पश्चिम बंगाल में जारी तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी संकट के बीच पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी ने बागी नेताओं को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी छोड़ चुके नेता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में वापस लौट आते हैं, तो वह एक घंटे के भीतर पार्टी से इस्तीफा दे देंगे। अभिषेक बनर्जी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब टीएमसी के कई सांसद और विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं या बागी गुटों में शामिल हो गए हैं। इनमें से कई नेताओं ने पार्टी में जारी संकट के लिए अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली को ही जिम्मेदार ठहराया है।
अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को एक कार्यक्रम में कहा, ‘जो लोग पार्टी छोड़कर आज मुझे गालियां दे रहे हैं या मेरे ऊपर आरोप लगा रहे हैं, मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे दीदी (ममता बनर्जी) के पास वापस लौट आएं। अगर वे ऐसा करते हैं तो मैं एक घंटे के भीतर पार्टी से इस्तीफा दे दूंगा।’
उन्होंने आगे कहा कि यदि वास्तव में पार्टी में बगावत की वजह वह हैं, तो बागी नेताओं के टीएमसी में लौटते ही वह 24 घंटे के भीतर अपना पद छोड़ देंगे। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि बागी नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी से समझौता कर लिया है। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने भाजपा से डील कर ली है। पहले पार्टी छोड़ो, फिर बागी गुट या भाजपा में शामिल हो जाओ और उसके बाद अभिषेक बनर्जी को दोष दो।’
टीएमसी में बगावत
हाल के दिनों में खासकर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी को कई बड़े झटके लगे हैं। पार्टी के कई सांसद और नेता ममता बनर्जी का साथ छोड़ चुके हैं। इनमें सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं।
इसके अलावा काकोली घोष दस्तीदार, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, जगदीश चंद्र बसुनिया, अरूप चक्रवर्ती, शताब्दी रॉय, रचना बनर्जी, बापी हल्दार, मिताली बाग, खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान, असित माल, देव अधिकारी और पार्थ भौमिक समेत करीब 20 लोकसभा सांसदों ने त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल होने का ऐलान किया भाजपा को समर्थन देने की बात कही।
वहीं, हाल में मदन मित्रा भी टीएमसी के संगठनात्मक पदों से इस्तीफा देकर बागी गुट के साथ चले गए हैं। हालांकि उन्होंने विधायक पद नहीं छोड़ा है।
बहरहाल, इस बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी के इस्तीफे की पेशकश पर तंज कसते हुए कहा कि एक दिन वह बागी नेताओं को “लुटेरा” बताते हैं और अगले ही दिन उन्हें वापस आने का न्योता देते हैं। ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि अभिषेक बनर्जी को चुनाव परिणामों की जिम्मेदारी लेते हुए पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था।
इसी बीच शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने अमतला स्थित अभिषेक बनर्जी के पार्टी कार्यालय को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। प्रशासन का कहना है कि यह इमारत स्वीकृत भवन नक्शे के बिना बनाई गई थी और नियमों का उल्लंघन किया गया था। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेसीबी मशीनों की मदद से कार्रवाई की गई। मौके पर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की भी तैनाती की गई थी।
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