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आजम खान 23 महीने बाद सीतापुर जेल से रिहा, बसपा में जाने के सवाल पर क्या कहा?

आजम खान शाहजहांपुर पहुंच गए हैं, जहां कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। रामपुर स्थित उनके आवास पर हालांकि उनकी पत्नी डॉ. तजीन फातिमा के अलावा कोई मौजूद नहीं था और घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था।

सीतापुर/रामपुर: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आजम खान मंगलवार दोपहर को 23 महीने बाद सीतापुर जेल से रिहा हो गए। उनकी रिहाई पर जेल के बाहर समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा थी, जिन्होंने अपने नेता का जोरदार स्वागत किया। जेल से बाहर आने के बाद, आजम खान ने कार के अंदर बैठे-बैठे ही हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन किया और आभार जताया। उन्होंने कहा कि सबका बहुत शुक्रिया। बहुत सी दुआएं उनके लिए जिन्होंने समर्थन दिया।

आजम खान की रिहाई पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने न्यायपालिका का धन्यवाद किया। साथ ही उन्होंने कहा है कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर आजम खान पर लगे सारे मुकदमे खत्म कर दिए जाएंगे।

अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ‘हमें उम्मीद है आने वाले समय में उनके सभी मुकदमे खत्म होंगे। जिस तरीके से मुख्यमंत्री जी ने अपने मुकदमे वापस लिए, डिप्टी सीएम के मुकदमे वापस लिए, तमाम भाजपाई नेताओं के मुकदमे वापस लिए, समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर जितने भी झूठे मुकदमे आजम खान साहब पर लगे हैं वो सब वापस लेने का काम होगा।’

साथ ही उन्होंने एक्स पर लिखा कि हर झूठ की एक मियाद होती है। अखिलेश ने पोस्ट में कहा, “आजम खान की रिहाई उन सभी के लिए खुशी की बात है, जो न्याय में विश्वास रखते हैं। आज फर्जी मुकदमे करने वालों को भी यह सबक मिल गया है कि हर झूठ की एक मियाद होती है और हर साजfश की भी।” उन्होंने आगे कहा कि आजम खान एक बार फिर हर पीड़ित और शोषित के साथ खड़े होंगे और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करेंगे।

आजम खान को लेने उनके दोनों बेटे-अदीब और अब्दुल्ला, 100 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे थे। इस दौरान 73 गाड़ियों का चालान भी कटा। पुलिस ने कहा कि ये सभी गाड़ियां नो पार्किंग जोन में खड़ी थीं। अदीब ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘आज के असली नायक आजम साहब हैं।’

तकनीकी अड़चनों की वजह से हुई रिहाई में देरी

बता दें कि आजम खान की रिहाई सुबह 9 बजे होनी थी, लेकिन कुछ कानूनी औपचारिकताओं के कारण इसमें देरी हुई। रामपुर कोर्ट में एक मामले में उन पर 6,000 रुपये का जुर्माना बकाया था, जिसके चलते उनकी रिहाई को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। जैसे ही कोर्ट सुबह 10 बजे खुला, उनके रिश्तेदार फरहान उल्लाह खान ने यह राशि जमा कर दी, जिसके बाद जेल अधिकारियों को एक ईमेल भेजकर रिहाई का रास्ता साफ किया गया।

आजम खान को जमानत बीयर बार पर कब्जे से जुड़े मामले में दी गई है। आजम खान पर इस आखिरी मामले में 5 दिन पहले हाईकोर्ट ने जमानत दी थी। हालांकि, जमानत मिलते ही पुलिस ने शत्रु संपत्ति मामले में नई धाराएं जोड़ दीं। शनिवार (20 सितंबर) को रामपुर कोर्ट ने ये धाराएं खारिज कर दीं, जिससे रिहाई का रास्ता साफ हो गया। यहां बता दें कि आजम पर कुल 104 केस दर्ज हैं।

आजम खान की रिहाई के दौरान जेल के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी और 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए धारा 144 भी लागू की गई थी और पुलिस ने ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल कर निगरानी की।

सपा में रहेंगे या बसपा में जाएंगे, आजम खान ने क्या कहा?

आजम खान की रिहाई के साथ ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में कई तरह की अटकलें भी लगाई जाने लगीं थीं। ऐसी चर्चा थी कि वे सपा छोड़कर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में शामिल हो सकते हैं। जेल से बाहर आने के बाद पत्रकारों ने जब उनसे सवाल किया तो उन्होंने कहा, “यह तो अनुमान लगाने वाले ही बता सकते हैं। मैं तो पांच साल से बाहरी दुनिया से संपर्क में नहीं था, जेल में तो किसी से बात भी नहीं हुई। फोन करने तक की इजाजत नहीं थी।”

उनकी रिहाई का स्वागत करते हुए सपा नेता शिवपाल यादव ने कहा कि आजम खान को सरकार द्वारा गलत तरीके से फंसाया गया था और अब उन्हें न्याय मिला है। बसपा में जाने की अटकलों को सपा सांसद रुचि वीरा ने भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि आजम खान सपा के संस्थापक सदस्य हैं और उन्होंने इस पार्टी को बड़े परिश्रम से सींचा है।

फिलहाल, आजम खान शाहजहांपुर पहुंच गए हैं, जहां कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। रामपुर स्थित उनके आवास पर हालांकि उनकी पत्नी डॉ. तजीन फातिमा के अलावा कोई मौजूद नहीं था और घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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