नई दिल्ली: आयरलैंड से पहली बार कोई टी20 सीरीज टीम इंडिया हार गई। पहले मैच में टीम इंडिया की हार और सलामी बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन के बाद फैंस को उम्मीद थी कि वैभव सूर्यवंशी को कम से कम दूसरे मुकाबले में डेब्यू को मौका मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ऐसे में अब भारतीय क्रिकेट में इस वक्त सबसे बड़ा सवाल सिर्फ आयरलैंड के खिलाफ मिली ऐतिहासिक टी20 सीरीज हार नहीं रह गई है। उससे भी बड़ा सवाल यह है कि आखिर 15 वर्षीय सनसनी वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया की प्लेइंग-11 में जगह कब मिलेगी?
यह सवाल इसलिए कि सूर्यवंशी आईपीएल 2026 के सबसे बड़े स्टार के रूप में टीम के साथ आयरलैंड पहुंचे थे। आयरलैंड से सीरीज हार के बाद अब 1 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज से पहले चयन नीति पर बहस तेज हो गई है। सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि भारत ने आयरलैंड जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीम के खिलाफ भी वैभव को डेब्यू का मौका नहीं दिया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे दौरे पर भी युवा खिलाड़ी को आजमाया नहीं जाएगा, तो फिर कब किया जाएगा?
क्या आयरलैंड नहीं था सबसे बेहतर मंच?
क्रिकेट में लंबे समय से यह अमूमन होता रहा है कि अपेक्षाकृत कमजोर टीमों के खिलाफ सीरीज में युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से परिचित कराया जाता है। ऐसे मुकाबलों में दबाव अपेक्षाकृत कम होता है और खिलाड़ी खुलकर अपना स्वाभाविक खेल दिखा सकता है।
यही वजह भी थी कि अधिकांश पूर्व क्रिकेटर और प्रशंसक उम्मीद कर रहे थे कि वैभव सूर्यवंशी को कम से कम एक मुकाबले में जरूर मौका मिलेगा। लेकिन टीम प्रबंधन ने दोनों मैचों में अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा जताया। पहले मैच में हार के बाद भी प्लेइंग-11 में कोई बदलाव नहीं किया गया और वैभव को बेंच पर ही बैठना पड़ा। उससे भी बुरी स्थिति ये हुई कि भारत सीरीज भी हार गया।
टीम मैनेजमेंट का तर्क क्या है?
भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने स्पष्ट किया कि वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन टीम अपने मौजूदा खिलाड़ियों का भरोसा नहीं तोड़ना चाहती। उनका कहना है कि संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी हाल ही में भारत को टी20 विश्व कप जिताने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। इसलिए टीम मैनेजमेंट खिलाड़ियों को लंबा अवसर देना चाहता है। उनके मुताबिक वैभव को भी बाकी खिलाड़ियों की तरह अपनी बारी का इंतजार करना होगा।
हालांकि, ये तर्क भी अपने आप में दिलचस्प है! आखिर आयरलैंड जैसी कमजोर मानी जाने वाली टीम के खिलाफ ही टीम इंडिया को अपनी कथित पूरी मजबूत स्ट्रेंथ क्यों दिखानी थी। अगर असिस्टेंट कोच के बयान को देखें तो टीम मैनेजमेंट का मानना है कि चयन केवल फॉर्म के आधार पर नहीं बल्कि ड्रेसिंग रूम में भरोसा बनाए रखने की नीति के तहत भी होना चाहिए। लेकिन यही तर्क सवालों के घेरे में भी है। यहीं से बहस शुरू होती है।
पूर्व दिग्गज भी उठा रहे सवाल, कैफ ने जताई हैरानी
पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ का कहना है कि यदि टीम मैनेजमेंट का तर्क विश्व कप विजेता खिलाड़ियों को मौका देने का है, तो फिर यही नियम सभी खिलाड़ियों पर समान रूप से लागू होना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि टी20 विश्व कप जीतने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव को भी बाद में कप्तानी और टीम से बाहर कर दिया गया। यदि युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने की नीति अपनाई जा सकती है, तो फिर आईपीएल का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे वैभव सूर्यवंशी को मौका देने में हिचकिचाहट क्यों?
कैफ के अनुसार अलग-अलग खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग मानदंड अपनाना चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। कैफ ने रोहित शर्मा का भी उदाहरण गिना दिया कि उन्हें भी चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम का कप्तान होने के बावजूद अगले कुछ दिन में युवा खिलाड़ियों को मौका देने और भविष्य की ओर कदम बढ़ाने के नाम पर हटा दिया गया। कैफ ने सवाल उठाया कि अभी भारतीय टीम के लिए वैभव सूर्यवंशी से ज्यादा बड़ा भविष्य कौन सा है।
सुनील गावस्कर ने क्या कहा?
सुनील गावस्कर भी उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने वैभव को आयरलैंड सीरीज में मौका नहीं मिलने पर निराशा जताई। उनका कहना है कि पिछले एक महीने से वह लगातार कह रहे थे कि वैभव को आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैच खेलने चाहिए थे। उनके अनुसार अगर युवा खिलाड़ी 10 या 15 रन बनाकर भी आउट हो जाता, तब भी कोई नुकसान नहीं था क्योंकि ऐसे मुकाबले ही नए खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए सबसे उपयुक्त होते हैं।
गावस्कर ने साथ ही कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 से ही वैभव को प्लेइंग-11 में शामिल किया जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की ओपनिंग जोड़ी को सीधे तोड़ना उचित नहीं होगा। ऐसे में वैभव को नंबर-3 पर भी खिलाया जा सकता है। उनके मुताबिक यदि भारत इंग्लैंड को चौंकाना चाहता है तो वैभव को शुरुआत से मौका देना चाहिए।
पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने भी टीम मैनेजमेंट की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि आईपीएल से पहले हुए टी20 विश्व कप के प्रदर्शन को प्राथमिकता दी गई, जबकि आईपीएल में शानदार फॉर्म में रहे खिलाड़ी को नजरअंदाज कर दिया गया। उनके अनुसार यदि कोई खिलाड़ी लगातार रन बना रहा है तो उसे मौका मिलना चाहिए। केवल पहले से तय सोच के आधार पर प्लेइंग-11 चुनना सही नहीं कहा जा सकता।
हालांकि इन विचारों से इतर पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि मौजूदा टीम संयोजन में उनके लिए जगह बनाना आसान नहीं है। अश्विन के मुताबिक संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा केवल टी20 टीम का हिस्सा हैं। यदि उन्हें इसी प्रारूप में पर्याप्त मौके नहीं मिलेंगे तो उनके पास खुद को साबित करने का कोई मंच नहीं बचेगा।
उनका कहना है कि वैभव निश्चित रूप से जगह के हकदार हैं, लेकिन किसी मौजूदा ओपनर को केवल उनके लिए बाहर करना उचित नहीं होगा। उनके अनुसार मौका तभी मिलना चाहिए जब किसी खिलाड़ी का फॉर्म खराब हो या फिर चोट जैसी स्थिति बने।
आखिर वैभव सूर्यवंशी की दावेदारी कितनी मजबूत है?
वैभव सूर्यवंशी का मामला केवल उनकी उम्र या लोकप्रियता का नहीं है। उनके पक्ष में सबसे बड़ा तर्क उनका प्रदर्शन है। आईपीएल-2026 में उन्होंने 16 पारियों में 776 रन बनाए। लगभग 237 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए वह टूर्नामेंट में ऑरेंज कैप विजेता बने।
इसके बाद भारत-ए के साथ श्रीलंका दौरे पर भी उन्होंने अपनी फॉर्म बरकरार रखी। त्रिकोणीय शृंखला के फाइनल में उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन बनाए, जिसमें मात्र 11 गेंदों में अर्धशतक भी शामिल था। यह लिस्ट-ए क्रिकेट के सबसे तेज अर्धशतकों में से एक रहा।
इधर आयरलैंड में टीम मैनेजमेंट ने जिन खिलाड़ियों पर भरोसा जताया, वे आयरलैंड सीरीज में उम्मीदों पर पूरी तरह खरे नहीं उतरे। संजू सैमसन दोनों मैचों में प्रभाव नहीं छोड़ सके, जबकि शीर्ष क्रम के अन्य बल्लेबाज भी संघर्ष करते दिखे। ऐसे में सवाल और तेज हो गया कि जब बल्लेबाजी लड़खड़ा रही थी तो फिर आईपीएल के सबसे इन-फॉर्म बल्लेबाज को आखिर क्यों नहीं आजमाया गया?
अब इंग्लैंड में क्या होगा…गौतम गंभीर और अय्यर देंगे मौका?
अब सारी निगाहें 1 जुलाई से शुरू होने वाली इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज पर हैं। गावस्कर का मानना है कि वैभव को पहले ही मैच से मौका मिलना चाहिए। वहीं टीम मैनेजमेंट के संकेत बताते हैं कि उनका डेब्यू अभी भी मौजूदा शीर्ष क्रम के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। संभव है कि सूर्यवंशी का इंतजार बढ़ सकता है।
वैसे, ये सवाल कोच गौतम गंभीर और टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर से तो बनता है कि आखिर टीम इंडिया की प्राथमिकता क्या होनी चाहिए। मौजूदा खिलाड़ियों को लंबा अवसर देना या उस खिलाड़ी को मौका देना जो इस समय देश का सबसे इन-फॉर्म टी20 बल्लेबाज है?
आयरलैंड दौरा शायद वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू के लिए सबसे आसान मंच माना जा रहा था। वह मौका निकल चुका है। अब इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम सामने होगी, जहां दबाव कहीं अधिक होगा। आयरलैंड से हारकर पहुंच रहे तो ये दबाव भी होगा।
ऐसे में 1 जुलाई का इंतजार भारतीय क्रिकेट फैंस को बेसब्री से है। अगर वैभव सूर्यवंशी को वहां भी मौका नहीं मिलता है, टीम इंडिया का प्रदर्शन औसत रहता है तो यह बहस और तेज होगी कि आखिर एक खिलाड़ी को टीम इंडिया की जर्सी पहनने के लिए और क्या करना होगा।
यह भी पढ़ें- अजय देवगन की ‘चौहान’ विवादों में क्यों, क्षत्रिय परिषद ने किस बात को लेकर जताई आपत्ति?

