेरिकी सेना ने उत्तर-पश्चिमी नाइजीरिया में उन आतंकियों को निशाना बनाया है, जो सदियों पुराने स्तर पर मासूम ईसाईयों की हत्या कर रहे थे। ट्रंप ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर ईसाईयों का शिकार बंद नहीं हुआ, तो इसकी भारी कीमत चुकानी होगी, और आज रात वह कीमत चुका दी गई। अपने संदेश के अंत में ट्रंप ने सभी को क्रिसमस की बधाई दी, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ दिया कि मरे हुए आतंकियों के लिए भी यह ‘मैरी क्रिसमस’ है और अगर हिंसा नहीं रुकी तो ऐसे और भी कई आतंकी ढेर किए जाएंगे।

अमेरिकी सेना ने हमले का जारी किया वीडियो

अमेरिकी सेना की अफ्रीका कमांड (AFRICOM) ने एक्स पर जानकारी दी कि यह स्ट्राइक नाइजीरियाई सरकार के अनुरोध पर की गई और इसमें आईएसआईएस के कई आतंकवादी मारे गए। इसके बाद अमेरिकी रक्षा विभाग ने एक वीडियो फुटेज भी जारी किया, जिसमें एक एयरक्राफ्ट कैरियर से मिसाइल दागे जाने के दृश्य दिखाई दिए। यह ट्रंप के मौजूदा कार्यकाल में नाइजीरिया में अमेरिकी सेना की पहली सीधी सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है।

ईसाइयों पर हमलों को लेकर ट्रंप का सख्त रुख

ट्रंप बीते कुछ महीनों से नाइजीरिया में ईसाइयों की स्थिति को लेकर लगातार बयान देते रहे हैं। अक्टूबर और नवंबर में उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर ईसाई समुदाय पर हमले नहीं रुके, तो अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप कर सकता है। नवंबर में उन्होंने अपने रक्षा सचिव से संभावित कार्रवाई की तैयारी” करने को कहा था और यहां तक कहा था कि अमेरिका जरूरत पड़ी तो गन्स-ए-ब्लेजिंग नाइजीरिया में घुस सकता है।

हालांकि, नाइजीरियाई सरकार ने इस हमले को आतंकवाद के खिलाफ साझा सहयोग का हिस्सा बताया है, लेकिन ट्रंप के धार्मिक नैरेटिव से खुद को अलग रखा है। नाइजीरियाई विदेश मंत्रालय और विशेषज्ञों का तर्क है कि वहां की सुरक्षा स्थिति कहीं अधिक जटिल है और आतंकी समूह केवल ईसाईयों को ही नहीं, बल्कि मुसलमानों को भी अपना निशाना बनाते हैं।

नाइजीरिया का मानना है कि इस हिंसा को केवल धार्मिक उत्पीड़न के चश्मे से देखना वहां के आंतरिक संघर्षों की पूरी हकीकत नहीं बयां करता। इसके बावजूद, ट्रंप की इस गन-ब्लेजिंग कूटनीति ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है, क्योंकि यह सीधे तौर पर एक संप्रभु राष्ट्र की सीमाओं के भीतर अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की शुरुआत का संकेत है।

नाइजीरिया अफ्रीक का सबसे बड़ी आबादी वाला देश

गौरतलब है कि नाइजीरिया अफ्रीका का सबसे अधिक आबादी वाला देश है, जहां आबादी लगभग बराबर हिस्सों में बंटी है। देश के उत्तर में मुख्य रूप से मुस्लिम समुदाय रहता है, जबकि दक्षिणी हिस्सों में ईसाइयों की संख्या अधिक है। अतीत में यहां कई बार सांप्रदायिक हिंसा देखने को मिली है। स्वतंत्र विश्लेषकों और नाइजीरियाई अधिकारियों का कहना है कि हिंसा को सिर्फ धार्मिक उत्पीड़न के चश्मे से देखना स्थिति को और भड़का सकता है।

author avatar
अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version