दिवंगत कारोबारी संजय कपूर की करोड़ों की संपत्ति को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। संजय कपूर की माँ रानी कपूर ने एक याचिका दायर की है जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिवंगत कारोबारी की पत्नी प्रिया कपूर सचदेव, बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों और अन्य संबंधित पक्षों सहित कुल 22 लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
रानी कपूर ने अपनी याचिका में ‘सोना कॉमस्टार’ और संजय कपूर की अन्य संपत्तियों व एस्टेट की सुरक्षा की मांग की है। उनकी दलील है कि जब तक विरासत से जुड़ा कानूनी विवाद अदालत में लंबित है, तब तक संपत्तियों में किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप पर रोक लगाई जानी चाहिए। याचिका में आशंका जताई गई है कि अगर समय रहते इन परिसंपत्तियों को संरक्षित नहीं किया गया, तो इनके बिखरने या गलत तरीके से इस्तेमाल होने का खतरा पैदा हो सकता है।
रानी कपूर ने अपनी याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशों को भी चुनौती दी है। याचिका में कहा है कि अब तक हाईकोर्ट की तरफ से संपत्ति और एस्टेट को सुरक्षित रखने के लिए कोई ठोस आदेश जारी नहीं किया गया है। इसी वजह से उन्हें सुप्रीम कोर्ट का रुख करना पड़ा।
‘मुकदमा लंबा चलेगा, अपसी सहमति से सुलझा लें’
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की मेरिट पर सुनवाई के लिए सहमति तो दे दी है, लेकिन मानवीय और व्यावहारिक पक्ष को देखते हुए रानी कपूर को एक विशेष सलाह भी दी।
अदालत ने कहा, “इस मामले की कानूनी प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है और आपकी उम्र वर्तमान में 80 वर्ष है। ऐसे में बेहतर होगा कि पक्षकार आपसी सहमति और मध्यस्थता के जरिए समाधान निकालने की कोशिश करें।”
अदालत ने स्पष्ट किया कि यद्यपि वह मामले की सुनवाई जारी रखेगी, लेकिन दोनों पक्षों के लिए आपसी समझौता सबसे सुगम रास्ता होगा। इस मामले की अगली सुनवाई अब अगले सप्ताह होनी तय है।
विवाद की जड़ः वसीयत और दावे
यह पूरा विवाद संजय कपूर के निधन के बाद उनकी लगभग 30,000 करोड़ रुपये की विशाल संपत्ति को लेकर शुरू हुआ। संजय कपूर की बहन मंधिरा कपूर ने वसीयत की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वसीयत में परिवार के कुछ सदस्यों, विशेषकर करिश्मा कपूर और उनके बच्चों के अधिकारों को नजरअंदाज किया गया है। दूसरी ओर, संजय कपूर की वर्तमान पत्नी प्रिया कपूर सचदेव ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि वह पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत काम कर रही हैं।
इस विवाद में संजय कपूर की माँ रानी कपूर का कहना है कि उनके दिवंगत पति सुरिंदर कपूर (सोना ग्रुप ऑफ कंपनीज के प्रमोटर) की पूरी संपत्ति की एकमात्र लाभार्थी थीं। उनका आरोप है कि उनके साथ एक सुनियोजित धोखाधड़ी की गई और उनकी जानकारी के बिना उनकी सभी संपत्तियों और विरासत को ‘आरके फैमिली ट्रस्ट’ में स्थानांतरित कर दिया गया।
रानी कपूर ने इस साल जनवरी में याचिका दायर कर दिल्ली हाई कोर्ट से अपने परिवार के ‘आरके फैमिली ट्रस्ट’ को “अवैध और शून्य” घोषित करने की मांग की। रानी कपूर ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि अक्टूबर 2017 में उनके नाम पर बनाया गया यह ट्रस्ट “जाली, मनगढ़ंत और फर्जी” दस्तावेजों का परिणाम है। उन्होंने अदालत से गुहार लगाई है कि उनकी बहू प्रिया कपूर सचदेव, पोते-पोतियों और अन्य प्रतिवादियों को इस ट्रस्ट के माध्यम से किसी भी तरह की गतिविधि करने या संपत्ति का उपयोग करने से स्थायी रूप से रोका जाए।
याचिका में यह भी दावा किया गया है कि जीवित रहते हुए संजय कपूर ने कभी भी अपनी माँ को यह नहीं बताया कि उन्हें उनके अधिकारों और संपत्तियों से वंचित कर दिया गया है। रानी कपूर का कहना है कि उन्हें इस तथाकथित ट्रस्ट की कॉपी तक कभी उपलब्ध नहीं कराई गई।
मुकदमे में कहा गया है कि प्रिया कपूर और अन्य प्रतिवादियों ने रानी कपूर के दिवंगत बेटे संजय कपूर के साथ मिलकर अवैध लेनदेन का एक जटिल जाल बुना। इसके जरिए वादी (रानी कपूर) की जानकारी के बिना उनकी सारी संपत्ति एक फर्जी ट्रस्ट के हवाले कर दी गई। इस कानूनी लड़ाई में संजय कपूर की दूसरी पत्नी और अभिनेत्री करिश्मा कपूर के दोनों बच्चे भी शामिल हैं।
संजय कपूर का नाम और यह विवाद इसलिए भी अधिक चर्चा में है क्योंकि उनका विवाह बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर से हुआ था। 2003 में हुई इस शादी से उनके दो बच्चे हैं। साल 2016 में तलाक होने के बाद संजय कपूर ने प्रिया सचदेव से शादी की थी। अब इस संपत्ति विवाद में करिश्मा के बच्चों को भी नोटिस जारी होने से मामले ने और अधिक सुर्खियां बटोर ली हैं।

